सज्जन कुमार की प्रार्थना सभा में क्यों गए भाजपा नेता? दंगा पीड़ितों की नाराजगी से पंजाब में गरमाई सियासत
लुधियाना में दंगा पीड़ितों ने सज्जन कुमार की प्रर्थना सभा में भाजपा नेताओं के शामिल होने पर नाराजगी जतायी है. पढ़ें, पूरी खबर.


Published : August 29, 2026 at 5:41 PM IST
लुधियाना (पंजाब): कांग्रेस के पूर्व सांसद और 1984 दिल्ली दंगा के दोषी सज्जन कुमार की मौत के बाद की गयी प्रार्थना सभा में बीजेपी नेताओं के शामिल होने पर दंगा पीड़ितों ने कड़ा एतराज जताया है. पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया- "चुनावी रैलियों में सिखों को न्याय दिलाने का दावा करने वाली भाजपा के सांसद आखिर एक दोषी की शोकसभा में क्या कर रहे थे?"
दंगा पीड़ित परिवार का कहना था कि सज्जन कुमार की शोकसभा में शामिल होकर इन भाजपा सांसदों ने ऐसा व्यवहार किया है, मानो वे पीड़ितों के पुराने जख्मों पर नमक छिड़क रहे हों. पीड़ितों का यह भी कहना है कि वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन कोई भी उन्हें समय नहीं दे रहा है. इसके साथ ही, उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पर भी कई गंभीर आरोप लगाए.
दंगा पीड़ितों ने उठाए सवाल
वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फुल्का ने सोशल मीडिया पर अपना बयान साझा कर इस घटना की कड़ी निंदा की है. आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता भी इस मुद्दे पर लगातार भाजपा की घेराबंदी कर रहे हैं.
दंगा पीड़ितों का कहना था कि उनकी शिकायतों पर सिर्फ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के समय ही ध्यान दिया गया था, उसके बाद किसी भी सरकार ने उनलोगों से बात तक नहीं की. उनका आरोप था कि कांग्रेस के शासनकाल में दंगे हुए थे. जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनी, तब भी उन्होंने दंगा पीड़ितों को न तो न्याय दिया और ना ही पुनर्वास को लेकर कोई बात की.
1984 दंगा पीड़ित सोसाइटी के अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा, "हमने मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिलने के लिए लगातार आठ बार समय मांगा, हम भूख हड़ताल पर बैठे, हमने धरने और प्रदर्शन किए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हमसे मुलाकात नहीं की."
दंगा पीड़ितों का दर्द
दंगा पीड़ितों का कहना था कि उनके बच्चे बेरोजगार हैं. उनके पास कोई काम नहीं है. उनलोगों के पुनर्वास की बात कोई नहीं करता. उनका कहना था कि उनलोगों के पास खुद का घर नहीं है और प्रशासन जो घर दिए थे, उन्हें भी वापस लेने की बात कर रहा है. मालिकाना हक नहीं दिया जा रहा है.
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