अब ड्रोन से खेतों में कीटनाशक और फर्टिलाइजर का छिड़काव करेंगे नैनीताल के किसान, सस्ती दर पर देगी मंडी परिषद - Farming with drones
Uttarakhand Mandi Parishad will provide drones for farming उत्तराखंड के किसान भी अब हाईटेक होंगे. किसानों को खेती में मदद के लिए ड्रोन मिलने वाले हैं. उत्तराखंड मंडी परिषद नैनीताल जिले में ये पहल करने जा रही है. उत्तराखंड मंडी परिषद के अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू ने बताया कि प्रदेश में पहली बार खेतों में ड्रोन से कीटनाशक और फर्टिलाइजर का छिड़काव किया जाएगा. किसानों को ये ड्रोन बहुत कम शुल्क में मिलेंगे.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 24, 2024 at 11:12 AM IST
हल्द्वानी: उत्तराखंड मंडी परिषद अब अपने किसानों को ड्रोन उपलब्ध कराने जा रही है. इन ड्रोन से किसान अपने खेतों और फसलों में खाद और फर्टिलाइजर के साथ-साथ कीटनाशक दवाइयां का छिड़काव कर सकेंगे. मंडी परिषद के अध्यक्ष का कहना है कि किसानों को सस्ते रेट पर ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे.
उत्तराखंड मंडी परिषद के अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू ने बताया कि मंडी परिषद पहली बार प्रदेश की सभी मंडियों में ड्रोन उपलब्ध कराने जा रही है. ड्रोन के माध्यम से किसान अपने खेतों में खाद, फर्टिलाइजर और कीटनाशक दवाइयां का छिड़काव कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि मंडी समिति अपने किसानों को कम शुल्क में ड्रोन उपलब्ध कराएगी. उन्होंने कहा कि मंडी परिषद सभी मंडियों के लिए ड्रोन खरीदने जा रही है. ड्रोन चलाने के लिए एक्सपर्ट को नियुक्त किया जाएगा. जो भी किसान मंडी समिति से ड्रोन की डिमांड करेगा, उसको कम से कम शुल्क में ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा. एक्सपर्ट ड्रोन लेकर किसान के खेत तक पहुंचेंगे और उसकी फसलों पर छिड़काव करेंगे.
डब्बू ने बताया कि कई बार देखा जा रहा है कि पहाड़ के काश्तकार मंडियों से जुड़े हुए हैं और अपने उत्पादों को मंडियों में बेचते हैं. पहाड़ के किसानों के पास कई बार कृषि की तकनीकि उपलब्ध नहीं होने के चलते किसान अपने खेतों में फर्टिलाइजर और कीटनाशक का छिड़काव नहीं कर पाते हैं. इसके चलते फसल खराब हो जाती है. अगर वो समय रहते ड्रोन के माध्यम से फसलों पर कीटनाशक और फर्टिलाइजर का छिड़काव कर देता है, तो उसको अच्छी फसल होने की उम्मीद रहेगी. पहाड़ में अधिकतर किसान बागवानी से भी जुड़े हुए हैं. पेड़ों के ऊपर कई बार कीटनाशक के छिड़काव की आवश्यकता पड़ती है. ऐसे में किसानों को ड्रोन उपलब्ध होगा तो पेड़ों के ऊपर भी छिड़काव करने में आसानी रहेगी. उन्होंने कहा कि मंडी परिषद पहली बार इस प्रयोग को करने जा रही है. सफलता मिलने पर ड्रोन का और अधिक प्रयोग किया जाएगा.
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