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गाजियाबाद से इंटरनेशनल साइबर ठग अरेस्ट, IPO-FPO से लाभ कमाने का लालच देकर ठगे 44 लाख

फर्जी ट्रस्ट और कम्पनी बनाकर लाखों रुपए की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को एसटीएफ ने अरेस्ट किया

Cyber ​​Crime
गाजियाबाद से साइबर ठग अरेस्ट (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 29, 2025 at 4:41 PM IST

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देहरादून: फर्जी ट्रस्ट और कंपनी बनाकर साइबर फ्रॉड करने वाले शातिर आरोपी को उत्तराखंड एसटीएफ ने यूपी के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया. ठग के पास से एसटीएफ ने भारी मात्रा में महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं. उसके कब्जे से बरामद मोबाइल फोन की जांच में टेलीग्राम एप पर बैंक खातों और पैसों के लेन-देन से संबंधित संदिग्ध चैट, कंबोडिया, थाईलैंड और चीन आदि के अंतरराष्ट्रीय गिरोह से तार जुड़े पाए गए हैं.

उत्तराखंड एसटीएफ के मुताबिक, कुछ समय पहले साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में कैनाल रोड देहरादून निवासी एक वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात साइबर ठगों ने पीड़ित को फेसबुक लिंक के माध्यम से 'अभिनंदन स्टॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड/एसीबी इन्वेस्ट एंड ग्रो' संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप '11-Start up Multiple Growth VIP Group' (स्टार्टअप मल्टीपल ग्रोथ वीआईपी ग्रुप) में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग, आईपीओ/एफपीओ आदि में मोटा लाभ दिलाने का लालच दिया.

44.50 लाख की ठगी: जिस पर पीड़ित ने उनके कहने पर प्ले स्टोर से एक एएसबीपीएल नाम का मोबाइल एप डाउनलोड किया. उसके बाद इन्वेस्टमेंट के नाम पर 10 जून 2025 से 8 अगस्त के बीच अलग-अलग खातों में करीब 44 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए गए. इसके बाद आगे भी इन्वेस्टमेंट के लिए राशि मांगी गई और जब रिफंड कुछ नहीं मिला. तब पीड़ित को खुद के साथ साइबर ठगी होने की जानकारी हुई.

गाजियाबाद से किया गिरफ्तार: पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयोग मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, व्हाट्सएप और मैसेंजर चैट्स समेत संबंधित बैंकों, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर और मेटा कंपनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया. जांच करने के बाद घटना का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी लखनऊ निवासी अजय त्रिपाठी को यूपी के जिला गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया. जिसके कब्जे से 5 चेक बुक (अलग-अलग बैंक खातों से संबंधित), 3 स्टैंप (सरस्वती फाउंडेशन, एक्सएमपीएस इस्टेट इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड), 3 पैन कार्ड (फर्जी विवरण सहित), 2 आधार कार्ड (अलग-अलग पते दर्शाते हुए) बरामद हुए हैं.

आरोपी से पूछताछ और बरामद मोबाइल फोन चेक करने पर मुख्य आरोपी की टेलीग्राम चैट पर बैंक खातों और पैसों के लेन-देन से संबंधित संदिग्ध चैट पाई गई हैं. साथ ही आरोपी कंबोडिया, थाईलैंड और चीन के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के संपर्क में है.

अपराध का तरीका: गिरफ्तार आरोपी 'श्री शिव श्याम सेवा ट्रस्ट' नाम से बैंक खाता संचालित कर रहा था. जिसका उपयोग अलग-अलग साइबर अपराधों और धोखाधड़ी में किया गया. आरोपी फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ट्रस्ट/कंपनियां बनाकर उनके नाम से बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी में प्रयोग करता रहा. अपने सहयोगी अपराधियों के साथ मिलकर पीड़ित को फेसबुक लिंक के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ गया. जहां शेयर ट्रेडिंग, आईपीओ/पीएफओ आदि में मोटा लाभ दिलाने का लालच देकर एक एएसबीपीएल नामक मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया. जिसके माध्यम से पैसा इन्वेस्ट कराने के नाम पर षडयंत्र के तहत मोटा मुनाफा कमाने के लिए विश्वास में लेकर अलग-अलग खातों में धनराशि ट्रांसफर करवाई.

एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि आरोपी 59 लाख की धोखाधड़ी में साइबर अपराध पुलिस स्टेशन हैदराबाद से भी जुड़ा हुआ है. आरोपी के खाते का उपयोग साइबर क्राइम थाना हैदराबाद समेत थाना कोखरज, जनपद कौशाम्बी में दर्ज मामलों में भी होना पाया गया साथ ही गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने अलग-अलग पते दर्शाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था.

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