एक कुत्ता जिसने रक्तदान कर बचाई कई जानें! तेलंगाना के 'पुली' की कहानी कर देगी हैरान
डॉक्टरों ने बताया, इंसानों की तरह, कुत्तों में भी दुर्घटनाओं, सर्जरी और गंभीर संक्रमण जैसी आपात स्थितियों में रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है.


Published : December 16, 2025 at 5:00 PM IST
खम्मम (तेलंगाना): जीवन में रक्त का महत्व सर्वोपरि है. क्योंकि यह सीधे तौर पर जीवन से जुड़ा है. यही कारण है कि रक्तदान को 'महादान' कहा जाता है. आमतौर पर हम इंसानी रक्तदाताओं की कहानियां सुनते हैं, लेकिन तेलंगाना के खम्मम से आई एक खबर ने चौंका दिया. यहां एक परित्यक्त कुत्ता, 'मूक नायक' बनकर उभरा है. उसने रक्तदान कर सात कुत्तों की जिंदगी बचायी है.
लगभग एक साल पहले, खम्मम शहर के जिला पशु चिकित्सालय के पास एक बीमार और कमजोर कुत्ते को छोड़ दिया था. जानवर की नाज़ुक हालत को देखकर, अस्पताल के कर्मचारियों ने उसकी देखभाल की. उचित उपचार और देखभाल से, कुत्ता पूरी तरह से ठीक हो गया. इसके बाद से कुत्ता अस्पताल में ही रहने लगा. जिन डॉक्टरों और नर्सों ने इलाज किया था उनके करीब आ गया.
कर्मचारियों ने प्यार से कुत्ते का नाम 'पुली' रख दिया. तब से, पुली ने अस्पताल परिसर को ही अपना घर बना लिया. पशु चिकित्सा टीम द्वारा उसे भोजन दिया जाता. समय के साथ, डॉक्टरों ने पाया कि पुली आपात स्थिति में रक्तदान के लिए उपयुक्त था.
जिला पशु चिकित्सा अधिकारियों डॉ. श्रीनिवास राव और डॉ. किशोर के अनुसार, पुली अब तक सात बार रक्तदान कर चुका है. रक्तदान गंभीर परिस्थितियों के दौरान किया गया, जब घायल या गंभीर रूप से बीमार कुत्तों को जीवित रहने के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता थी. ऐसे कई मामलों में, पुली के रक्त ने जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
डॉक्टरों ने बताया, "इंसानों की तरह, कुत्तों को भी दुर्घटनाओं, सर्जरी और गंभीर संक्रमण जैसी आपात स्थितियों में रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है. सही समय पर एक स्वस्थ डोनर (रक्तदाता) उपलब्ध होना बहुत बड़ा अंतर ला सकता है." उन्होंने आगे कहा कि पुली का शांत स्वभाव और अच्छा स्वास्थ्य इस प्रक्रिया को सहज और तनाव-मुक्त बनाता है.
पुली की कहानी ने अस्पताल में कई लोगों के दिलों को छू लिया है. एक समय जिसे छोड़ दिया गया था, वह कुत्ता अब करुणा का प्रतीक बन गया है. पशु चिकित्सा कर्मचारी पुली को केवल एक डोनर के रूप में नहीं, बल्कि अपनी टीम के एक मूल्यवान सदस्य के रूप में देखते हैं.
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