कैलाश मानसरोवर गए 22 श्रद्धालुओं का 5वें दिन भी सुराग नहीं; महराजगंज में अपनों की तलाश में परिजन बेहाल
26 अगस्त को केरूंग बॉर्डर से हुई थी आखिरी बातचीत, एक घंटे बाद आई भयंकर बाढ़, फिर नहीं हो सका संपर्क

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 6:35 PM IST
|Updated : August 30, 2026 at 7:14 PM IST
महराजगंज: कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकले 22 श्रद्धालुओं का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है. यात्रियों से संपर्क पूरी तरह टूटने के बाद उनके परिवारों में कोहराम मचा हुआ है. हर कोई अपने प्रियजनों की सकुशल वापसी के लिए दुआएं कर रहा है. इन लापता यात्रियों में महराजगंज निवासी अनिल कुमार जोशी के मौसा ऋषि बाबू पंत और मौसी शारदा देवी पंत भी शामिल हैं.
प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार जोशी ने बताया कि सभी यात्री काठमांडू (नेपाल) के निवासी हैं और करीब एक सप्ताह पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए थे. 26 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे तिब्बत के केरूंग बॉर्डर स्थित इमिग्रेशन ऑफिस से फोन कर बताया था कि सभी के दस्तावेजों की जांच पूरी हो गई है और वे चीन में प्रवेश कर यात्रा के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन इस बातचीत के करीब एक घंटे बाद केरूंग बॉर्डर क्षेत्र में भयंकर बाढ़ आने की सूचना मिली. इसके बाद से 22 यात्रियों से कोई संपर्क नहीं हो सका.

अनिल कुमार जोशी ने बताया कि परिजन लगातार नेपाल और चीन की एंबेसी समेत संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर यात्रियों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं. बाढ़ के बाद मिलने वाले अज्ञात शवों की पहचान को लेकर भी जानकारी ली जा रही है, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सूचना नहीं मिली है.

परिजनों ने भारत, नेपाल और चीन के संबंधित अधिकारियों से यात्रियों की जल्द तलाश कर उनकी स्थिति बताने करने की मांग की है.
ये भी पढ़ें- अमेरिका से लेकर रूस में ब्रज की पोशाक पहनेंगे कान्हा, 15 घंटे काम कर रहे मुस्लिम कारीगर, 1400 करोड़ का है कारोबार

