बिहार के सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़, किसकी लापरवाही से गई 7 लोगों की जान? - Jehanabad Stampede
7 Died Due to Stampede In Jehanabad: सावन की चौथी सोमवारी पर बिहार के जहानाबाद में भगदड़ के कारण 7 शिव भक्तों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों के परिजनों का आरोप है कि मंदिर में पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई. ऐसे में सवाल है कि इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है?.

Published : August 12, 2024 at 2:07 PM IST
|Updated : August 12, 2024 at 10:56 PM IST
जहानाबाद: सोमवार की सुबह बिहार के जहानाबाद में दर्दनाक हादसा हुआ है. सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में भगदड़ के कारण 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई. मरने वालों में 5 महिलाएं भी शामिल हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि सावन की चौथी सोमवारी पर किसकी लापरवाही से अनर्थ हुआ?. क्या प्रशासन की तरफ से व्यवस्था नाकाफी थी?. मंदिर में एक तरफ शिवभक्तों का जमावड़ा लगा था, तो क्या वहां श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए पुलिस के इंतजाम नाकाफी थे?. सवाल यह भी है कि आखिर किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ?.
भगदड़ में 7 की मौत, किसकी लापरवाही?: दरअसल, बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर में स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में देर रात से ही भक्तों की लंबी कतार लगी हुई थी. इसी दौरान अचानक लोग इधर-उधर भागने लगे. कुछ लोग नीचे गिर गए और एक-दूसरे को कुचलते हुए आगे बढ़ने लगे. इस भगदड़ में 7 लोगों की जान चली गई. वहीं, चश्मदीदों के मुताबिक 50 से ज्यादा लोग घायल हैं, जिनमें से कई लोगों की हालत गंभीर है.
घटित घटना के सम्बन्ध में :-@bihar_police @BiharHomeDept @IPRDBihar @IgMagadh pic.twitter.com/DdInZ0imNh
— Jehanabad Police (@spjehanabad) August 12, 2024
क्या बोले पीड़ित के परिजन?: मखदुमपुर अस्पताल में भर्ती एक पीड़ित के रिश्तेदार ने बताया, 'इस घटना में मेरे दोनों बच्चे, एक बेटा और एक बेटी घायल हो गए. अभी उनकी स्थिति स्थिर है. इलाज चल रहा है.' वहीं, अस्पताल में भर्ती एक और घायल के रिश्तेदार ने बताया, 'मुझे घटना की जानकारी फोन से मिली. हम सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंच गए. इलाज चल रहा है.'
जहानाबाद भगदड़ के मृतकों के नाम: सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें गया के मोर टेकरी निवासी पूनम देवी, जहानाबाद के मखदुमपुर थाना क्षेत्र के लडौआ गांव की निशा कुमारी, जल बीघा के नाडोल की सुशीला देवी, नगर थाना क्षेत्र के एरकी गांव की नीता देवी के अलावे राजू कुमार और प्यारे पासवान शामिल हैं. हालांकि एक अन्य महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है.
माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी ने जहानाबाद के मखदुमपुर के सिद्धेश्वर मंदिर में मची भगदड़ में 07 लोगों की हुई मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।
— Janata Dal (United) (@Jduonline) August 12, 2024
साथ ही मुख्यमंत्री जी ने मृतक के परिजनों को अविलंब चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिए हैं। pic.twitter.com/8Y9anbvh28
7 की मौत, 24 लोग घायल: इस घटना में घायल हुए सभी श्रद्धालुओं को आनन-फानन में मखदुमपुर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालांकि कई लोगों को गया रेफर कर दिया गया. स्वास्थ्य विभाग के डिस्ट्रिक प्रोग्राम मैनेजर मोहम्मद खालिद हुसैन ने बताया कि ''सात शवों का पोस्टमार्टम हुआ है. घटना में 24 लोग घायल हैं. इनमें से तीन लोग गया में, जबकि बाकी घायल मखदुमपुर अस्पताल में भर्ती है.''
फूलवाले से झगड़े के बाद मची भगदड़?: वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी घटना घटी है. सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में मची भगदड़ के चश्मदीद मनोज सिंह ने बताया, अगर प्रशासन ने ठीक से काम किया होता तो फूल बेचने वाले को झगड़ा नहीं करना पड़ता. फूल वालों के बीच झगड़ा हुआ था. यह सब हमारे सामने ही हुआ. हम में से बहुत से लोग वहां फंसे हुए थे, किसी ने मुझे लाश पर से खींच कर वहां से निकाला. अगर मैं एक-दो मिनट और वहां फंसा रहता तो मेरी भी मौत हो जाती.
जहानाबाद के बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में देर रात श्रावणी मेले के दौरान भगदड़ मचने से कई श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर एवं अनेक श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 12, 2024
महादेव से प्रार्थना है कि वे घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें तथा मृतकों को अपने श्रीचरणों…
"यह घटना भगदड़ की वजह से हुई. मौके पर एक भी पुलिस कहीं नहीं दिखी, अगर पुलिस रहती तो हादसा नहीं होता. मुझे भी चोटें आई हैं. 10-15 लोगों की मौत हुई होगी, 50 से ज्यादा लोग घायल हुए होंगे." - मनोज सिंह, प्रत्यक्षदर्शी
क्या बोले चश्मदीद? : वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, 'राष्ट्रीय कैडेट कोर की टीम को श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात किया गया था. इन लोगों ने लाठी का प्रयोग किया, जिस कारण वहां पर भगदड़ मची. लोग भागने लगे और एक दूसरे को कुचलते हुए आगे निकल गए, यह प्रशासन की गलती है.'
हादसे पर क्या बोले डीएम-एसपी?: एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जहानाबाद डीएम ने माना है कि कांवरियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. यह विवाद लड़ाई में बदल गया. जिस वजह से वहां भगदड़ मची और अफरातफरी का माहौल बन गया. वहीं, एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि विवाद में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
"जहानाबाद जिले के मखदुमपुर में बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में मची भगदड़ में 7 लोगों की मौत हो गई और 9 घायल हुए हैं. हम हर चीज पर नजर रख रहे हैं और अब स्थिति नियंत्रण में है. जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा."- अलंकृता पांडे, जिलाधिकारी, जहानाबाद

"तीन सोमवारी के बाद ये चौथी सोमवारी थी. हम लोग ज्यादा सतर्क थे. सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद थीं. मेडिकल और मजिस्ट्रेट तैनात थे लेकिन लाठीचार्ज जैसी कोई बात नहीं है. यह एक दुखद घटना है."- विकास कुमार, एसडीओ, जहानाबाद
आरजेडी ने प्रशासन को ठहराया जिम्मेदार: जहानाबाद के स्थानीय आरजेडी विधायक कुमार कृष्ण मोहन उर्फ सुदय यादव ने इस घटना के लिए पुलिस-प्रशासन को दोषी बताया है. उन्होंने कहा, 'यह एक दुखद घटना है. इसके लिए जहानाबाद के एसपी और डीएम जिम्मेदार हैं. हम घायलों और मृतकों के परिवार से मिलेंगे. हम इस मुद्दे को आगे बढ़ाएंगे. मृतकों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा दिया जाना चाहिए. उन्होंने (प्रशासन ने) यहां लोगों को मारा है.'

तेजस्वी ने क्या बोला?: वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताया है. उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से पीड़ित परिजनों की मदद की अपील की है. तेजस्वी ने एक्स हैंडल पर लिखा, 'जहानाबाद के बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में देर रात श्रावणी मेले के दौरान भगदड़ मचने से कई श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर एवं अनेक श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर अत्यंत पीड़ादायक है. इस दुख की घड़ी में सभी पीड़ित श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.'
सीएम ने की मुआवजे की घोषणा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सिद्धेश्वरनाथ मंदिर हादसे पर गहरा दुख जताया है. सीएम ने मृतक के आश्रितों को 4-4 लाख और घायलों के लिए 50-40 हजार रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है.

