अदालत की अवमानना पर डीडवाना के उपखंड अधिकारी की गाड़ी कुर्क, वक्फ संपत्ति का मामला था
डीडवाना के उपखंड अधिकारी की कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर गाड़ी कुर्क हुई. कलक्टर और तहसीलदार की गाड़ियों को भी कुर्क किया जाएगा.

Published : September 20, 2025 at 3:07 PM IST
कुचामनसिटी: डीडवाना में वक्फ से जुड़े एक मामले में आठ साल बाद भी कोर्ट के आदेश की पालना नहीं करने पर शनिवार को अपर जिला न्यायाधीश ने उपखंड अधिकारी डीडवाना की सरकारी गाड़ी को कुर्क करने के आदेश दिए. एडीजे न्यायालय के नाजिर ने पुलिस की मौजूदगी में गाड़ी कुर्क कर उसे अपने कब्जे में ले ली. उसे कोर्ट परिसर में ही खड़ा कर दिया.
जिला एवं सेशन न्यायालय डीडवाना के नाजिर गौतम डेथा ने बताया कि अपर सेशन न्यायाधीश राजेश कुमार गजरा ने वक्फ कमेटी डीडवाना बनाम राज्य सरकार के मामले में दायर इजराय याचिका पर सुनवाई करते हुए डीडवाना के जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार के वाहनों को कुर्क करने का आदेश दिया था. प्रशासनिक अधिकारियों पर 8 साल से कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं करने का आरोप था. अंत में अदालत की अवमानना का दोषी मानते हुए तीनों अधिकारियों की गाड़ियों को कुर्क करने के आदेश दिए थे. इसके तहत पहले एसडीएम की गाड़ी कुर्क की गई.
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कोर्ट ने अपने फैसले में जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी और तहसीलदार तीनों को ही लापरवाही का दोषी माना. कोर्ट ने कहा कि न्यायालय में 8 सालों से लंबित इस प्रकरण में बार-बार आदेश जारी होने के बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारी केवल खानापूर्ति कर अगली तारीख प्राप्त कर मामले को टालने का प्रयास कर रहे हैं. अधिकारी जान-बूझकर कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं. ऐसे में इन अधिकारियों को न्यायालय के आदेश न मानने की खुली छूट नहीं दी जा सकती.
यह था मामला: नाजिर डेथा ने बताया कि राजस्थान वक्फ न्यायाधिकरण, जयपुर ने में 21 दिसंबर 2015 को फैसला सुनाते हुए यह आदेश दिया था कि गजट नोटिफिकेशन में डीडवाना में वर्णित भूमि कब्रिस्तान की वक्फ जायदाद है. नोटिफिकेशन के अनुसार जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी व तहसीलदार इस कब्रिस्तान की भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करें. उक्त निर्णय की पालना के लिए अपर जिला न्यायाधीश की अदालत में वर्ष 2016 में इजराय याचिका दायर की गई थी. इस याचिका के बाद न्यायालय ने राजस्थान वक्फ न्यायाधिकरण के निर्णय की पालना के लिए उपखंड अधिकारी, जिला कलेक्टर व तहसीलदार को बार-बार पत्र लिखे. वहीं, 4 जून 2024 को जिला कलेक्टर डीडवाना-कुचामन को उक्त आदेश के क्रियान्वयन के लिए तहरीर भी जारी की थी, जबकि 7 जुलाई 2024 को उक्त आदेश की पालना के लिए हुक्मनामा भी जारी किया गया था. कोर्ट ने कहा कि डीडवाना-कुचामन प्रशासन की ओर से इजराय की पालना में कोई कार्रवाई नहीं की गई. यह प्रकरण 8 साल से लंबित है और बार-बार आदेश जारी होने के बाद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. इस पर कोर्ट ने इस मामले में जारी आदेशों की पालना नहीं करने को अवमानना की श्रेणी में मानते हुए यह कार्रवाई की.

