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9 साल की ब्रेन डेड अंजली ने तीन लोगों को दिया नया जीवन, जोधपुर AIIMS में 12वां अंगदान

जयपुर के SMS अस्पताल में ग्रीन कॉरिडोर के जरिए एक किडनी और लिवर भेजा गया है, जबकि एक किडनी जोधपुर में ही रखी गई है.

ब्रेन डेड अंजली का अंगदान
ब्रेन डेड अंजली का अंगदान (ETV Bharat Jodhpur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 29, 2026 at 12:08 PM IST

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Updated : August 29, 2026 at 12:31 PM IST

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जोधपुर : जोधपुर एम्स में शनिवार को 12वां अंगदान हुआ. 9 साल की ब्रेन डेड बालिका का लिवर और दोनों किडनियों का अंगदान किया गया. बाल अंगदान का यह तीसरा मामला है. एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अभिषेक भारद्वाज ने बताया कि 9 साल की बालिका अंजली सड़क दुर्घटना में घायल होकर 19 अगस्त को एम्स आई थी. यहां गंभीर अवस्था में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन 27 अगस्त को उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया.

उन्होंने बताया कि स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) के नियमों के तहत तीनों ऑर्गन को जरूरतमंद विभिन्न रोगियों को दिए जाने के लिए अलॉट किया गया है. अब तक 12 अंगदान से 37 ऑर्गन मिले हैं, जिन्हें ट्रांसप्लांट किया गया है. पीडियाट्रिक इमरजेंसी विशेषज्ञ डॉ. भरत चौधरी ने बताया कि काफी कोशिशों के बाद भी जब बच्ची को नहीं बचाया जा सका तो परिजनों को अंगदान का महत्व समझाया और इसके लिए प्रेरित किया.

घटना की जानकारी देते परिजन और डॉक्टर्स (ETV Bharat Jodhpur)

उन्होंने बताया कि परिजनों की सहमति के बाद शनिवार को ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रकिया की गई. इसके तहत जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में ग्रीन कॉरिडोर के जरिए एक किडनी और लिवर भेजा गया है, जबकि एक किडनी जोधपुर में ही रखी गई है. एम्स के पीडियाट्रिक इमरजेंसी के डॉक्टर भरत चौधरी ने बताया कि बालिका के सिर में बहुत गंभीर चोट थी. उसकी पसलियां भी टूट गई थी. डॉक्टर्स ने भरसक प्रयास किया, लेकिन बचा नहीं पाए.

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घर के बाहर हुआ हादसा : अंजली के पिता अशोक दास ट्रक ड्राइवर हैं. उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को उनकी बेटी और बेटा दोनों स्कूल वैन से उतरकर घर की तरफ आ रहे थे. बेटा आगे निकल गया और अंजली पीछे रह गई. इस दौरान एक वाहन चालक ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई. गंभीर हालत में उसे एम्स लेकर आए. डॉक्टर्स ने पूरी मेहनत की, लेकिन उसे बचा नहीं पाए. इसके बाद डॉक्टर्स ने अंगदान के लिए प्रेरित किया. घर वालों ने तो मना किया, लेकिन अंजली की मां ने उनका साथ दिया. उन्होंने बताया कि उनकी पहली संतान बेटा शादी के 12 साल बाद हुआ था. इसके 2 साल बाद अंजली का जन्म हुआ था.

ब्रेन डेड अंजली का अंगदान
अंजली के परिजनों के साथ खड़े डॉक्टर. (ETV Bharat Jodhpur)

सात माह बाद हुआ अंगदान : जोधपुर एम्स में इस वर्ष 31 जनवरी को श्रमिक भेराराम के ब्रेन डेड के बाद किडनी और लीवर का अंगदान किया गया था. पाली जिले के रहने वाले भेराराम का इस साल का पहला अंगदान था. शनिवार को साल का दूसरा अंगदान 9 साल की अंजली का हुआ है. बाल अंगदान 2024 में शुरू हुआ था, जिसके बाद ये तीसरा मामला है. गत वर्ष पांच साल के भोमाराम का अंगदान हुआ था.

Last Updated : August 29, 2026 at 12:31 PM IST