भारत की पहली एआई-संचालित आंगनवाड़ी केंद्र नागपुर में शुरू, प्री-स्कूल शिक्षा में आ रहा बदलाव - AI DRIVEN ANGANWADI
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Published : August 5, 2025 at 2:25 PM IST
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के वडधामना गांव में एआई-संचालित आंगनवाड़ी केंद्र की शुरुआत हुई है. इसे देश का पहला एआई-संचालित आंगनवाड़ी केंद्र बताया जा रहा है. राज्य के मिशन बाल भरारी के तहत शुरू किए इस आगनवाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों को नई-नई चीजें सिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डैशबोर्ड, वर्चुअल रियलिटी हेडसेट और इंटरैक्टिव डिजिटल सामग्री जैसे अत्याधुनिक डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है.
आंगनवाड़ी केंद्र पारंपरिक रूप से खासकर देश के ग्रामीण इलाकों में जमीनी स्तर पर सबसे वंचित समुदायों के बच्चों की देखभाल और प्री-स्कूल शिक्षा के केंद्र रहे हैं. अब इन्हें तकनीक-संचालित शिक्षण केंद्रों में बदला जा रहा है ताकि ग्रामीण इलाकों के बच्चों को वैसी ही शिक्षा मिल सके जैसी बेहतरीन शहरी स्कूलों में दी जाती है. महाराष्ट्र में ये एआई-संचालित आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा में नया बेंचमार्क स्थापित कर रहा है. ये ग्रामीण इलाकों में शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल समावेशन और नवाचार के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दिखाता है. नागपुर जिला परिषद ने जिले की 40 और आंगनवाड़ियों में इस मॉडल को लागू करने की योजना तैयार की है.
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के वडधामना गांव में एआई-संचालित आंगनवाड़ी केंद्र की शुरुआत हुई है. इसे देश का पहला एआई-संचालित आंगनवाड़ी केंद्र बताया जा रहा है. राज्य के मिशन बाल भरारी के तहत शुरू किए इस आगनवाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों को नई-नई चीजें सिखाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डैशबोर्ड, वर्चुअल रियलिटी हेडसेट और इंटरैक्टिव डिजिटल सामग्री जैसे अत्याधुनिक डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है.
आंगनवाड़ी केंद्र पारंपरिक रूप से खासकर देश के ग्रामीण इलाकों में जमीनी स्तर पर सबसे वंचित समुदायों के बच्चों की देखभाल और प्री-स्कूल शिक्षा के केंद्र रहे हैं. अब इन्हें तकनीक-संचालित शिक्षण केंद्रों में बदला जा रहा है ताकि ग्रामीण इलाकों के बच्चों को वैसी ही शिक्षा मिल सके जैसी बेहतरीन शहरी स्कूलों में दी जाती है. महाराष्ट्र में ये एआई-संचालित आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा में नया बेंचमार्क स्थापित कर रहा है. ये ग्रामीण इलाकों में शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल समावेशन और नवाचार के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दिखाता है. नागपुर जिला परिषद ने जिले की 40 और आंगनवाड़ियों में इस मॉडल को लागू करने की योजना तैयार की है.

