यूपी में यूरिया की कालाबाजारी की हद! बाराबंकी में पति-पत्नी के नाम खेत सिर्फ 6 बीघे, बेच दी 85 बोरी खाद
प्रदेश में खाद संकट पर योगी सरकार की सख्ती, किसानों-दुकानदारों पर एक्शन शुरू, जरूरत से ज्यादा बोरियां खरीदने-बेचने वालों की जांच-पड़ताल

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 23, 2025 at 7:41 AM IST
|Updated : August 23, 2025 at 2:00 PM IST
बाराबंकी/सोनभद्र/बहराइच: यूपी में यूरिया की कालाबाजारी में बड़ा खेल सामने आने लगा है. प्रदेश की योगी सरकार ने बार-बार या जरूरत से ज्यादा खाद खरीदने वाले किसानों और बेचने वाले दुकानदारों की जांच-पड़ताल कर एक्शन शुरू दिया है. ताजा मामला बाराबंकी जिले का है, जहां एक किसान दंपती के पास खेत महज 6 बीघे है, लेकिन उन्हें 85 बोरी यूरिया बेच दी गई. शासन-प्रशासन की जांच में पता चला है कि किसान पति-पत्नी को अलग-अलग खाद बेची गई. इस गड़बड़ी को लेकर दुकानदार का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. साथ ही प्रशासन ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है. वहीं, सोनभद्र और बहराइच में अफसरों ने सहकारी समितियों के गोदाम का औचक निरीक्षण कर जांच की. साथ ही अफसरों को दिशा-निर्देश दिए.
कृषि मंत्री शाही दे चुके हैं चेतावनीः प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की मानें तो प्रदेश में अब तक 30.68 लाख मीट्रिक टन यूरिया किसानों को दे दी गई है. यह पिछले वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक है. कृषि मंत्री ने बीते दिनों महाराजगंज समेत कई जिलों का दौरा कर खाद की बिक्री की जांच की थी. इस दौरान कृषि मंत्री ने कहा था कि बार-बार और 1.5 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया खरीदने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसे सभी किसानों की जांच की जाएगी.

बाराबंकी में सामने आए थे 21 किसानों के नामः दो दिन पहले जब बाराबंकी में खाद की बिक्री की जांच की थी तो पता चला था कि 21 किसान ऐसे थे जो 40 बोरी से अधिक खरीद चुके हैं. वहीं 97 किसान ऐसे मिले थे, जिन्होंने बार-बार यूरिया खरीदी थी. जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने इन किसानों की जांच के निर्देश देते हुए टीम का गठन किया था. तभी से ऐसे किसानों को बेची गई खाद की जांच की जा रही है.

खेती के रकबे के आधार पर खाद देने का नियम: यूरिया खाद की कम उपलब्धता को लेकर प्रदेश भर में किसान परेशान हैं. जिला प्रशासन आवंटन के अनुसार सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर खाद की आपूर्ति करके वहां से किसानों को खाद वितरण कराता है. इसके लिए समितियों और बिक्री केंद्रों पर सम्बंधित क्षेत्रों के लेखपाल लगाए गए हैं. लेखपालों द्वारा किसानों की खतौनी और उनके आधार कार्ड चेक करने के बाद ही यूरिया दी जा रही है. जिला प्रशासन का दावा है कि जिले में पर्याप्त यूरिया खाद का स्टाॅक है.

ऐसे खुला कालाबाजारी का खेलः बता दें कि हर महीने यूरिया खाद खरीदने वाले टॉप 20 बायर्स और फ्रिक्वेंट बायर्स की एफएमएस पोर्टल से सूची निकालकर उसकी जांच कराकर पोर्टल पर रिपोर्ट सबमिट की जाती है. जुलाई की सूची देख बाराबंकी जिला प्रशासन का दिमाग चकरा गया. दरअसल, विकास खण्ड सूरतगंज के बेहड़ा बाजार स्थित मेसर्स रामू खाद भंडार की सूची देखकर प्रशासन में हड़कम्प मच गया. इस खाद भंडार के प्रोपराइटर श्रीराम विजय पुत्र रमापति निवासी फतेहपुरवा पोस्ट विन्दौरा धरथरिया थाना मोहम्मदपुर खाला ने 11 किसानों को अधिक मात्रा में खाद बेच डाली. इस दुकानदार ने पतौजा निवासी देशराज को 17 जुलाई और 28 जुलाई को 43 बोरी यूरिया बेच डाली. यही नही, इसने देशराज की पत्नी विमला देवी को भी उन्हीं तारीखों में 42 बोरी खाद बेच डाली. इसी तरह इस लापरवाह ने पतौजा गांव के ही श्यामू कुमार को 45 बोरियां और श्यामू की पत्नी ननकी को 43 बोरी यूरिया बेची. जांच हुई तो पाया गया कि इन लोगों के पास बहुत कम जोत है.

इन्हें भी बेची 30-40 बोरी: इसी तरह इसी गांव के विपिन पुत्र बलकरन को 44 बोरी, विपिन पुत्र रमेश को 27 बोरी, रिंकू पुत्र शंभू को 36 बोरी, तिन्दोला निवासी राम मिलन को 45 बोरी, विन्दौरा निवासी प्रवीन कुमार को 27 बोरी, यहीं के रहने वाले अवधराम को 45 बोरी बेची गई. हैरानी की बात तो इस दुकानदार ने सीतापुर जिले के इटिया निवासी छन्नूलाल को भी 36 बोरियां बेच दी. जबकि जिले के बाहर के किसानों को खाद नहीं बेची जा सकती है.
खाद खरीदने वाले किसानों की जमीन कम निकलीः जांच टीम के मुताबिक खुलासा हुआ कि इस दुकानदार ने जिनको भी खाद बेची, उनके भूमि अभिलेख मानक से काफी कम पाए गए. लिहाजा किसानों के बयान और उनके अभिलेखों की जांच करने के बाद दुकानदार के लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया. साथ ही जांच में यह पाया गया कि विक्रेता श्रीराम विजय द्वारा कालाबाज़ारी के मकसद से नियमानुसार उर्वरक की बिक्री न करके मनमाने ढंग से किसानों को ज्यादा से ज्यादा खाद बेच दी जो शासन द्वारा निर्गत आदेशों का उल्लंघन है. इसलिए जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने आरोपी मेसर्स रामू खाद भंडार फुटकर उर्वरक विक्रेता बेहड़ा बाजार के प्रोपराइटर श्रीराम विजय के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मोहम्मदपुर खाला थाने में मुकदमा दर्ज कराया है.
कितनी जमीन पर कितनी खाद की बोरी देने का प्रावधानः जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने बताया कि नियमानुसार एक हेक्टेयर रकबे(4 से 5 बीघा खेत) वाले किसान को 5 बोरी खाद दिए जाने का प्रावधान है. इसका किसान धान बोवाई से लेकर कटाई तक इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन खाद दुकानदार ने गड़बड़ी करते हुए मनमाने ढंग से खाद की बिक्री की. इस दुकानदार ने पतौजा निवासी देशराज को 17 जुलाई और 28 जुलाई को 43 बोरी यूरिया बेच डाली जबकि इसके पास महज 0.614 हेक्टेयर ही जमीन का लेखा जोखा दिया. यही नहीं, देशराज की पत्नी विमला देवी को भी उन्हीं तारीखों में 42 बोरी खाद बेची. विमला देवी के पास महज 0.514 हेक्टेयर जमीन है. यानी इस दंपती के पास खेत तो करीब 6 बीघे ही हैं और यूरिया खरीद ली 85 बोरी. ऐसे ही जमाखोरी और खाद का खेल प्रदेश भर में हुआ है. जरूरतमंद किसान परेशान हैं.
इन किसानों का रकबा भी था कमः उन्होंने बताया कि इसी तरह दुकानदार ने पतौजा गांव के ही श्यामू कुमार को 45 बोरियां और श्यामू की पत्नी ननकी को 43 बोरी यूरिया बेच डाली. दोनों को कुल 88 बोरी खाद दे दी जबकि इनके पास केवल 0.898 हेक्टेयर खेती है. इसी तरह इसी गांव के 0.508 हेक्टेयर जोत वाले विपिन पुत्र बलकरन को 44 बोरी, विपिन पुत्र रमेश को 27 बोरी,0.700 हेक्टेयर रकबे वाले रिंकू पुत्र शंभू को 36 बोरी,तिन्दोला निवासी राम मिलन को 45 बोरी दे दी जबकि इनके पास महज 0.022 हेक्टेयर ही जोत है.विन्दौरा निवासी प्रवीन कुमार को 27 बोरी ,यहीं के रहने वाले अवधराम को 45 बोरी बेच दी.अवधराम के पास 1.29 हेक्टेयर में खेती है. हैरानी की बात तो यह कि इस दुकानदार को पकड़े जाने का जरा भी खौफ नजर नही आया और इसने सीतापुर जिले के इटिया निवासी छन्नूलाल को भी 36 बोरियां बेच दी.छन्नू लाल के पास 0.682 हेक्टेयर खेती है. वहीं, इस बारे में जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने कहा कि खाद दुकानदारों की जांच की जा रही है. अनियमितता पाए जाने पर किसी को बख्शा नही जाएगा.
सोनभद्र में सदर विधायक ने किया पीसीएफ गोदाम का निरीक्षणः सोनभद्र में सदर विधायक भूपेश चौबे ने पीसीएफ गोदाम का निरीक्षण किया. उन्होंने सहकारी समितियां को यूरिया उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. कहा कि सरकार किसानों की खाद की समस्या को लेकर गंभीर है,सरकार का मत है कि नौजवान, जवान और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए.
बहराइच में मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण: बहराइच में पाटन मंडल के मंडलायुक्त ने ग्रामीण सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया. देर रात देवीपाटन मंडल के मंडल आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने दरगाह थाना क्षेत्रीय इलाके के कल्पीपारा स्थित बहुद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति का वाचन निरीक्षण किया. यहां उन्होंने स्टॉक रजिस्टर समेत और दस्तावेजों का बारीकी से निरीक्षण किया. खाद व यूरिया लेने के लिए लाइन में लगे किसानों से भी होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली. साथ ही अफसरों को दिशा-निर्देश दिए.

