ETV Bharat / advertorial

राजस्थान में गोल्ड का भाव: 22k बनाम 24k गोल्ड, कौन-सा है ज़्यादा पसंद?

राजस्थान में गोल्ड सिर्फ गहना नहीं है—यह हमारी परंपरा है, पुरानी निशानी है, और हर घर के लिए एक सुरक्षित पूंजी भी है।

Image
Image (IIFL Finance)
author img

By Advertorial Team

Published : November 6, 2025 at 3:13 PM IST

7 Min Read
Choose ETV Bharat

राजस्थान में गोल्ड सिर्फ गहना नहीं है—यह हमारी परंपरा है, पुरानी निशानी है, और हर घर के लिए एक सुरक्षित पूंजी भी है। यहाँ गोल्ड सिर्फ शादी और त्योहारों के लिए नहीं ख़रीदा जाता, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर यही गहने आर्थिक मदद का सबसे पक्का ज़रिया बनते हैं—जैसे गोल्ड लोन। हालांकि, गोल्ड लोन RBI के नियमों के तहत ही दिए जाते हैं, जिनमें लोन-टू-वैल्यू (LTV) और कोलैटरल पर कुछ सीमाएँ तय की गई हैं।

इसके इतर, जब गोल्ड ख़रीदने या गिरवी रखने की बात आती है, तो एक बड़ा सवाल उठता है: 22 कैरट या 24 कैरट—कौन सा गोल्ड ज़्यादा अच्छा है? इस लेख में, हम 22k और 24k गोल्ड के बीच का अंतर जानेंगे। साथ ही, यह भी जानेंगे कि कौन सा गोल्ड कब और क्यों चुनना चाहिए—चाहे आप निवेश कर रहे हों, गहने ख़रीद रहे हों, या तुरंत पैसे के लिए गोल्ड लोन लेने की सोच रहे हों।

राजस्थान में गोल्ड का भाव (22k और 24k)

राजस्थान में गोल्ड का भाव अलग-अलग शहरों में थोड़ा अलग हो सकता है—जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में ज्वेलर्स की दरें थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती हैं। आइए हम जानते हैं कि राजस्थान में सोने का भाव क्या है:

दिनांक22 कैरट (प्रति 10 ग्राम)24 कैरट (प्रति 10 ग्राम)
7 अक्टूबर 2025₹109,232₹119,249

(नोट: गोल्ड लोन के लिए RBI-स्वीकृत गोल्ड प्राइस (जैसे IBJA/SEBI द्वारा जारी) का औसत लिया जाता है, न कि केवल उसी दिन का मार्केट प्राइस।)

22k और 24k गोल्ड में क्या है अंतर?

जब भी आप गोल्ड ख़रीदने या गोल्ड लोन लेने का मन बनाते हैं, तो यह समझना बहुत ज़रूरी है कि 22 कैरट और 24 कैरट गोल्ड में क्या फर्क है। कुछ संस्थाएँ 24k गोल्ड सिक्कों (RBI द्वारा निर्धारित सीमा तक, यानी प्रति उधारकर्ता अधिकतम 50 ग्राम) पर भी लोन देती हैं। आइए जानते है कि कैसे यह अंतर सिर्फ प्युरिटी का नहीं, बल्कि उनके इस्तेमाल और कीमत पर भी सीधा असर डालता है:

  • प्युरिटी का फर्क:

24 कैरट गोल्ड करीब 99.9% प्युर होता है, यानी इसमें कोई और धातु नहीं मिली होती। यह पूरी तरह से प्युर गोल्ड होता है। इसके उलट, 22 कैरट गोल्ड में 91.6% प्युर गोल्ड होता है, जबकि बाकी 8.4% में तांबा या चांदी जैसी धातुएं मिलाई जाती हैं। ऐसा करने से गोल्ड ज़्यादा मज़बूत बनता है, जो गहने बनाने के लिए ज़रूरी है।

  • उपयोग का अंतर:

24 कैरट गोल्ड बहुत नरम होता है, इसलिए इसे आमतौर पर गहने बनाने में इस्तेमाल नहीं किया जाता। यह मुख्य रूप से निवेश के लिए, जैसे गोल्ड के सिक्के या बिस्कुट के तौर पर ख़रीदा जाता है। वहीं, 22 कैरट गोल्ड ज़्यादा मज़बूत होता है, जिससे यह गहने बनाने के लिए सबसे सही माना जाता है। भारतीय बाज़ार में ज़्यादातर गहने इसी कैरट के होते हैं।

  • कीमत और फायदे का अंतर:

अपनी ज़्यादा प्युरिटी के कारण 24 कैरट गोल्ड महंगा होता है। जबकि 22 कैरट गोल्ड थोड़ा सस्ता होता है। यही कारण है कि घरों में ज़्यादातर गहने 22 कैरट के ही मिलते हैं, और गोल्ड लोन लेने के लिए भी यही कैरट सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है।

राजस्थान में गोल्ड की मांग इतनी ज़्यादा क्यों है?

राजस्थान में गोल्ड सिर्फ गहना नहीं, बल्कि परंपरा, सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यहाँ शादी, त्योहार या किसी भी पारिवारिक समारोह में गोल्ड ख़रीदना एक गहरा रिवाज है, जो मारवाड़ी, मेवाड़ी और राजपूत परिवारों में पीढ़ियों से चला आ रहा है।

  • पारंपरिक लगाव: महिलाएँ बोर, हाड़फूल, मांगटीका और कड़ा जैसे पारंपरिक गहनों को बहुत पसंद करती हैं, जो उनकी संस्कृति का अटूट हिस्सा हैं।
  • सुरक्षित निवेश: ज़्यादातर घरों में पीढ़ियों से जमा 22k गोल्ड होता है, जिसे ज़रूरत पड़ने पर गोल्ड लोन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • रोज़मर्रा की चर्चा: इसी सांस्कृतिक और आर्थिक अहमियत की वजह से राजस्थान में गोल्ड का भाव रोज़ाना लोगों के बीच बातचीत का एक अहम हिस्सा बन चुका है।

राजस्थान में गोल्ड का भाव कैसे तय होता है?

राजस्थान में गोल्ड का भाव रोज़ बदलता रहता है जिसकी कीमत सिर्फ भारत के बाज़ार से नहीं, बल्कि दुनिया भर के हालात से भी तय होती है। गोल्ड लोन के लिए वैल्यू तय करते समय ज्वेलर्स का प्रॉफ़िट या टैक्स शामिल नहीं किया जाता, केवल गोल्ड की शुद्धता और RBI-मान्य प्राइस ही देखे जाते हैं।

आइए जानते हैं वो मुख्य कारण जो राजस्थान के अलग-अलग शहरों में भी गोल्ड के भाव को अलग कर सकते हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय बाज़ार
  • रुपया-डॉलर एक्सचेंज रेट
  • जीएसटी, ज्वेलर्स का प्रॉफ़िट, और लोकल डीमांड व सप्लाइ
  • सावन, त्योहारों और शादियों का समय में बढ़ती गोल्ड की डीमांड

गोल्ड लोन के लिए कौन सा गोल्ड बेहतर है – 22k या 24k?

गोल्ड लोन का मतलब है, आपके पास रखे गोल्ड के बदले बैंक या फाइनेंस कंपनी से पैसे उधार लेना। कुछ कंपनी 24k गोल्ड (सिक्के या बिस्किट) पर भी लोन देती हैं, लेकिन उसमें लोन की रकम गोल्ड की प्युरिटी और बाज़ार कीमत के हिसाब से तय होती है। RBI नियमों के तहत, ₹2.5 लाख तक के लोन पर अधिकतम 85% LTV, ₹2.5–5 लाख पर 80% और ₹5 लाख से अधिक पर 75% LTV की अनुमति है। गहनों (22k) पर आमतौर पर यही लागू होता है।

आइए जानते हैं कि गोल्ड लोन के लिए, 22 कैरट गोल्ड ज़्यादा बेहतर क्यों माना जाता है:

  • आसान उपलब्धता: ज़्यादातर लोग जो गहने गिरवी रखते हैं, वे 22k के ही बने होते हैं, क्योंकि भारत में यही ज़्यादा चलता है।
  • ईजी वैल्यूऐशन: 22k गोल्ड की प्युरिटी जांचना और उसका सही दाम लगाना आसान होता है, जिससे लोन की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी होती है।
  • बाज़ार में चलन: भारत में 22k गहनों का सबसे ज़्यादा प्रचलन है, इसलिए बैंक इन्हें आसानी से स्वीकार करते हैं।

गोल्ड लोन लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज़

यदि आप किसी करदाता के माध्यम से गोल्ड लोन लेना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:

  • आधार कार्ड / पैन कार्ड / वोटर आईडी
  • गोल्ड के गहने या RBI-स्वीकृत गोल्ड कॉइन्स (50 ग्राम तक)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • बैंक अकाउंट डिटेल्स

कैसे जांचें गोल्ड की प्युरिटी?

गोल्ड ख़रीदते समय उसकी शुद्धता जाँचना बहुत ज़रूरी है ताकि आपके साथ कोई धोखाधड़ी न हो। आप निवेश करते समय असली और प्युर गोल्ड की पहचान निम्नलिखित आसान तरीकों से कर सकते हैं, जिससे आप अपने निवेश को पूरे भरोसे के साथ कर सकें:

  • हॉलमार्किंग: बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) द्वारा जारी हॉलमार्क देखें। इसमें गोल्ड का कैरट, बनने का साल और हॉलमार्किंग सेंटर का कोड होता है, जो उसकी प्युरिटी की गारंटी देता है।
  • कैरट स्टैम्प: गहनों पर "22k916" या "24k999" जैसा स्टैम्प ज़रूर देखें। यह अंक गोल्ड की प्युरिटी को सीधे तौर पर बताता है (जैसे 22k916 का मतलब 91.6% शुद्ध गोल्ड)।
  • डॉक्यूमेंटेशन: किसी भी ज्वेलर्स से गोल्ड ख़रीदते समय प्युरिटी सर्टिफिकेट और फाइनल बिल लेना कभी न भूलें। यह भविष्य में आपके गोल्ड की प्युरिटी का सबसे बड़ा सबूत होता है।

22k गोल्ड या 24k गोल्ड: कौन सा गोल्ड है ज़्यादा पसंद?

फिलहाल राजस्थान में 22 कैरट गोल्ड ज़्यादा लोकप्रिय है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका इस्तेमाल गहने बनाने में होता है और यह परिवारों की जमा-पूंजी का एक अहम हिस्सा है, जिसे ज़रूरत पड़ने पर आसानी से गोल्ड लोन में बदला जा सकता है।

वहीं, 24 कैरट गोल्ड निवेश के लिए अच्छा है, पर रोज़मर्रा के इस्तेमाल में कम आता है। इसलिए, अगर आप गहने बनवाने या गोल्ड लोन लेने की सोच रहे हैं, तो 22k गोल्ड आपके लिए बेहतर है। इसके साथ ही, इस बात का ध्यान रखना भी ज़रूरी है कि, RBI नियमों के अनुसार, गोल्ड लोन लेते समय उधारकर्ता को assay certificate, valuation details और auction के बाद बची राशि का हक़ मिलता है।