'सर्टिफिकेट लाने असम कैसे जाएंगे', पश्चिम बंगाल में 65 साल के बुजुर्ग को SIR के डर
दिलीप मित्रा आज से 20 साल पहले असम से बर्धमान अपनी बहन की देखभाल करने के लिए आए थे.

Published : January 7, 2026 at 3:27 PM IST
बर्धमान/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बर्धमान के रहने वाले 65 साल के कलाकार दिलीप मित्रा एसआईआर की सुनवाई से डरे हुए हैं. उनसे असम से प्राइमरी स्कूल का सर्टिफिकेट लाने को कहा गया है. ऐसे में उनका कहना है कि, वह इस उम्र में कैसे असम जाएंगे.
दिलीप मित्रा एक ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने बॉलीवुड के नामचीन हस्तियों के पोस्टर पेंट करके नाम कमाया है. 65 साल के दिलीप मित्रा अपने हाथों से अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, हेमा मालिनी, उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन जैसे कई एक्टर और एक्ट्रेस के पोस्टर बना चुके हैं.

एसआईआर की सुनवाई के दौरान दिलीप मित्रा को असम से अपना स्कूल सर्टिफिकेट लाने को कहा गया है. अगर वे सर्टिफिकेट जमा नहीं कर पाते हैं तो इस बुढ़ापे में उनके भविष्य का क्या होगा. इस चिंता में एक कलाकार की नींद उड़ गई है.
आर्टिस्ट दिलीप मित्रा का वर्तमान पता
दिलीप मित्रा का घर बर्धमान शहर के वार्ड नंबर 21 के राजगंज इलाके में है. उनकी बड़ी बहन तिथि सान्याल भी बर्धमान में रहती हैं. दिलीप मित्रा करीब 20 साल पहले असम से अपनी बहन के पास रहने आए थे. उनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में भी है. यहां आने के बाद उन्होंने कोलकाता में कई एक्टर और एक्ट्रेस के पोस्टर पेंट किए. इससे उन्हें अच्छी कमाई होती थी. बाद में फ्लेक्स प्रिंटिंग के आने से उनकी नौकरी चली गई.
आर्टिस्ट दिलीप मित्रा अभी 65 साल के हैं. उनकी बड़ी बहन अक्सर बीमार रहने के कारण बिस्तर पर पड़ी रहती हैं. उनकी बहन न तो उठ सकती हैं और न ही चल-फिर सकती हैं. इन विकट परिस्थितियों में आर्टिस्ट को असम के एक प्राइमरी स्कूल से अपना सर्टिफिकेट लाने के लिए कहा गया है.
उन्हें इस बात की बहुत चिंता है कि वह असम में जिस स्कूल को करीब 40-50 साल पहले छोड़ दिया था, वहां से सर्टिफिकेट लेने कैसे जाएंगे. इतना ही नहीं, आर्टिस्ट को इस बात का भी डर है कि अगर वह सर्टिफिकेट नहीं ला पाए तो इस बुढ़ापे में उनके भविष्य का क्या होगा.
दिलीप मित्रा का बयान
सामने खड़ी मुसीबत पर कलाकार दिलीप मित्रा ने कहा कि, उन्होंने 40-50 साल पहले असम के एक स्कूल में पढ़ाई की थी. उन्होंने सवाल किया कि, उनके पास अब भी वह सर्टिफिकेट कैसे हो सकता है. उन्होंने कहा कि, उनके पास एक सर्टिफिकेट है लेकिन एसआईआर के दौरान उनसे कहा गया कि, उन्हें ये सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. उनसे असम के स्कूल से सर्टिफिकेट लाने को कह रहे हैं. उन्हें नहीं पता कि वे वहां कैसे जाएंगे.
65 साल के कलाकार दिलीप मित्रा ने कहा...
"मैं बूढ़ा हो गया हूं, और मेरी बहन घर पर बिस्तर पर है. वह बिस्तर से उठ नहीं सकती...हम दो भाई-बहन साथ रहते हैं. मुझे नहीं पता कि, मैं इस हालत में क्या करूंगा."
"मैं एक आर्टिस्ट हूं. एक समय था जब मैं बॉलीवुड में फ़िल्मों के पोस्टर पेंट करता था. अमिताभ बच्चन से लेकर मिथुन चक्रवर्ती, हेमा मालिनी, या उत्तम कुमार और सुचित्रा सेन, किसके पोस्टर मैंने नहीं पेंट किए? कमाई काफी अच्छी थी... लेकिन समय के साथ, उस काम का तरीका बदल गया है...आज, फ्लेक्स प्रिंटिंग का दौर है और इसलिए उन्हें काम नहीं मिलता."
दिलीप मित्रा ने कहा कि, उम्र के इस पड़ाव पर वे कुछ कर भी नहीं सकते. वह आज से 20 साल पहले असम से बर्धमान अपनी बहन की देखभाल करने के लिए आए थे. उन्होंने कहा कि, वे जिस प्राइमरी स्कूल में पढ़े थे, वह शायद अभी भी वहां है. हालांकि, उन्होंने कहा कि, उस स्कूल के टीचर अब शायद जिंदा नहीं हैं. उनके पिता और बड़े भाई सब गुजर चुके हैं. इस हालत में उन्हें नहीं पता कि, वह कैसे असम सर्टिफिकेट लेने जाएंगे.
आया पॉलिटिकल रिएक्शन
एसआईआर हियरिंग के लिए आर्टिस्ट दिलीप मित्रा को बुलाए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में घमासान मच गया है. ईस्ट बर्दवान डिस्ट्रिक्ट तृणमूल कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी बागबुल इस्लाम ने कहा कि, एसआईआर के नाम पर आम लोगों को परेशान किया जा रहा है. वह शुरू से ही इस मुद्दे पर बोलते रहे हैं. वहीं, बीजेपी के नेता मृत्युंजय चंद्रा ने कहा कि, तृणमूल कांग्रेस एसआईआर को लेकर डरी हुई है. इसलिए वे बेवजह लोगों को डरा रहे हैं.
देव और शमी को भी सुनवाई के लिए बुलाया गया
खास बात यह है कि आर्टिस्ट दिलीप मित्रा के साथ-साथ एक्टर और तृणमूल सांसद देव और उनके परिवार के चार सदस्यों और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भी एसआईआर हियरिंग के लिए नोटिस भेजा गया है. निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, एन्यूमरेशन फॉर्म में सबसे नीचे साल 2002 का कॉलम है. उसके नीचे पार्ट नंबर लिंक करने का कॉलम है. देव को हियरिंग के लिए इसलिए बुलाया गया है क्योंकि यह कॉलम सही से नहीं भरा गया था.
ताजा जानकारी के मुताबिक, देव और उनके परिवार के तीन और सदस्यों के नाम पर सुनवाई के नोटिस जारी तो हो गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें उनके पते पर नहीं भेजा गया है.
इस बीच, चीफ इलेक्शन ऑफिसर के ऑफिस के सूत्रों के मुताबिक, क्रिकेटर मोहम्मद शमी को कोलकाता के जादवपुर इलाके में काटजूनगर स्वर्णमयी विद्यापीठ में SIR सुनवाई के लिए बुलाया गया है. उनके एन्यूमरेशन फॉर्म को साल 2002 से जोड़ने में दिक्कत है. इसीलिए उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है.
हालांकि, शमी अभी एक मैच के लिए राजकोट में शहर से बाहर हैं, इसलिए जिस दिन उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है, उस दिन वे मौजूद नहीं रह पाएंगे. हालांकि, नियमों के मुताबिक, उन्हें किसी और दिन सुनवाई में शामिल होना होगा.
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