भिवाड़ी फैक्ट्री हादसा: गांरमेंट की फैक्ट्री में बन रहे थे अवैध पटाखे, बाहर से बंद था यूनिट का शटर, मंत्री बोले- कार्रवाई होगी
भिवाड़ी के खुशखेड़ा-कारोली औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री में तेज धमाके के बाद भीषण आग लगी, जिसमें 7 मजदूर जिंदा जल गए.

Published : February 16, 2026 at 4:13 PM IST
अलवर: जिले के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा-कारोली औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें एक फैक्ट्री में तेज धमाके के बाद आग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया. आग इतनी भयानक थी कि यूनिट के अंदर काम कर रहे 7 मजदूर जिंदा जल गए. वहीं, कुछ घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है. यह फैक्ट्री रेडिमेड गारमेंट के नाम से पंजीकृत थी, लेकिन प्रारंभिक जांच में पता चला कि यहां अवैध रूप से छोटे पटाखे या विस्फोटक सामग्री से संबंधित कार्य चल रहा था.
सुबह करीब 9:30 बजे फैक्ट्री में अचानक धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई. आग इतनी भयानक थी कि फैक्ट्री के अंदर फंसे मजदूर जिंदा जल गए. घटना की सूचना लगते ही खैरथल-तिजारा जिले की कार्यवाहक अलवर जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला और खैरथल-तिजारा जिले के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे. फैक्ट्री का मुख्य गेट बाहर से ताला लगा हुआ था, जिससे अंदर अवैध गतिविधियां चल रही थीं. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दोपहर तक काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया. घटना की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वन मंत्री संजय शर्मा को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना किया.
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जिला कलेक्टर का बयान: कार्यवाहक जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि यह छोटी यूनिट थी, जो फैक्ट्री एक्ट या शॉप एक्ट में कवर नहीं हो रही थी, क्योंकि यहां 20 से कम मजदूर काम करते थे. उन्होंने जानकारी दी कि यूनिट रेडिमेड गारमेंट के नाम पर रजिस्टर्ड थी, लेकिन यहां पटाखे या एक्सप्लोसिव से जुड़ा अवैध काम हो रहा था. उन्होंने बताया कि यूनिट के मालिक अभी यहां नहीं पहुंचे हैं. मैनेजर से फोन पर बात हुई है, जिसमें उन्होंने 8-9 मजदूरों की मौजूदगी बताई है.
बिहार के निवासी थे मजदूर: जिला कलेक्टर ने आशंका जताई कि यूनिट का बाहर से गेट बंद था और अंदर कोई छोटे स्तर पर अवैध तरीके से एक्सप्लोसिव का कार्य किया जा रहा था. एफएसएल टीम ने सैंपल ले लिए हैं, रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा कि आग का कारण क्या था. रीको से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. क्षेत्र की सभी यूनिटों की जांच के निर्देश दिए गए हैं. कलेक्टर ने कहा कि नियम उल्लंघन पर प्लॉट आवंटन रद्द करने की कार्रवाई होगी. मृतकों की पहचान और परिजनों को सहायता अभी प्राथमिकता है, अब तक 5 मृतकों की पहचान हुई है, ज्यादातर मजदूर बिहार के निवासी थे.
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एसपी का बयान: पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युनिट में आग लगी है, जिसके बाद पुलिस टीम तत्काल यहां पहुंची. आग तेजी से फैली, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई. चार घायल रेफर किए गए है. एफएसएल टीम मौके पर है और नमूने एकत्रित कर रही है. उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में गारमेंट के बजाय केमिकल या विस्फोटक कार्य चलने का संकेत मिला है. यूनिट छोटी थी, इसलिए फैक्ट्री नहीं कह सकते. गेट बंद होने से अवैध कार्य की आशंका है.
एसपी ने बताया कि मृतकों के परिजनों से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी. मृतक संभवत: बिहार के रहने वाले थे, वे यहां कार्य कर रहे थे. इस बारे में उनके परिजनों से बात करके पता लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मामले के जाच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. एफआईआर प्रक्रियाधीन है.

मंत्री बोले- कार्रवाई होगीः वन मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि यह गंभीर घटना है. फैक्ट्री को बाहर से बंद कराकर इसमें काम किया जा रहा था. यह रेडीमेड कपड़ों की फैक्ट्री का जोन था, जहां अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे. मृतक श्रमिकों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराकर शव परिजनों को सौपा जाएगा. उन्होंने कहा कि सात लोगों की मौत होना सामने आया है, शेष गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में रीको और प्रदूषण विभाग सहित अन्य जो विभाग हैं, सभी को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं.
उन्होंने बताया कि यह रेडीमेड कपड़ों के लिए आवंटित हुई थी, लेकिन इसको किसी दूसरे व्यक्ति को किराए पर दिया हुआ था. उन्होंने बताया कि अलवर जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला बिहार के मोतिहारी जिला कलेक्टर के संपर्क में हैं, श्रमिकों की पहचान की जा रही है. इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी, जहां भी जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

फैक्ट्रियों के जांच के निर्देशः उन्होंने कहा कि सभी को निर्देशित किया गया है कि जिस जोन में जो फैक्ट्री हैं, उनकी जांच की जाए. जिस सर्टिफिकेट के आधार पर फैक्ट्री को लाइसेंस मिला हुआ है, अगर उसके विपरीत कोई भी फैक्ट्री संचालित होती हुई मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. घायलों में ठेकेदार का एक रिश्तेदार भी शामिल है. वर्तमान फैक्ट्री मालिक का भी कोई सुराग नहीं लगा है उसकी तलाश की जा रही है.
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