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हनुमान जन्मोत्सव: कोयल गांव का 250 साल पुराना बाल हनुमान मंदिर, यहां पूरी होती है भक्तों की मनोकामना

डीडवाना कुचामन जिले के कोयल गांव में स्थित बाल हनुमान मंदिर में दूर-दूर से भक्त मनोकामना लेकर आते हैं.

Devotees performing aarti of Hanuman ji
हनुमान जी की आरती करते श्रद्धालु (ETV Bharat Kuchaman City)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : April 12, 2025 at 6:33 AM IST

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Updated : April 12, 2025 at 9:45 AM IST

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कुचामनसिटी: देशभर में 12 अप्रैल शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा और इस मौके पर भक्ति अपने आराध्य वीर हनुमान की पूजा करने के लिए मंदिरों तक भी जाएंगे. ऐसे में ईटीवी भारत आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहा है, जिसकी चर्चा इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है. डीडवाना कुचामन जिले के निम्बी जोधा कस्बे के नजदीक कोयल गांव में स्थित इस मंदिर को भक्त की समस्या के समाधान के लिए जाना जाता है. मंदिर से जुड़ी मान्यता के बाद और सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद दूर-दूर से लोग मंदिर तक आ रहे हैं.

मंदिर के पंडित दीनदयाल का मानना है कि इस मंदिर में बाल हनुमान की मूर्ति चमत्कारी है. हनुमान जी के मंदिर के सामने सत्यनारायण भगवान का मंदिर है, जिसे सारडा परिवार ने बनाया था. यहां पर पहले किसी के भी पक्का मकान नहीं था. मान्यता है कि जब यहां पर बालाजी का मंदिर बना, उसके बाद ही लोगों के पक्के मकान बनने शुरू हुए. यहां सबसे पहले सारडा परिवार की एक बड़ी हवेली बनी थी. उन्होंने बताया कि यहां आम श्रद्धालुओं के साथ ही कई बड़े अधिकारी भी आते हैं. हरियाणा, यूपी, पंजाब, महाराष्ट्र आदि जगहों से भक्तगण यहां दर्शन करने और मनोकामना पूरी होने की इच्छा लेकर आते हैं.

बाल हनुमान मंदिर को लेकर ये है लोगों की मान्यता, देखें वीडियो (ETV Bharat Kuchaman City)

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साधु-संत ने यहां की थी तपस्या: पंडित दीनदयाल ने बताया कि बालाजी का मंदिर लगभग 250 से ज्यादा पुराना है. यहां पहले जंगल था. किसी साधु-संत ने यहां पर तपस्या की थी. इस तपस्या के बाद ही यहां पर बालाजी के मंदिर की स्थापना हुई. गांव के एक माहेश्वरी परिवार के सदस्य को सपने में सत्यनारायण जी भगवान दिखे. उन्होंने कहा कि इस जगह पर बालाजी के एकदम सामने मेरा मंदिर होना चाहिए. उसके बाद उन्होंने यहां मंदिर बनाया. मंदिर बनने के बाद सवा महीने तक यहां कीर्तन हुए. ऐसा मंदिर भारत में और कहीं पर भी नहीं है जहां सत्यनारायण भगवान और बालक हनुमान आमने-सामने हों.

Bal Hanuman Temple of Koyal village
कोयल गांव का बाल हनुमान मंदिर (ETV Bharat Kuchaman City)

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पूजा के समय कांच में दिखती है हनुमानजी की छवि: पंडित दीनदयाल ने बताया कि जब बालाजी की आरती होती है, उस समय कांच में बालाजी की छवि दिखाई देती है. अधिकांश भक्तों को वह दिखाई भी जाती है. यह भी एक बहुत बड़ा चमत्कार है. जिसकी कोई फोटो या वीडियो नहीं बना सकता है.

Devotees performing puja at Bal Hanuman temple
बाल हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु (ETV Bharat Kuchaman City)

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श्रद्धालुओं की ये है मान्यता: श्रद्धालु बाबूलाल जांगिड़ ने बताया कि जब भी वे किसी परेशानी में होते हैं, तो यहां पर बालक हनुमान को चोला चढ़ाते हैं और उनकी समस्या का समाधान हो जाता है. वे किसी भी काम को करने से पहले बालाजी को याद करते हैं. श्रद्धालु अरुण शर्मा ने बताया कि उन्होंने नौकरी के कई प्रयास किए, लेकिन हर बार चूक जाते थे. उनके रिश्तेदार ने कोयल गांव में स्थित बालाजी और सत्यनारायण जी के मंदिर जाकर प्रार्थना करने को कहा. जब वहां पर उन्होंने बालाजी से प्रार्थना की तो सरकारी नौकरी लग गई. श्रद्धालु प्रकाश दाधिच का मानना है कि मंदिर की सबसे बड़ी चमत्कारी बात यह है कि अगर कोई भी व्यक्ति डिप्रेशन में हो और इस मंदिर में एक या दो घंटे बैठ जाए, तो डिप्रेशन गुम हो जाता है.

Last Updated : April 12, 2025 at 9:45 AM IST