यात्रियों के लिए दिल्ली की दूरी हुई कम, चमचमाती रोड और रफ्तार के साथ सफर होगा आसान
लोगों के आवागम को आसान और सुगम बनाने के लिए मोहन यादव सरकार सड़कों का जाल बिछा रही है.सरकार ने विदिशा-मालथौन फोरलेन की सौगात दी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 11, 2024 at 3:50 PM IST
सागर: देश के बीचो-बीच बसा मध्य प्रदेश देश के कोने-कोने को जोड़ने में काफी मददगार साबित हो रहा है. खासकर मध्य प्रदेश से जो रोड, हाइवे, एक्सप्रेस वे बन रहे हैं. वो दूसरे राज्यों से कनेक्टिविटी के कारण लोगों के सफर को आसान करने के साथ समय की बचत कर रहे हैं. विदिशा से झांसी को जोड़ने के लिए बन रहे फोरलेन का काम लगभग पूरा हो चुका है. जो भोपाल, ग्वालियर और दिल्ली के सफर को आसान करने वाला है.
इस हाइवे के बनने से भोपाल और झांसी के बीच की दूरी कम होगी. भोपाल से दिल्ली जाने के लिए गुना, शिवपुरी और अशोकनगर नहीं जाना पडे़गा. ग्वालियर से भोपाल जाने वालों को लगभग 80 किमी की दूरी कम हो जाएगी. फोरलेन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है.

विदिशा-मालथौन फोरलेन सौगात
मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के हिस्से से गुजर रहा विदिशा मालथौन फोरलेन ग्वालियर और झांसी के लोगों को आवागमन के मामले में बड़ी सौगात बनने जा रहा है. एनएचएआई द्वारा विदिशा से झांसी को जोड़ने के लिए बनाये जा रहे फोरलेन का काम लगभग पूरा हो चुका है और आवागमन भी शुरू हो गया है. विदिशा-मालथौन (सागर) इंटर कॉरिडोर के नाम से जाना जा रहा ये फोरलेन ग्वालियर और भोपाल की दूरी को कम करने का काम कर रहा है.

भोपाल से झांसी की दूरी 45 किमी कम हो जाएगी. करीब डेढ़ हजार करोड़ से ज्यादा के इस प्रोजेक्ट के तहत विदिशा से कुरवाई होते हुए सागर के बीना, खिमलासा और मालथौन तक कुल 142.1 का फोरलेन बनाया जा रहा है. इसके पहले विदिशा से बीना तक स्टेट हाईवे बनाया गया था. जिसके हालात ठीक ना होने के कारण ज्यादातर यात्री सफर करना पसंद नहीं करते थे. विदिशा मालथौन कॉरिडोर पूरा हो जाने के बाद भोपाल से विदिशा के लिए अलग से नेशनल हाइवे बनाने की तैयारी है.
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भोपाल और ग्वालियर के मुसाफिरों की बल्ले
इस हाइवे के शुरू होते ही भोपाल और ग्वालियर के मुसाफिरों को जमकर फायदा हुआ है. समय की बचत के साथ-साथ पैसे की भी बचत हो रही है. दरअसल अब तक झांसी से भोपाल जाने वाले यात्री विदिशा होते हुए बीना और मालथौन जाते थे. फिर मालथौन ने एनएच-44 पकड़ते थे. विदिशा से झांसी तक के लिए फोरलेन का निर्माण होने पर इनकी राह आसान और किफायती हो गयी है. अब भोपाल से दिल्ली जाने के लिए गुना, शिवपुरी और अशोकनगर नहीं जाना पड़ेगा. सीधे मालथौन से झांसी फोरलेन से जुड़ जाएंगे. वहीं ग्वालियर से भाेपाल जाने के लिए भी गुना रूट की जरूरत नहीं पडे़गी और करीब 80 किमी का सफर कम हो जाएगा.

