महापर्व छठ पर स्कूली बच्चों का कार्यक्रम देख आप भी कहेंगे क्या बात! छठी मईया के भक्तिभाव में डूबा विद्यालय परिसर - MAHAPARVA CHHATH PUJA

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स्कूली बच्चों का छठ गीत (ETV Bharat)

By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 4, 2024 at 4:45 PM IST

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बक्सर: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को धूमधाम से मनाने की तैयारी जारी है. चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व के कई विशेष नियम हैं और इसके प्रत्येक दिन के प्रसाद का अपना अलग महत्व होता है. नहाय खाय से इस पर्व का अनुष्ठान शुरू होता है. इसी कड़ी में बक्सर के स्कूली बच्चों ने बहुत ही शानदार तरीके से छठ पूजा के मंत्रमुग्ध कर देने वाले गीतों को गाकर छठ के विभिन्न दृश्यों को प्रस्तुत किया है. विद्यालय परिसर बिल्कुल छठी मईया के भक्तिभाव से सराबोर हो गया. वहां ठेकुआ और फल-फूल के साथ दौरा को सजाया गया. दौरा को सर पर उठाकर जैसे नदी किनारे या तालाब के पास पहुंचते हैं और छठवर्ती परिक्रमा करती हैं. भगवान भास्कर को अर्घ्य देती हैं फिर किनारे में हाथ जोड़े दीपक जलाकर छठी मईया की पूजा अर्चना करती हैं, ठीक उसी तरह इन बच्चों का प्रदर्शन रहा. वहीं विद्यालय के प्राचार्य त्रिलोचन कुमार ने कहा कि छठ हमारे बिहार का महापर्व है, इस पर्व का जुड़ाव सीधा प्रकृति से होता है. इसमें स्वच्छता और सुचिता का विशेष महत्व होता है, इसलिए इन सभी की जानकारी आज की युवापीढ़ी को देनी चाहिए. यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है.
 

बक्सर: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को धूमधाम से मनाने की तैयारी जारी है. चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व के कई विशेष नियम हैं और इसके प्रत्येक दिन के प्रसाद का अपना अलग महत्व होता है. नहाय खाय से इस पर्व का अनुष्ठान शुरू होता है. इसी कड़ी में बक्सर के स्कूली बच्चों ने बहुत ही शानदार तरीके से छठ पूजा के मंत्रमुग्ध कर देने वाले गीतों को गाकर छठ के विभिन्न दृश्यों को प्रस्तुत किया है. विद्यालय परिसर बिल्कुल छठी मईया के भक्तिभाव से सराबोर हो गया. वहां ठेकुआ और फल-फूल के साथ दौरा को सजाया गया. दौरा को सर पर उठाकर जैसे नदी किनारे या तालाब के पास पहुंचते हैं और छठवर्ती परिक्रमा करती हैं. भगवान भास्कर को अर्घ्य देती हैं फिर किनारे में हाथ जोड़े दीपक जलाकर छठी मईया की पूजा अर्चना करती हैं, ठीक उसी तरह इन बच्चों का प्रदर्शन रहा. वहीं विद्यालय के प्राचार्य त्रिलोचन कुमार ने कहा कि छठ हमारे बिहार का महापर्व है, इस पर्व का जुड़ाव सीधा प्रकृति से होता है. इसमें स्वच्छता और सुचिता का विशेष महत्व होता है, इसलिए इन सभी की जानकारी आज की युवापीढ़ी को देनी चाहिए. यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है.
 

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