यूपी: कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र के चालू होने से टिकाऊ खेती को मिलेगा बढ़ावा - बाराबंकी

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बाराबंकी में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र (PTI Videos)

By PTI

Published : April 19, 2025 at 10:52 AM IST

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उत्तर प्रदेश ने स्थाई ऊर्जा पैदा करने की दिशा में अहम पड़ाव हासिल किया है. बाराबंकी में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र पूरी तरह काम करना शुरू हो गया है. संयंत्र का संचालन रिलायंस इंडस्ट्रीज करती है. इसे बनाने के लिए कंपनी ने 2017 में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान राज्य सरकार के साथ समझौता किया था. संयंत्र में पराली, गोबर और हरित अपशिष्ट से हरित ऊर्जा पैदा की जाती है. हरित ऊर्जा की आपूर्ति ना सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि पड़ोसी इलाकों में भी होती है. इस संयंत्र ने किसानों को पराली जलाने से रोकने की मजबूत वजह दी है. अब वे फसल के अवशेष संयंत्र को बेच सकते हैं और ज्यादा आमदनी कर सकते हैं. संयंत्र से हरित ऊर्जा पैदा होने के अलावा स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है. बाराबंकी का कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र हरित ऊर्जा पैदा करता है, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देता है, और भविष्य के लिए मिसाल भी पेश कर रहा है. 

उत्तर प्रदेश ने स्थाई ऊर्जा पैदा करने की दिशा में अहम पड़ाव हासिल किया है. बाराबंकी में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र पूरी तरह काम करना शुरू हो गया है. संयंत्र का संचालन रिलायंस इंडस्ट्रीज करती है. इसे बनाने के लिए कंपनी ने 2017 में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान राज्य सरकार के साथ समझौता किया था. संयंत्र में पराली, गोबर और हरित अपशिष्ट से हरित ऊर्जा पैदा की जाती है. हरित ऊर्जा की आपूर्ति ना सिर्फ स्थानीय स्तर पर, बल्कि पड़ोसी इलाकों में भी होती है. इस संयंत्र ने किसानों को पराली जलाने से रोकने की मजबूत वजह दी है. अब वे फसल के अवशेष संयंत्र को बेच सकते हैं और ज्यादा आमदनी कर सकते हैं. संयंत्र से हरित ऊर्जा पैदा होने के अलावा स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है. बाराबंकी का कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र हरित ऊर्जा पैदा करता है, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देता है, और भविष्य के लिए मिसाल भी पेश कर रहा है.