AI Impact Summit 2026: पीएम मोदी ने पेश किया 'MANAV' विजन, जानिए क्या है यह
एआई इंपैक्ट समिट 2026 में तमाम देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं. यह समिट 20 फरवरी तक चलेगा.

Published : February 19, 2026 at 12:03 PM IST
|Updated : February 19, 2026 at 7:18 PM IST
नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली में आज गुरुवार को पीएम मोदी ने इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 (AI Impact Summit 2026) का उद्घाटन किया. इस अवसर पर पीएम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत के बड़े 'MANAV विजन' को पेश किया, जिसमें नैतिक, जवाबदेह और सबको साथ लेकर चलने वाले AI गवर्नेंस के लिए इंसानी सोच वाला फ्रेमवर्क बताया गया.
प्रधानमंत्री मोदी ने दुनियाभर के AI कंपनियों के तमाम सीईओ (CEO) को संबोधित करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सही दिशा पर जोर दिया. बता दें, राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित हो रहे समिट में डेलीगेट्स को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज AI इम्पैक्ट समिट में, मैं AI के लिए MANAV विजन पेश करता हूं. MANAV का मतलब है इंसान.
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, Prime Minister Narendra Modi says, " today at the new delhi ai impact summit, i present the manav vision for ai. manav means human, and manav vision says m- moral and ethical systems: ai should be based on ethical guidance. a-… pic.twitter.com/KR3rz8pGet
— ANI (@ANI) February 19, 2026
प्रधानमंत्री ने इस एक्रोनिम को समझाते हुए कहाकि
- M का मतलब है मोरल और एथिकल सिस्टम - AI एथिकल गाइडेंस पर आधारित होना चाहिए.
- A का मतलब है अकाउंटेबल गवर्नेंस, जिसका मतलब है ट्रांसपेरेंट नियम और मज़बूत निगरानी.
- N का मतलब है नेशनल सॉवरेनिटी - जिसका डेटा, उसका अधिकार.
- A का मतलब है एक्सेसिबल और इनक्लूसिव - AI एक मल्टीप्लायर होना चाहिए, मोनोपॉली नहीं.
- V का मतलब है वैलिड और लेजिटिमेट - AI कानूनी और वेरिफाइड होना चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि MANAV विजन ग्लोबल AI इकोसिस्टम के लिए एक गाइडिंग फ्रेमवर्क के तौर पर काम करेगा. उन्होंने कहा कि भारत का यह MANAV विजन 21वीं सदी की AI-बेस्ड दुनिया में मानवता की भलाई के लिए एक जरूरी कड़ी बनेगा. उभरते खतरों के बारे में चिंताओं पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने खास तौर पर बच्चों के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सावधान रहना होगा. AI स्पेस भी बच्चों के लिए सुरक्षित और परिवार के हिसाब से होना चाहिए.
इसके अलावा, पीएम मोदी ने कहा कि यह विजन बदलते टेक्नोलॉजिकल माहौल को दिखाता है. उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे दौर में जा रहे हैं जहां इंसान और इंटेलिजेंट सिस्टम मिलकर काम करते हैं, और मिलकर आगे बढ़ते हैं. इस सेक्टर में भारत की बढ़ती क्षमताओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत AI में एक मजबूत भविष्य देखता है. हमारे पास टैलेंट, एनर्जी कैपेसिटी और पॉलिसी क्लैरिटी है. प्रधानमंत्री ने समिट में नए घरेलू इनोवेशन की भी घोषणा की. उन्होंने कहा कि मुझे आप सभी को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल और ऐप लॉन्च किए हैं. ये मॉडल हमारे युवाओं के टैलेंट को दिखाते हैं.
ग्लोबल सहयोग को न्योता देते हुए, पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी लीडर्स और इनोवेटर्स से भारत के साथ पार्टनरशिप करने की अपील की. उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को भारत में डिजाइन और डेवलप करने, दुनिया और मानवता तक पहुंचाने के लिए आमंत्रित करता हूं. इंडिया AI इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit 2026) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ग्लोबल चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में दुनिया भर के सरकारी पॉलिसीमेकर्स, इंडस्ट्री AI एक्सपर्ट्स, एकेडेमिक्स, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और सिविल सोसाइटी को एक साथ लाया है.
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट, ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला ग्लोबल AI समिट है. यह 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सबका भला, सबकी खुशी) के नेशनल विजन और AI फॉर ह्यूमैनिटी के ग्लोबल प्रिंसिपल के साथ AI के बदलाव लाने वाले पोटेंशियल को दिखाता है. यह समिट एक डेवलप हो रहे इंटरनेशनल प्रोसेस का हिस्सा है जिसका मकसद AI के गवर्नेंस, सेफ्टी और सोशल इम्पैक्ट पर ग्लोबल कोऑपरेशन को मजबूत करना है.
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