छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती और धान खरीदी पर साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, इन वर्गों को होगा फायदा
सीजी पुलिस में होने वाली भर्तियों पर साय सरकार ने एसटी वर्ग को छूट देने का ऐलान किया है. धान खरीदी पर भी फैसला हुआ.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : December 11, 2024 at 4:13 PM IST
|Updated : December 11, 2024 at 4:31 PM IST
रायपुर: बुधवार को साय कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं. रायपुर मंत्रालय के महानदी भवन में हुई मीटिंग में साय कैबिनेट ने इस साल सबसे बड़ी सौगात छत्तीसगढ़ पुलिस में होने वाली भर्ती को लेकर दी है. इसके अलावा कैबिनेट ने धान खरीदी को लेकर कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि बढाने का फैसला किया है. यह दो फैसले साय कैबिनेट के अहम निर्णय माने जा रहे हैं.
सीजी पुलिस भर्ती में एसटी वर्ग के युवाओं को छूट: साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribes, ST) वर्ग के युवाओं के लिए बड़ा फैसला लिया है. एसटी वर्ग के युवाओं के लिए पुलिस भर्ती में कई तरह की छूट देने का निर्णय कैबिनेट में हुआ है. एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने फैसला हुआ.

किन पदों की भर्ती में मिलेगी छूट?: छूट का जो प्रावधान किया गया है. उस प्रावधान के दायरे में छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया को शामिल किया गया है. साल 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 सेमी एवं फुलाने पर 83 सेमी किया गया है. अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार यह छूट देने फैसला हुआ है.
धान खरीदी को लेकर बड़ा फैसला: विष्णुदेव साय कैबिनेट की मीटिंग में धान खरीदी को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई है. कस्टम मिलिंग राशि को 80 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया है. इसके साथ साथ खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राइस मिलों की लंबित प्रोत्साहन राशि की पहली किश्त जारी करने का फैसला लिया गया है. इसके अलावा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अनुसार मिलरों को लेकर एक और फैसला हुआ है. जिसके तहत एफआरके निर्माताओं से भारत सरकार के निर्धारित दर के तहत फोर्टिफाईड राइस कर्नेल (FRK) की खरीदी कर फोर्टिफाईड चावल जमा करने की परमिशन दी गई है.
सरप्ल्स धान पर भी हुई चर्चा: कैबिनेट की मीटिंग में सरप्लस धान के संबंध में भी चर्चा हुई है. कैबिनेट ने खरीफ सीजन में खरीदे गए शत प्रतिशत धान की कस्टम मिलिंग इसी सीजन में जमा कराने का फैसला लिया है. इसके लिए इस साल के अतिशेष धान का चावल केन्द्रीय पूल को देने पर मंथन हुआ है. यह भारतीय खाद्य निगम में सितम्बर 2025 तक उपार्जित किए जाएंगे. इस संबंध में प्रस्ताव धान खरीदी समाप्त होते ही भारत सरकार को दोबारा भेजा जाएगा. जिसमें लक्ष्य के वृद्धि हेतु प्रस्ताव शआमिल रहेगा. इसके अलावा जो धान सरपल्स होगा. उसकी नीलामी कराने का फैसला लिया गया है.
साय कैबिनेट के अन्य फैसले: सीजी पुलिस में भर्ती और धान खरीदी को लेकर लिए गए फैसले के अलावा कई अन्य फैसले भी साय कैबिनेट की बैठक में हुए हैं. एक नजर साय कैबिनेट के अन्य फैसलों पर
- छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2024 के ड्राफ्ट का अनुमोदन किया गया
- छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन भत्ता तथा पेंशन संशोधन विधेयक 2024 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई.
- रायपुर में 15 जनवरी से शुरू होने वाले ऑटो एक्सपो 2025 में वाहनों के रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला. इसमें सभी डीलरों को यह सुविधा वाहन के खरीददार को देने का निर्देश दिया गया है.
- छत्तीसगढ़ राज्य में डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने का फैसला लिया गया है. इसके तहत दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू करने का निर्णय लिया गया है.
- छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2024 के मसौदे को मंजूरी मिली है.
- छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण संशोधन विधेयक 2024 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई है.
- छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन को लागू करने के लिए कार्ययोजना को मंजूरी दी गई.
- राज्य के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उनके यात्रा का खर्च सरकार देगी
- छत्तीसगढ़ पंचायत राज संशोधन विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है.
- छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम संशोधन विधेयक 2024 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है.
- छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 2024 के संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है
- छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर 2024 संशोधन विधेयक के प्रारूप के अनुमोदन को मंजूरी दी गई है.
इस तरह साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले कई अहम फैसले लिए हैं. इन फैसलों से उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में धान खरीदी की दिशे में काफी तेजी आएगी.

