बिहार में घूसखोर पर ऐक्शन, शिवहर में क्लर्क 70 हजार लेते गिरफ्तार
शिवहर में भू-अर्जन विभाग के लिपिक को 70,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है. इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है.

Published : June 18, 2025 at 5:50 PM IST
|Updated : June 19, 2025 at 8:13 AM IST
शिवहर: बिहार के शिवहर में जिला भू-अर्जन कार्यालय में निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी की है. इसी बीच लिपिक विजय कुमार श्रीवास्तव को 70 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.
मुआवजे की एवज में मांगी थी रिश्वत: लिपिक विजय कुमार श्रीवास्तव पर बभनटोली गांव निवासी पप्पू कुमार तिवारी से रेलमार्ग में भूमि अधिग्रहण का मुआवजे देने की एवज में 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है. इस संबंध में पप्पू तिवारी ने निगरानी विभाग में एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसके बाद आज ये कार्रवाई की गई है.
निगरानी विभाग को मिली थी लिखित शिकायत: उपाधीक्षक सुजीत कुमार सागर ने बताया कि इस मामले में पप्पू कुमार तिवारी नाम के व्यक्ति की तरफ से एक आवेदन दिया गया था, जिसमें बताया गया था कि भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के बदले पैसों की मांग की जा रही है. शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने जांच शुरू की, जिसमें पीड़ित पप्पू कुमार तिवारी द्वारा लगाए आरोप सही पाए.
''मुआवजे की एवज में रिश्वत मांगने के मामले में आज निगरानी की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. लिपिक विजय कुमार श्रीवास्तव को 70,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है''. सुजीत कुमार सागर, उपाधीक्षक, निगरानी विभाग

लिपिक को पटना लेकर रवाना हुई विजिलेंस टीम: सुजीत कुमार सागर ने बताया कि इतनी बड़ी रकम लिपिक अकेले नहीं ले सकता है. इसमें भू अर्जन विभाग के छोटे से लेकर बड़े अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं, जिससे इस संबंध में और जांच की जा रही है. निगरानी विभाग की टीम लिपिक को पटना लेकर रवाना हो गई है.
''रेलमार्ग में मेरी 25 डिसमिल जमीन गई है. जमीन का मूल्य लगभग 35 लाख रुपए है. भू अर्जन के कर्मचारी 35 लाख रुपए में से 2% हिस्सा देने के लिए कह रहे थे. साथ ही कहते थे कि जब तक आप पैसा नहीं देंगे, तब तक आपका पैमेंट नहीं होगा.'' पप्पू तिवारी, पीड़ित
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