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45 दिनों तक नहीं जा सकेंगी घर, रिहैबिलिटेशन प्रोसेस से गुजरेंगी सुनीता, जानिए क्या है प्रक्रिया

सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर आखिरकार धरती पर वापस आ चुके हैं और अब उन्हें एक रिहैबिलिटेशन प्रोसेस से गुजरना होगा.

Sunita Williams and Butch Wilmore returned from the International Space Station
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से लौटे सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर (फोटो - X/@NASA_Astronauts)
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By ETV Bharat Tech Team

Published : March 19, 2025 at 7:48 AM IST

3 Min Read
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हैदराबाद: अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने आखिरकार 9 महीने बाद पृथ्वी पर कदम रख दिया है. जून 2024 से अंतरिक्ष में स्थित इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में फंसे रहने के बाद वे दो अन्य साथियों के साथ आखिरकार धरती पर लौट आए हैं. ये सभी एस्ट्रोनॉट्स SpaceX Dragon स्पेसक्रॉफ्ट के जरिए फ्लोरिडा के गल्फ कोस्ट पर सुरक्षित रूप से लैंड हुए. अंतरिक्ष यात्रियों की घर वापसी के साथ ही उनके स्वास्थ्य को लेकर सावधानियां बरती जा रही हैं.

आप सोच रहे होंगे कि ISS पर लंबे समय तक रहने के बाद, अब अंतरिक्ष यात्री सीधे अपने घर लौटना चाहेंगे और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहेंगे. हालांकि अंतरिक्ष से लौटने के बाद चीजें थोड़ा कॉम्प्लीकेटेड हो जाती हैं, क्योंकि गुरुत्वाकर्षण की अनुपस्थिति का अर्थ है कि अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर जीवन के लिए फिर से अपने आप एडजस्ट करना होता है.

ऐसा इसलिए क्योंकि अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने पर शरीर पर कई तरह के दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं, जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. इसी के साथ ही अंतरिक्ष यात्रियों को 45 दिनों के रिहैबिलिटेशन के लिए भेज दिया जाएगा. यह एक जरूरी प्रक्रिया है, और स्पेस से वापस आने के बाद इससे हर एक अंतरिक्ष यात्री को गुजरना पड़ता है. यहां हम बताने जा रहे हैं कि अंतरिक्ष यात्रियों के रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया में क्या होता है.

शुरुआती स्वास्थ्य परीक्षण
अंतरिक्ष से धरती पर लौटने के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. इन शुरुआती घंटों में अंतरिक्ष यात्रियों को स्वास्थ्य परीक्षण से गुजरना होता है. डॉक्टर तुरंत महत्वपूर्ण संकेतों का आकलन करते हैं, जिसमें ब्लड प्रेशर, हृदय गति, हाइड्रेशन और तंत्रिका संबंधी जांच की जाती है. डॉक्टर्स लो ब्लडप्रेशर या डीहाइड्रेशन जैसी परेशानियों के संकेतों की भी जांच करते हैं. इसके बाद शुरुआती रिहैबिलिटेशन किया जाता है, जिसमें जेंटल मूवमेंट, स्ट्रेचिंग और मालिश होती है, ताकि धीरे-धीरे अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर में गुरुत्वाकर्षण को पुनः स्थापित किया जा सके.

रिहैबिलिटेशन के कई चरण
पहला चरण (शुरुआती कुछ दिन): अंतरिक्ष से वापस लौटने के शुरुआती कुछ दिनों में अंतरिक्ष यात्रियों को कई परेशानियां होती है, जिसके चलते उन्हें चलने में भी परेशानी होती है. इसके लिए उन्हें स्ट्रेचिंग और मालिश जैसी ट्रीटमेंट दी जाती है, इसके साथ ही बुनियादी मोबिलिटी, लचीलेपन और मांसपेशियों को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है.

दूसरा चरण: इस चरण में अगले कुछ हफ्तों तक अंतरिक्ष यात्रियों के हृदय संबंधी फिटनेस पर ध्यान दिया जाता है और बॉडी संतुलन को बेहतर बनाने के लिए पानी के नीचे चलना सिखाया जाता है. इसके साथ ही साइकिल एर्गोमीटर पर पैडल मारना और हल्की सैर जैसे अधिक सक्रिय व्यायाम शुरू कराए जाते हैं.

तीसरा चरण: यह चरण लंबा होता है और इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को रनिंग, ज्यादा गहन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दी जाती है और साथ ही उड़ान से पहले अंतरिक्ष यात्री जो गतिविधियां करते थे, उन्हें फिर से कराया जाता है.