50000 रंग-बिरंगी तितलियों को देखकर खुश हो जाएगा दिल, New Year पर आइये मशहूर बटरफ्लाई पार्क घूमने
न्यू ईयर 2026 पर घूमना चाहते हैं तो बिहार आइये. खूबसूरत बटरफ्लाई पार्क में 50000 तितलियों के बीच प्रकृति का आनंद लीजिए. पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट..

Published : January 1, 2026 at 12:48 PM IST
रिपोर्ट: सरताज़ अहमद
गयाजी: नए साल पर बोधगया के जयप्रकाश उद्यान में स्थित बटरफ्लाई पार्क प्राकृतिक प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां 92 प्रजातियों की 50000 से अधिक तितलियां पाई जाती हैं. यह तितलियां न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों से बल्कि हिमालयन क्षेत्र चीन यूरोप सऊदी अरब और अफगानिस्तान जैसे दूरस्थ स्थानों से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर यहां तक आती हैं.
पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र: बोधगया में स्थित हजारों की संख्या में प्राकृतिक प्रेमी और पर्यटक यहां रंग बिरंगी तितलियों को देखने आते हैं. बटरफ्लाई पार्क ने भी नए साल के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं, ताकि आने वाले सैलानी खूब मजे ले सके. तितली पार्क में यहां 94 प्रजाति की तितलियां आकर्षण का केंद्र होती हैं, जिसे देखकर पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाते हैं.
इन 92 प्रजातियों की तितलियों में कुछ दुर्लभ प्रजातियां भी शामिल हैं. तितलियों के कारण यह पार्क पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय भी है. दुर्लभ प्रजातियों में बुलू मोरर्मन, कॉमन नवाब , बैरो नेट पाई गई हैं, इनकी खासियत ये है कि ये इनवायरमेंट से रिलेटेट होते हैं. ये भारतीय प्रजाति ही हैं लेकिन यहां बिहार के क्षेत्रों में कम पाई जाती हैं.
बोधगया में स्थित है पार्क: विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर के ठीक पीछे और मुख्य सड़क पर स्थित जय प्रकाश उद्यान के अंदर बटरफ्लाई पार्क का निर्माण लगभग चार साल पूर्व हुआ था. पार्क के संरक्षकों के अनुसार ये देश का ऐसा पार्क है, जहां तितली प्रजनन और संरक्षण का भी कार्य होता है. पार्क के अंदर ही वन विभाग के द्वारा बनाई गई एक लैबोरेट्री है. यहीं पर तितलियों का जन्म भी होता है, यहां पर यूरोप, चीन और सऊदी अरब जैसे देशों से भी तितलियां आती हैं.

94 प्रजाति की तितलियां मौजूद: प्रीति राम ने बताया कि जब बटरफ्लाई गार्डन का निर्माण हो रहा था, तब यहां एक अनुसंधान में 14 प्रजाति की तितलियां मिली थी लेकिन अब यहां 94 प्रजाति की तितलियां हैं. इस पार्क में पेटेंट लेडी, क्रिमसन रोज, ब्लू मुर्मू, लाइम स्वैलोटेल, कॉमन जय, टेल्ट जय, कॉमन रोस, कॉमन ग्रास येलो, लेमन इमिग्रेंट, स्ट्रैप्ट टाइगर, ब्लू टाइगर, कॉमन क्रो, प्लेन टाइगर, इंडियन जेजबेल, कॉमन कैस्टर, ग्रे पैनसी, चॉकलेट पैनसी सहित 92 प्रकार की तितलियों की प्रजाति का यह अनोखा बटरफ्लाई पार्क है.

इन में अधिकतर की खासियत यह है कि यह 4000 से लेकर 6000 किलोमीटर तक ट्रैवल कर सकती हैं. पेटेंट लेडी तितली यहां काफी लंबा सफर करके पहुंचती हैं. मुख्य रूप से पेटेंट लेडी यूरोपियन कंट्री में पाई जाती है. इनका लाइफ साइकिल कंप्लीट चीन और यूरोप में ही होती है. यह सारी तितलियां माइक्रोटोल बटरफ्लाइज भी है और सारी तितलियां सीजनली बटरफ्लाइज कहलाती हैं.

तितली पार्क में तीन प्रमुख कार्य: जय प्रकाश उद्यान की इंचार्ज प्रीति राम बताती हैं कि तितली पार्क में तीन प्रमुख कार्य होते हैं. जिन में पहला तितलियों का संरक्षण करना, दूसरा उन पर रिसर्च करना और तीसरा तितलियों का रियरिंग होता है. बोधगया घूमने आने वाले पर्यटक इन तितलियों के बारे में जानकारी लेने में दिलचस्पी भी रखते हैं. पर्यटक तितलियों को करीब से देखकर आनंद लेते हैं. भारतीय पर्यटक इसके लिए वन विभाग को 20 रुपये टिकट के रूप में पैसे भी देते हैं. हालांकि 20 रुपये एंट्री फीस पूरे पार्क जय प्रकाश उद्यान के लिए है.

"2026 का स्वागत और जश्न के लिए बटरफ्लाई पार्क सजधज कर तैयार है. विश्व प्रसिद्ध महाबोधी मंदिर का दर्शन करने आने वाले विदेशी पर्यटक खासकर बौद्ध पर्यटक यहां एक बार आकर तितलियों के साथ समय जरूर व्यतीत करते हैं. पर्यटक तो आते हैं 10 मिनट के लिए कहकर लेकिन वो तितलियों को देखकर घंटों वक्त गुजर देते हैं, उन्हें तितलियों को देखकर मन में शांति होती है और वो प्राकृतिक सौंदर्य से अपने लगाव को भी जाहिर करते हैं."- प्रीति राम, इंचार्ज, जय प्रकाश उद्यान, बोधगया

पर्यटक करते हैं रिलीज: वहीं, लैब असिस्टेंट जितेंद्र कुमार ने बताया कि ऐसा माना जाता है कि बौद्ध धर्म में जीवित जीव जंतु कैद से छोड़ने से पुण्य की प्राप्ति होती है. यही कारण है कि देश-विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयायी तितलियों को यहां खरीद कर रिलीज भी करते हैं. वे बताते हैं कि बोधगया में जिन तितलियों का प्रजनन होता है, उसको पार्क में आने वाले पर्यटकों के द्वारा खरीद कर रिलीज भी करते हैं. रिलीज करने का ये ट्रेंड बढ़ा हुआ है.

"इस बार भी नए साल के अवसर पर पर्यटक इन तितलियों को बॉक्स से निकाल कर रिलीज करेंगे. इसके लिए पर्यटकों को पैसे भी देने होते हैं. एक तितली को रिलीज करने के लिए 250 रुपये राशि देनी होती है. विदेशी पर्यटकों में पैसे देकर तितलियों को रिलीज करने का ट्रेंड ज्यादा है. नए साल के अवसर पर तितलियों को भी रिलीज किया जाएगा."- जितेंद्र कुमार असिस्टेंट लैब इंचार्ज, बटरफ्लाई पार्क

4000-6000 किमी दूर से उड़ कर आती हैं तितलियां: जितेंद्र कुमार ने बताया कि यहां 92 प्रजाति की तितलियां रहती हैं. हिमालयन क्षेत्र चीन, यूरोप, अफगानिस्तान और सऊदी जैसे देशों से भी 4 से 6 हजार किलोमीटर का सफर तय कर यह तितलियां आती है. इन तितलियों की बायो साइंटिस्ट के द्वारा पहचान की जाती है. ये तितलियां जिन पौधों और पेड़ों पर वास करती हैं, उनके लिए यहां पार्क में खास प्रकार के 60 प्रजाति के 5000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं, उनके भोजन और रियरिंग के लिए भी व्यवस्था है.
35 प्रजाति के 5000 प्रजनन: बटरफ्लाई पार्क में अब तक 35 प्रजातियों की तितलियों की रेयरिंग हो चुकी है. जितेंद्र कुमार के अनुसार बटरफ्लाई लैब में लगभग 5000 तितलियों की रियरिंग हुई है, जो बौद्ध अनुयायियों पर्यटकों के द्वारा खरीदकर रिलीज की गई है. वहीं जो खरीद कर रिलीज नहीं होती हैं, उसको विभाग की ओर से रिलीज किया जाता है. ये गयाजी के लिए काफी महत्वपूर्ण पार्क हो गया है.

ये प्लांट इनके लिए हैं खास: तितलियां हर पौधे पर नहीं होती हैं. इनके लिए कुछ खास पौधे हैं, जिन पर ये बैठती हैं, जैसे नेक्टर प्लांट और होस्ट प्लांट पर ही तितलियों का जीवन चक्र पूरा होता है. लैब असिस्टेंट ने बताया कि तितलियां मुख्य रूप से फूलों का नेक्टर खाते हैं. कुछ ऐसी तितलियां भी होती हैं, जो सड़े-गले फल से नेक्टिंग हैं. तितलियों का लाइफ साइकिल भी 4 से 8 सप्ताह का होता है और ये चार स्टेज में इनका रियरिंग की जाती है.

तितलियों का जीवन चक्र?: वे बताते हैं कि एक तितली का जीवन चक्र चार चीजों से मिलकर कंप्लीट होती है. पहला अंडा, दूसरा लार्वा, तीसरा पा और चौथा एडल्ट बटरफ्लाई है. एडल्ट बटरफ्लाई जन्म के बाद वापस पौधे पर जाकर फूलों से रस चूसकर अपना भोजन प्राप्त करते हैं और जो महिला तितलियां होती हैं, वह वापस जाकर अपने पसंदीदा पौधे पर जाकर ही अंडे देते हैं. फिर उसके बाद उसे एक नया लार्वा जन्म लेता है, जो फिर से जीवन चक्र कंप्लीट करने का काम करता है.

50 हजार लोगों के आने की संभावना: न्यू ईयर को लेकर बटरफ्लाई पार्क में पूरी तैयारी कर ली गई है. नए सिरे से रंग-रोगन हुआ है. यहां विभिन्न प्रकार के फूल और पौधे भी लगाए गए हैं. बच्चों के खेलने के लिए भी व्यवस्था प्ले गार्डन के रूप में किया गया है. जयप्रकाश उद्यान की इंचार्ज ने बताया कि साल के पहले दिन 30 से 40 हजार लोगों के इस पार्क में आने की संभावना है. यहां देसी पर्यटकों की एंट्री फीस 20 रुपये है, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए 100 फीस निर्धारित है.
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