उत्तराखंड के स्कूलों का हो रहा है सबसे बड़ा सर्वे, 10 हजार से ज्यादा फीडबैक लिए जा रहे, सामने आए चौंकाने वाले खुलासे - Uttarakhand School Survey
Survey for feedback of Uttarakhand schools उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन होने जा रहा है. राज्यपाल के निर्देश पर उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी प्रदेश के माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का विस्तृत सर्वे कर रही है. सर्वे का 60 फीसदी काम हो चुका है. अभी तक के सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. क्या हैं ये खुलासे, पढ़िए इस रिपोर्ट में.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 15, 2024 at 11:13 AM IST
|Updated : June 15, 2024 at 2:28 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक राजकीय विद्यालयों में अब तक का सबसे बड़ा सर्वे हो रहा है. इस सर्वे के आधार पर बनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी जाएगी, जिस पर सरकार संज्ञान लेगी. सर्वे करने वाली उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वीसी का कहना है कि यदि सरकार इस रिपोर्ट पर काम करेगी तो ये शिक्षा प्रणाली के लिए क्रांतिकारी साबित होगा.
पूरे प्रदेश में लिए लायेंगे 10 हजार से ज्यादा सैंपल: उत्तराखंड में संचालित माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक राजकीय विद्यालयों का पूरे प्रदेश भर में सर्वे करने का निर्देश राज्यपाल ने उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी को दिया है. इस पर टेक्निकल यूनिवर्सिटी प्रदेश भर में हर पंचायत स्तर पर तकरीबन 60 फीसदी स्कूलों में हर वर्ग से जुड़े तकरीबन 10 हजार लोगों का सर्वे कर रही है. इस सर्वे का विश्लेषण कर यूनिवर्सिटी द्वारा एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी. ये रिपोर्ट पूरी तरह से कंसोलिडेटेड करके राज्यपाल को सौंपी जाएगी. इस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए एक रोड मैप मिल पाएगा.
हर जिले की 25% पंचायतों में होगा स्कूलों का सर्वे: उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर ओंकार सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौजूद अपने कैंपस, कॉलेज की फैकल्टी के माध्यम से सरकारी स्कूलों में सर्वे करवा रही है. उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी द्वारा अपने कैंपस कॉलेजों के साथ साथ एफिलेटेड संस्थानों को यह जिम्मेदारी दी गई है. वह अपने आसपास के क्षेत्र में सभी स्कूलों में जाकर वहां का भौतिक सर्वे करें और वहां पर क्या कुछ सुविधाएं हैं और क्या कुछ कमियां हैं ये रिपोर्ट करें. साथ ही साथ माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में किस तरह की चुनौतियां हैं, इसको लेकर के डिटेल्ड सर्वे करें.
राजभवन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट: वहां पर लोगों से बातचीत भी करें, जिसमें छात्रों, अध्यापकों और अभिभावकों के अलावा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी प्रतिक्रिया लेने के निर्देश हुए हैं. इस पूरे फीडबैक पर यूनिवर्सिटी एक विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार करेगी. ये रिपोर्ट राजभवन को सौंपी जाएगी. रिपोर्ट पर राजभवन संज्ञान लेते हुए उसे सरकार के भी संज्ञान में लाएगा. उन्होंने बताया कि इस पर 60 फीसदी से ज्यादा काम हो चुका है. बाकी कार्य चल रहा है.
सर्वे में चौंकाने वाली रिपोर्ट: उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर ओंकार सिंह का कहना है कि टेक्निकल यूनिवर्सिटी द्वारा करवाया जा रहे इस सर्वे में कई अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. इनमें से कई जगहों पर छात्रों की कमी, तो कई जगहों पर अध्यापकों की कमी अभी प्रथम दृष्टया पाई गई हैं. वहीं इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस तरह का सर्वे उत्तराखंड के एजुकेशन एंड स्ट्रक्चर का पहला सबसे बड़ा सर्वे है. यदि सरकार द्वारा तैयार की जाने वाली रिपोर्ट पर काम किया जाता है, तो यह उत्तराखंड राज्य और उत्तराखंड की शिक्षा प्रणाली के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.
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