पश्चिम बंगाल : सरकार में एक साथ शपथ लेंगे 35 मंत्री, नए चेहरों को मिल सकती है जगह
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अनुसार 35 मंत्रियों को सोमवार को राज्यपाल आर. एन. रवि शपथ दिलाएंगे.

Published : May 31, 2026 at 7:21 PM IST
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जानकारी दी है कि राज्य सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार सोमवार को किया जाएगा. शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सरकार में 35 मंत्रियों को शामिल किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल आरएन रवि कल सुबह 11 बजे नबान्न में नए मंत्रियों को पद की शपथ दिलाएंगे. कल, पश्चिम बंगाल के लोगों के फैसले से चुनी हुई राष्ट्रवादी सरकार की पूरी मंत्रिपरिषद बनेगी. सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मंत्रिपरिषद को बढ़ाने के मकसद से, पश्चिम बंगाल सरकार के 35 मंत्री सुबह 11 बजे नबान्न में शपथ लेंगे. महामहिम राज्यपाल आर. एन. रवि नबान्न में उन्हें शपथ दिलाएंगे."
আগামীকাল পশ্চিমবঙ্গের জনগণের রায়ে নির্বাচিত রাষ্ট্রবাদী সরকারের পূর্ণাঙ্গ মন্ত্রীসভা গঠিত হতে চলেছে।
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 31, 2026
মন্ত্রীসভা সম্প্রসারণের উদ্দেশ্যে পশ্চিমবঙ্গ সরকারের ৩৫ জন মন্ত্রী সকাল ১১ টায় লোকভবনে শপথ গ্রহণ করবেন। মহামান্য রাজ্যপাল শ্রী আর. এন. রবি মহোদয় লোকভবনে তাঁদের শপথ বাক্য পাঠ…
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं को राज्य प्रशासन में अहम पद दिए जाने की उम्मीद है. इससे पहले 18 मई को पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने संस्थागत भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से निपटने के लिए दो आयोगों के गठन को मंजूरी दी थी, राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को यह घोषणा की थी.
दोनों आयोग का नेतृत्व कलकत्ता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे और वे आधिकारिक रूप से 1 जून से अपना काम शुरू कर देंगे. कैबिनेट के फैसले पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "कैबिनेट ने संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ एक आयोग बनाने को मंजूरी दे दी है, जिसके प्रमुख कोलकाता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज, जस्टिस बिस्वजीत बसु होंगे.
कैबिनेट ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के लिए एक आयोग को भी मंज़ूरी दी. इसकी चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस समाप्ति चटर्जी होंगी. मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार पारदर्शिता और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा, "दोनों आयोग एक जून से काम शुरू कर देंगे.
बंगाल सरकार का प्रशासनिक ढांचा
पश्चिम बंगाल राज्य की राजनीति में इस कार्यक्रम को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके साथ ही सरकार का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा. साथ ही अलग-अलग विभागों में कामकाज की जिम्मेदारियां तय हो सकेंगी. गौरतलब है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी को हरा दिया था. इसके बाद भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को राज्य का मुख्यमंत्री चुना. इस जीत के साथ भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाने में सफल रही.
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