रानीखेत में महिलाओं पर चढ़ा होली का खुमार, जबरदस्त राग गाकर लूटी महफिल
रानीखेत में होली की धूम मची हुई है. महिला होलियारों ने जबरदस्त राग गाकर महफिल लूट रही हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 11, 2025 at 9:57 AM IST
|Updated : March 11, 2025 at 10:11 AM IST
रानीखेत: प्रदेश में इन दिनों होली की धूम मची हुई है. जगह-जगह होल्यार होली के रंग बिखेर रहे हैं. वहीं रानीखेत में सांस्कृतिक समिति द्वारा नगर में पहली बार फागोत्सव आयोजित किया गया है. फागोत्सव के तहत महिला टोलियों ने नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली. इसके बाद शिव मंदिर परिसर में होली गायन एवं स्वांग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसमें विजेता टीमों को नकद राशि एवं ट्रॉफी दी गई. प्रतियोगिता में नैनीताल की टीम अव्वल रही, जबकि द्वितीय रानीखेत और अल्मोड़ा तृतीय स्थान पर रहे.
नगर में फागोत्सव का शुभारंभ छावनी परिषद मुख्य अधिशासी अधिकारी कुनाल रोहिला और विशिष्ट अतिथि रंगकर्मी कैलाश पांडे ने चीर बांध कर किया. कार्यक्रम में महिला टीमों ने होली गायन और स्वांग अभिनय की मनमोहक प्रस्तुति दी. प्रतियोगिता में नैनीताल की टीम अव्वल रही, जबकि द्वितीय रानीखेत और अल्मोड़ा तृतीय स्थान पर रहे. इस दौरान महिलाओं ने होली गायन कर खूब रंग जमाया.
रामनगर में भी होली की धूम: नैनीताल जिले के रामनगर में महिलाओं पर होली का रंग पूरी तरह चढ़ चुका है. महिलाएं घरों से बाहर निकलकर होली का जश्न मना रही हैं. महिलाओं ने होली के पारंपरिक गीतों पर नृत्य किया. "ऐसी बंसी बजाई घनश्याम ने" और "होली खेलन कैसे जाऊं सखी रे" जैसे होली गीतों पर महिलाओं ने जमकर थिरकते हुए एक-दूसरे को अबीर गुलाल लगाया.
महिला होल्यार ने कहा कि होली हमारे लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का हिस्सा है. हम हर साल इस तरह से होली मनाते हैं और इस बार भी होली का आयोजन जगह-जगह किया जा रहा है.पारंपरिक गीत गाकर होली गायन किया जा रहा है. जिसका सभी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं.

कुमाऊं की होली काफी प्रसिद्ध है. कुमाऊं अंचलों में होलियार ढोल और रागों पर थिरकते दिखाई देते हैं. पौष माह के पहले रविवार से बैठकी होली शुरू हो जाती है. जिसके बाद कुमाऊं मंडल में होली की महफिलें सज जाती हैं. होली गायन पूरे तीन महीनों तक चलता है. होली गायन शास्त्रीय गीतों से होता है.
पढ़ें-

