केतन अग्रवाल हत्याकांड में मध्य प्रदेश की डॉक्टर पर डेंटल एसोसिएशन का एक्शन, यह गलती पड़ी भारी
पुणे के केतन-सिया मर्डर केस का इंस्टाग्राम पर मजाक उड़ाने पर ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश की डेंटिस्ट डॉ. मुस्कान सोनी को कोषाध्यक्ष पद से हटाया. एसोसिएशन की सदस्यता भी निलंबित.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 30, 2026 at 10:19 PM IST
|Updated : June 30, 2026 at 11:02 PM IST
भोपाल: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मध्य प्रदेश की एक डॉक्टर भारी मुश्किलों में पड़ गई. डॉक्टर को उनके पद से हटा दिया गया, साथ ही बाकी अधिकार भी छीन लिए गए हैं. दरखासल डॉ. मुस्कान सोनी ने केतन हत्याकांड मामले में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करते हुए हत्याकांड को जायज ठहराया था और इस संबंध में कई बातें कही थीं. यह पोस्ट डॉक्टर ने #IHateMan हैशटैग के साथ पोस्ट की थी.
सतना की डॉक्टर पर की गई कार्रवाई
दरअसल डॉक्टर मुस्कान सोनी मध्य प्रदेश के सतना जिले में पदस्थ हैं. वह ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) की सदस्य और कोषाध्यक्ष भी हैं. केतन हत्याकांड मामले में उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की. इस पोस्ट में डॉ. सोनी ने हत्याकांड को सही ठहराया था. उनके इस पोस्ट के बाद इस पर कई कमेंट आए. इससे यह मैसेज जा रहा था कि वे केतन हत्याकांड मामले में आरोपी सिया गोयल और उनके साथी का बचाव कर रही हैं. उनकी इस पोस्ट की जानकारी जब उनके एसोसिएशन और उसके पदाधिकारियों तक जब पहुंची, तो उन्होंने इस तरह की पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई.
सफाई में फिर किया पोस्ट
उधर डॉक्टर सोनी ने पोस्ट पर विवाद होने के बाद सोशल मीडिया पर सफाई पेश की. उन्होंने इस आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर माफी मांगी, लेकिन एसोसिएशन वे उनकी माफी को नजरअंदाज करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है. एसोसिएशन के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट डॉ. दिवाकर मुटौतिया ने इस पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की पोस्ट बेहद अपमानजनक और अनुचित है. इस पोस्ट में मृतक को लेकर जिस तरह की बातें कही गई हैं, वे अमार्यादित हैं. एसोसिएशन के सिद्धांत और नैतिक मूल्यों के खिलाफ हैं. जिसे एसोसिएशन कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता.
डॉक्टर पर यह की गई कार्रवाई
डॉक्टर मुस्कान सोनी को एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. इसके अलावा उन्हें एसोसिएशन की सदस्यता से भी निलंबित कर दिया गया है. वे अगले 5 सालों तक एसोसिएशन की सदस्य नहीं बन सकेंगी. कार्रवाई की समय अवधि के दौरान अब वे एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगी और न ही पूर्व पदाधिकारी की हैसियत से किसी तरह के अधिकार का उपयोग कर सकेंगी.
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक इस तरह की गंभीर घटना के खिलाफ इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. डॉक्टर का पेशा समाज में बहुत सम्मान और जिम्मेदारी का है. यह सम्मान और जिम्मेदारी उनके विचारों में भी सार्वजविक रूप से दिखाई देना चाहिए.

