अल्मोड़ा की नम्रता साह ने फतह किया मेरा पीक, उत्तराखंड का नाम किया रोशन
अल्मोड़ा की बेटी के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. अल्मोड़ा की नम्रता साह ने नेपाल के मेरा पीक पर सफल आरोहण किया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 4, 2026 at 9:26 AM IST
अल्मोड़ा (उत्तराखंड): अल्मोड़ा खत्याडी निवासी नम्रता साह ने नववर्ष में नेपाल स्थित 6,476 मीटर ऊंची मेरा पीक को सफलतापूर्वक फतह कर अल्मोड़ा समेत उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है. विश्व के सर्वाधिक ऊंचे ट्रेकिंग पीकों में गिने जाने वाले इस शिखर पर चढ़ाई उच्च हिमालयी पर्वतारोहण की दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है. नम्रता साह की उपलब्धि पर उनके परिजनों समेत उत्तराखंड के लोगों में खुशी की लहर है.
हौसलों से मेरा पीक किया फतह: अल्मोड़ा की बेटी ने फिर नया इतिहास रचा है. अल्मोड़ा की नम्रता साह ने मेरा पीक पर सफल आरोहण किया. यह शिखरारोहण सात सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ, जिसमें 1 जनवरी 2026 को शिखर तक पहुंचने वाली नम्रता साह एकमात्र भारतीय महिला रही. अत्यंत कठिन मौसम, कम ऑक्सीजन और चुनौतीपूर्ण भू-भाग के बावजूद उनकी यह सफलता उनके अदम्य साहस, शारीरिक सहनशक्ति और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है. नम्रता साह एक सेना अधिकारी की पत्नी व सात वर्षीय पुत्र की माता हैं.

पारिवारिक जिम्मेदारियों और पेशेवर जीवन में संतुलन: पारिवारिक जिम्मेदारियों और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने साहसिक खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. साल 2025 में उन्होंने एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक सफलतापूर्वक पूरा किया था, जहां वे 14 सदस्यीय दल में एकमात्र महिला थी, जिन्होंने एवरेस्ट बेस कैंप के साथ-साथ काला पत्थर शिखर तक भी पहुंच बनाई थी. खत्याड़ी, अल्मोड़ा निवासी कैलाश साह एवं मुन्नी साह की पुत्री नम्रता साह आर्मी पब्लिक स्कूल, अल्मोड़ा की पूर्व छात्रा हैं. वर्तमान में वह आर्मी पब्लिक स्कूल, अल्मोड़ा में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं और अपने अनुभवों व उपलब्धियों के माध्यम से विद्यार्थियों को साहसिक खेलों और अनुशासन के लिए प्रेरित कर रही हैं.

बढ़ाया अल्मोड़ा और प्रदेश का मान: पर्वतारोहण के अतिरिक्त नम्रता साह को यात्रा, साहसिक गतिविधियों और चित्रकला में विशेष रुचि है, जो उनके व्यक्तित्व में शारीरिक अनुशासन और रचनात्मकता का सुंदर संतुलन दर्शाती है. मेरा पीक पर उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अल्मोड़ा और पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है. उनकी यह उपलब्धि राज्य की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है. वहीं नम्रता साह की उपलब्धि पर परिजन काफी खुश हैं और लोग उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं.

