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एंजेल चकमा के पिता का दर्द: 'जो मेरे बच्चे के साथ हुआ, वैसा किसी के साथ न हो', पुलिस पर लगाया आरोप

एंजेल चकमा के पिता ने बेटे के मर्डर से जुड़ी कई अहम जानकारी दी और कई बातें मीडिया के सामने रखी.

Tripura student Angel Chakma
24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या का मामला. (@Social media and ANI)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 30, 2025 at 2:52 PM IST

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Updated : December 30, 2025 at 3:06 PM IST

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देहरादून/मछमारा (त्रिपुरा): उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल चकमा की हत्या का मामला इन दिनों सुर्खियों में है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक ने इस मामले को उठाया है और बीजेपी सरकार के घेरा है. वहीं एंजेल चकमा के पिता का बयान भी आया है. मीडिया के सामने एंजेल चकमा के पिता ने अपना दर्द बयां किया है. साथ ही एंजेल चकमा के पिता ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

एंजेल चकमा के पिता तरुण प्रसाद चकमा ने कहा कि वो नहीं चाहते कि जो उनके बच्चे के साथ हुआ वो किसी और के साथ न हो. तरुण प्रसाद चकमा ने बताया कि वो बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) में हैं और इस वक्त मणिपुर में तैनात है. बीती 9 दिसंबर शाम करीब 6.30 बजे छोटे बेटे माइकल ने उन्हें फोन किया था और बताया कि उसके बड़े भाई पर किसी गांव वाले ने हमला किया है. उनका छोटा बेटा पूरी रात रोता रहा.

तरुण प्रसाद चकमा कहते हैं कि, छोटे बेटे ने बड़े भाई की कुछ फोटो भी भेजी है. छोटे बेटे ने बताया कि एंजेल हॉस्पिटल में भर्ती और उसकी हालत गंभीर है. इसके बाद तरुण प्रसाद चकमा ने सीओ से बात कर छुट्टी ली और वो देहरादून के लिए निकल गए.

तरुण प्रसाद चकमा ने बताया कि देहरादून पहुंचने पर सबसे पहले उन्होंने हॉस्पिटल में बेटे को देखा.

मैंने अपने बच्चे को गंभीर हालत में देखा. उसका बायां हाथ और पैर पैरालाइज हो गया था. क्योंकि उसकी पीठ में दो बार चाकू मारा गया था. उसके सिर से खून बह रहा था. मेरे बेटा कह रहा था, पापा मुझे बचा लो. मैंने बेटे को भरोसा दिया कि मैं उसे बचा लूंगा. मेरे साथ मेरी साली दीपा भी गई थी, वो दिल्ली पुलिस में है. उसने मेरी बहुत मदद की.
- तरुण प्रसाद चकमा, एंजेल के पिता -

तरुण प्रसाद चकमा ने बताया कि इसके बाद वो सेलाकुई थाने गए, जहां उन्होंने पुलिस से बात की और उनसे कहा कि वो घटना स्थल पर जाकर देखें कि उनके बेटे के साथ क्या हुआ था. उन्होंने घटनास्थल के CCTV फुटेज देखे.

Tripura student Angel Chakma
सतगुरु ने एक्स पर किया पोस्ट. (@SadhguruJV)

तरुण प्रसाद चकमा के अनुसार, CCTV फुटेज में साफ दिख रहा था कि उनका लड़का एंजेल बाइक पर बैठा हुआ था, जबकि छोटा लड़का माइकल बाइक के पास ही खड़ा हुआ था और वो फोन पर भी बात कर रहा था. दोनों बाजार में सब्जी लेने गए थे. तभी पीछे से एक स्कूटी और बाइक आई. इसके बाद स्कूटी और बाइक पर बैठे 6 लोगों ने आपस में कुछ बात की, और फिर बाइक सवार तीन लोग उनके बेटे के पास आए. उन्होंने छोटे बेटे से कुछ कहा. छोटे बेटे ने बताया कि उस पर नस्लभेदी टिप्पणी की गई. पहले तो छोटे बेटे ने उनके कमेंट्स को इंग्नोर किया, लेकिन जब तो छेड़ने लगे तो माइकल ने कहा कि, 'भैया, आप लोग ऐसा क्यों बोल रहे हैं, हम भी तो इंडियन हैं'. बेटे ने इसका विरोध किया तो उन्होंने मारपीट की.

एक मोटरसाइकिल पर तीन लोग मेरे छोटे बेटे के पास आए, उससे थोड़ी देर बात की, और फिर कमेंट्स करने लगे. उन्होंने पहले उसके सिर पर हमला किया. जब मेरा बड़ा बेटा उसे बचाने आया, तो उन्होंने उसकी पीठ में चाकू मार दिया. फिर उन्होंने उसे सिर पर लात मारी और उसकी गर्दन तोड़ दी. बड़े बेटे का काफी खून निकला. छोटा बेटा अचानक होश में आया तो उसने देखा कि बड़ा भाई भी गिरा हुआ है. छोटे बेटे ने बचाओ-बचाओ बोला. फिर वो लोग भाग गए वहां से. मेरे बड़े बेटे के दो दोस्तों ने उन्हें बचाया. उन्होंने ही मेरे बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.
- तरुण प्रसाद चकमा, एंजेल के पिता -

पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप: तरुण प्रसाद चकमा का कहना है कि उनके बेटे के दोस्त सेलाकुई थाने में FIR दर्ज करवाने के लिए गए थे, लेकिन पुलिस ने मामूली मामला बताकर केस दर्ज करने से मना कर दिया. पुलिस ने कहा कि ऐसे छोटे-मोटे केस होते ही रहते हैं. बाद में उनके जाने पर ही मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने कार्रवाई की.

पुलिस का बयान: त्रिपुरा की छात्रा एंजेल चकमा की मौत पर SSP देहरादून अजय सिंह ने कहा कि,

9 दिसंबर को सेलाकुई थाना क्षेत्र में एक शॉप के बाहर 6 युवक पार्टी के लिए इकट्ठा हुए थे. वहीं पर पीड़ित पक्ष अपने किसी काम से वहां पर पहुंचे थे. 6 आरोपियों में एक मणिपुर से है, एक नेपाल और एक बोक्सा जनजाति का लड़का है. वहां पर बातचीत के दौरान ऐसा कुछ हुआ कि हाथापाई और मारपीट शुरू हो गई. जिसमें घायल को काफी चोटें लगी थीं और 26 दिसंबर को सुबह उसकी मौत हो गई. इस मामले में पुलिस को तुरंत सूचना नहीं मिली थी बल्कि एक दिन बाद प्रार्थना पत्र थाने में दिया गया था. मामले की जांच करते हुए सभी गिरफ्तारी की गई हैं. एक फरार है.

जो अभी तक की जांच है, आरोपी, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य लोगों से जानकारी मिली है कि इसमें नस्लीय टिप्पणी का केस सामने नहीं आया है. वहां पर जो क्लैश और कन्फ्यूजन हुआ उसके कारण ये घटना हुई. लेकिन जांच ओपन है और जो भी सबूत सामने आएंगे उसके मुताबिक जांच होगी.

क्या FIR में देरी हुई? इस सवाल पर एसएसपी कहते हैं कि,

इस आरोपों से मैं इनकार करता हूं, क्योंकि घटना की शिकायत ही 24 घंटे बाद थाने पर दी गई थी. जो शिकायत आई थी उसमें अज्ञात आरोपियों के बारे में लिखा गया था. उस वक्त पुलिस को घटनाक्रम की जानकारी भी नहीं थी और कौन लोग इसमें शामिल हैं. जांच के बाद साफ हुआ है कि घटनाक्रम इस तरह हुआ और मेडिकल रिपोर्ट्स को लेने के बाद इसमें अटेम्प्ट टू मर्डर की धारा बढ़ाई गई. सभी आरोपियों को चिन्हित कर अरेस्ट कर लिया गया है. नेपाल के आरोपी की तलाश की जा रही है.

इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के सवाल पर एसएसपी कहते हैं कि,

कोई भी अगर शिकायत आती है कि इलाज के दौरान लापरवाही की गई है या थाना स्तर पर लापरवाही की गई है, उन फैक्ट्स आते हैं तो जांच में शामिल किया जाएगा.

बता दें कि, इस मामले में देहरादून पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. एक आरोपी नेपाल फरार है.

ये हैं गिरफ्तार आरोपी-

  • अविनाश नेगी पुत्र हरीश नेगी निवासी सहसपुर, देहरादून (उम्र 25 वर्ष)
  • सुमित पुत्र प्यारेलाल निवासी तिलवाड़ी, देहरादून (उम्र 25 वर्ष)
  • सूरज खवास पुत्र अनिल खवास मूल निवासी मणिपुर, हाल निवासी थाना पटेल नगर, देहरादून (उम्र 18 वर्ष)
  • दो नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है.
  • यज्ञराज अवस्थी निवासी कंचनपुर, नेपाल (22 वर्ष) फरार.

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Last Updated : December 30, 2025 at 3:06 PM IST