उत्तराखंड में अंगीठी के धुएं ने ली जान, CISF सिपाही की 4 साल की बेटी की दम घुटने से मौत, पत्नी गंभीर
सीआईएसएफ सिपाही महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, पत्नी को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है

By PTI
Published : January 19, 2026 at 9:50 AM IST
|Updated : January 19, 2026 at 9:57 AM IST
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में एक दर्दनाक घटना हुई है. ठंड से बचने के लिए घर के अंदर जलाई अंगीठी का धुआं मासूम की जान पर भारी पड़ गया. अंगीठी के धुएं से कथित तौर पर 4 साल की बच्ची की दम घुटने से मौत हो गई. बच्ची की मां की हालत नाजुक है. मां का अस्पताल में इलाज चल रहा है. ये घटना नई टिहरी स्थित सीआईएसएफ (Central Industrial Security Force) कॉलोनी की है.
अंगीठी का धुआं बना जानलेवा: नई टिहरी स्थित CISF कॉलोनी में ठंड से बचने के लिए जलाई गयी अंगीठी के धुएं से दम घुटने के कारण एक 4 साल की एक बच्ची की मौत हो गयी. उसकी मां गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है. टिहरी गढ़वाल पुलिस ने रविवार को इस बारे में जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह 10 बजे जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के सिपाही गणेश पालवे के घर का दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों ने आवाज दी. इस पर घर के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गयी.
सीआईएसएफ सिपाही की बेटी की मौत: पुलिस ने बताया कि, सूचना पाकर उनकी टीम मौके पर पहुंची. पुलिस टीम के सदस्यों ने दरवाजा तोड़ा. अंदर जाकर देखा कि बिस्तर पर सिपाही गणेश पालवे की 4 साल की बेटी आर्या और 37 वर्षीय पत्नी मोनिका बेहोश पड़ी हैं. पुलिस टीम तत्काल दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंची. जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने 4 साल की आर्या को मृत घोषित कर दिया.
सीआईएसएफ सिपाही की पत्नी की हालत गंभीर: मोनिका मोनिका की हालत गंभीर थी. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे उपचार के लिए हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश रेफ कर दिया. पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी गणेश पालवे घटना के समय मौजूद नहीं थे. वह अस्वस्थ होने के कारण पहले से ही इलाज के लिए देहरादून गए हुए थे. पुलिस के मुताबिक, कमरे की तलाशी लेने पर वहां कोई विषाक्त पदार्थ या कोई पत्र नहीं मिला. कमरे में केवल अंगीठी ही रखी हुई मिली. इससे ऐसा अंदेशा है कि घर में अंगीठी का धुआं भर गया होगा. धुएं से दम घुटने से ही बच्ची की मौत हुई होगी. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा.
ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाते हैं लोग: गौरतलब है कि उत्तराखंड में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है. टिहरी गढ़वाल का अधिकतम तापमान 17° सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4° सेल्सियस है. ऐसे में लोग इस ठंड से निजात पाने के लिए अंगीठी का प्रयोग करते हैं. अंगीठी में लकड़ी और पत्थर के कोयले जलाते हैं. कमरा बंद करने अंगीठी जलाने पर ये अनेक बार जानलेवा साबित हो जाता है.
लकड़ी और पत्थर के कोयलों से निकली है कॉर्बन मोनो ऑक्साइड गैस : लकड़ी और पत्थर के कोयलों को जलाने पर उनसे कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस निकलती है. कमरा बंद हो तो इस गैस की अधिक मात्रा जानलेवा साबित होती है. पहले भी उत्तराखंड में अंगीठी के धुएं से मौत की घटनाएं हुई हैं. आशंका है कि टिहरी गढ़वाल में सीआईएसएफ सिपाही के घर में भी अंगीठी जलाने पर बंद कमरे के अंदर कार्बन मोन ऑक्साइड गैस इकट्ठा होने से ये दर्दनाक घटना हुई होगी.
अंगीठी के धुएं से कैसे बचें? इन दिनों उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. कई जगह तापमान शून्य तक चला जा रहा है. ऐसे में लोग ठंड से निजात पाने के लिए अंगीठी जला रहे हैं. अंगीठी का धुआं जानलेवा साबित हो सकता है. इससे बचने के लिए अंगीठी जलाते समय दरवाजे और खिड़कियां खुली रखीं. कभी भी बंद कमरे में अंगीठी जलाकर नहीं रखें. जलती अंगीठी कमरे में रखकर सोएं नहीं. सोने से पहले अंगीठी को बाहर रख दें. अंगीठी को बाहर रखेंगे तो उससे निकलने वाली कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस कमरे में इकट्ठा नहीं होगी और कोई नुकसान नहीं होगा.
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