वाराणसी में लांच हुई 'डिजिटल नारी' स्कीम; जानें गांव की महिलाएं मोबाइल से कैसे करेंगी भरपूर कमाई
मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि ब्रांचलेस बैंकिंग, डिजिटल नेटवर्क कंपनी पेनियरबाय ने डिजिटल नारी प्लान लांच किया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 20, 2025 at 8:00 AM IST
|Updated : September 20, 2025 at 10:42 AM IST
वाराणसी: डिजिटल युग में महिलाएं अब मोबाइल फोन से कमाई भी कर सकती हैं. ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए वाराणसी प्रशासन ने 'डिजिटल नारी' योजना लांच की है. इस स्कीम से गांव की महिलाएं अपने घर, मोहल्ले में रहकर ही अच्छी कमाई कर सकती हैं. यूपी के कई जिलों में यह योजना पहले से चल रही है. अब इसे वाराणसी और आसपास के जिलों में भी शुरू कर दिया गया है. आइए जानते हैं, क्या है 'डिजिटल नारी' योजना और कैसे ग्रामीण महिलाएं इसे कमाई का जरिया बना सकती हैं.
वाराणसी के मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस योजना से कोई भी महिला अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन से जुड़ सकती है. इसके लिए न तो किसी खास पढ़ाई की जरूरत है, और न ही किसी विशेष तकनीक की आवश्यकता है. सामान्य तौर पर मोबाइल चलाने वाली महिलाएं इस योजना से कमाई शुरू कर सकती हैं. अधिकारियों ने बताया कि यह योजना यूपी में लगभग 4 सालों से चल रही है. इससे कोई भी महिला हर महीने 10 हजार से 20 हजार रुपए तक का इनकम आसानी से कर सकती हैं.
पेनियरबाय कंपनी ने लांच की योजना: मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि ब्रांचलेस बैंकिंग और डिजिटल नेटवर्क कंपनी पेनियरबाय ने डिजिटल नारी प्लान लांच किया है. देश में यह योजना पहली बार 2021 में लांच हुई थी. उसी वर्ष यूपी में भी लांच हुई और पिछले 4 साल से प्रदेश में यह स्कीम चल रही है. वाराणसी में यह योजना 16 सितंबर को लांच की गई और ट्रेनिंग 19 सितंबर से शुरू हुई है.
सीडीओ ने बताया कि इस प्लान में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मुख्य उद्देश्य है. इस पहल में विद्युत सखी और बीसी सखी को भी शामिल किया गया है. जिससे वह और अधिक कमाई कर सकें. इस योजना के तहत महिलाएं ऐप के माध्यम से बैंकिंग लेन-देन, रेलवे टिकट बुकिंग, हेल्थ सुविधाएं, हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस, बिल पेमेंट जैसे 25 से ज्यादा तरह के काम कर सकती हैं.
हर ट्रांजेक्शन पर कमीशन फिक्स होगा, जो सीधे महिला के खाते में जाएगा. मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि डिजिटल नारी योजना से जुड़ी महिलाएं अपने गांवों और कस्बों में डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग, बीमा, स्वास्थ्य सेवाएं, ई-कॉमर्स और अन्य जरूरी वित्तीय सेवाएं देकर अच्छी कमाई करेंगी.
डिजिलट नारी योजना से कैसे जुड़ें: पेनियरबाय की सीएमओ और प्रोग्राम डायरेक्टर जयत्री दास गुप्ता ने बताया कि इस पहल को पूरे उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अंचल की महिलाओं तक पहुंचाना सबसे बड़ा लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि इस प्लान से जुड़ना बेहद आसान है. गूगल प्ले स्टोर पर डिजिटल नारी ऐप उपलब्ध है. इसे डाउनलोड करके महिला को अपना रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करना होगा.
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद हम उनसे खुद संपर्क करेंगे. हमारी टीम उन तक पहुंचेगी और उन्हें 7 दिन की स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जाएगी. यह ट्रेनिंग ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों मोड में है. इसके लिए एक जिले 50 महिलाएं होने पर उनकी ट्रेनिंग शुरू कर दी जाती है. महिलाएं एक-दूसरे से संपर्क करके भी जुड़ती हैं.
ऐप पर 25 से ज्यादा सुविधाएं मौजूद: प्रोग्राम हेड जयत्री दास गुप्ता ने बताया कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है, कि महिलाओं को 25 अधिक आवश्यक सेवाओं को चुनने की स्वतंत्रता है. वह अपनी सुविधा से काम कर सकती हैं. हर डिजिटल नारी या बैंकर दीदी अपने घर या स्टोर से वित्तीय और डिजिटल सेवाएं प्रदान करती हैं. प्रत्येक लेन-देन पर उन्हें कमीशन मिलता है. यही उनकी आय का जरिया बनता है.

डिजिटल नारी को करना होगा यह काम
- ऑनलाइन पेमेंट या 10 हजार रुपए तक की निकासी पर बैंक की पॉश मशीन कंपनी उपलब्ध करवाएगी.
- शुरुआत में ही 75000 का लोन मिलता है, जिसमें एक पॉश मशीन बैंक देता है.
- पॉश मशीन और अन्य का पैसा डिडक्ट होने के बाद 44000 रुपए इस योजना से जुड़ी महिला को मिलते हैं.
- इंश्योरेंस प्रीमियम, बिजली का बिल, मोबाइल रिचार्ज, बैंकिंग लेनदेन, केवाईसी का काम इस सेवा से हो सकता है.
हर काम का कमीशन फिक्स: उन्होंने बताया कि इस योजना में महिलाओं को 2 प्रतिशत से 28 प्रतिशत तक कमीशन मिलता है. यदि बिजली का बिल जमा करना हो, तो उसमें बिल के आधार पर प्रति बिजली बिल 8 से 10 रुपए तक कमीशन है. बैंकिंग लेनदेन में प्रति हजार पर 2 प्रतिशत कमीशन है. एलआईसी की किस्त जमा करने पर किस्त के आधार पर प्रतिशत निर्धारित है. अलग-अलग सुविधाओं पर अलग-अलग कमीशन सेट है.
कौन-कौन सी सेवाएं हैं शामिल: इसमें एटीएम, मनी ट्रांसफर, बचत खाता, मिनी स्टेटमेंट, जैसी सेवाएं हैं. बिल भुगतान, फोन रिचार्ज, एलआईसी प्रीमियम और हेल्थ इंश्योरेंस पेमेंट शामिल है. इसके अलावा बीमा, लोन, म्युचुअल फंड, ऑनलाइन शॉपिंग, ई-क्लीनिक के माध्यम से डॉक्टर से संपर्क, किफायती दर पर सेनेटरी पैड खरीदना, पैन कार्ड, सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना भी शामिल है.
साथ ही महिलाओं को बचत के लिए प्रेरित करना, भारत के किसी भी बैंक में 24 घंटे सातों दिन पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा, बिल भुगतान में पोस्टपेड बिल, एलपीजी गैस कनेक्शन, केबल भुगतान, इंश्योरेंस लोन रीपेमेंट, सब्सक्रिप्शन शुल्क, मोबाइल प्रीपेड रिचार्ज, डीटीएच रिचार्ज, रेल टिकट बुकिंग सहित कई अन्य सुविधाओं का लाभ भी मिलता है.
ऐसे मिलते हैं पैसे
- पांच बैंक खाते के ट्रांजेक्शन पर 375 रुपरए हर हफ्ते मिलेंगे.
- नगद निकासी पर पांच निकासी तक 160 रुपए मिलते हैं.
- गोल्ड लोन पर 350 रुपए मिलते हैं.
- इंश्योरेंस पर 80 रुपए मिलते हैं.
- पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस पर 110 रुपए.
- बिल भुगतान पर 10 से लेकर 200 रुपए बोनस.
- स्वास्थ्य सेवाओं में 275 रुपए.
- सेनेटरी पैड 12 पैकेट तक बेचने पर 144 रुपए का भुगतान.
- डिजिटल नारी का जो भी कमीशन बनता है, उसका भुगतान महीने के अंत में बैंक खाते में किया जाता.
कैसे बदल रही महिलाओं की जिंदगी: इस योजना से जुड़ी बनारस के मंगलपुर गांव की रहने वाली आलम आरा बताती हैं, कि वह 4 साल पहले बिजली सखी योजना से जुड़ीं. इसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई. उन्होंने एक महीने में सबसे ज्यादा 35 हजार रुपए तक की कमाई की है. वह हर महीने अब भी 20-22 हजार रुपए कमा रही हैं. उन्होंने गांव में ही एक कमरा लेकर ऑफिस खोल लिया है, जिससे उनका काम और अच्छे से चलने लगा है. अब वह डिजिटल नारी योजना से जुड़कर लोगों को बैंकिंग, बिल, इंश्योरेंस और अन्य तरह की सुविधाएं देकर अच्छा कमीशन पा रही हैं.
मेहनत से बढ़ेगी कमाई: मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल ने बताया कि इसमें भले ही इनकम स्थाई तौर पर फिक्स नहीं है, लेकिन मेहनत करने वाली महिलाएं 20 से 30 हजार रुपए तक कमाई कर सकती हैं. यदि महिला ग्रामीण क्षेत्र में मेहनत करती हैं, लोगों की तक पहुंचकर काम करती हैं, तो निश्चित तौर पर प्रतिदिन आराम से 500 से 700 तक की इनकम यह कर सकती हैं.

