हरिद्वार भूमि घोटाले से फिर चर्चा में आईं IPS रचिता जुयाल, इस्तीफे के बीच मिली जांच की बड़ी जिम्मेदारी
हरिद्वार भूमि घोटाले में विजिलेंस जांच की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल को मिली है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 6, 2025 at 5:20 PM IST
देहरादून: इस्तीफा देने के बाद चर्चाओं में आई उत्तराखंड की आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल को सरकार ने बड़ी जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है. हरिद्वार भूमि घोटाले की जांच के लिए विजिलेंस की पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है, जिसकी जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी रचिता जुयाल को दी गई है. उत्तराखंड गृह सचिव शैलेश बगौली ने गुरुवार को ही हरिद्वार भूमि घोटाले में विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए हैं.
जांच आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने हरिद्वार भूमि घोटाले के लिए टीम गठित की. इस टीम को एसपी रचिता जुयाल लीड करेंगी. उनके साथ चार और अधिकारी जोड़े गए हैं.
बता दें कि, रचिता जुयाल ने बीते दिनों पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था, जिसे सरकार ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है. इसी बीच सरकार ने रचिता जुयाल को हरिद्वार भूमि घोटाले की जांच की जिम्मेदारी दे दी है. रचिता जुयाल साल 2015 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं.
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम हरिद्वार में हुए जमीन घोटाले पर सख्त रुख अपनाते हुए, दो आईएएस, एक पीसीएस अधिकारी सहित सात अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं, इस मामले में तीन अधिकारी पूर्व में निलंबित हो चुके हैं, जबकि दो की पूर्व में सेवा समाप्त की जा…
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) June 3, 2025
हरिद्वार जमीन घोटाले में कई बड़े अधिकारियों पर हुई थी कार्रवाई: बीती 3 जून को हरिद्वार जमीन घोटाला उस समय चर्चाओं में आया जब सरकार ने इस मामले में हरिद्वार जिलाधिकारी के अलावा एक आईएएस और एक पीसीएस अधिकारियों को सस्पेंड किया. हरिद्वार जमीन घोटाले में कुल 12 अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरी है. इसके बाद ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की विस्तृत जांच के लिए विजिलेंस का आदेश दिया था, जिसको लेकर गुरुवार को आदेश जारी हुआ.
हरिद्वार जमीन घोटाला क्या है? साल 2024 में हरिद्वार नगर निगम ने सराय गांव में करीब 33 बीघा जमीन खरीदी थी. इस जमीन की मार्केट वैल्यू करीब 13 करोड़ है, लेकिन अधिकारियों ने इस जमीन को 143 (कृषि भूमि को अकृषि) में बदलवाकर, उसे 54 करोड़ में खरीदा. इस मामले की जांच सचिव रणवीर सिंह चौहान को दी गई थी.
VIDEO | Haridwar DM, municipal commissioner among 10 officials suspended over alleged land scam. Here's what Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) said:
— Press Trust of India (@PTI_News) June 3, 2025
" our government follows a zero-tolerance policy towards corruption. we are committed to eliminating… pic.twitter.com/toLUPVwd9f
सचिव रणवीर सिंह चौहान की जांच में कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी. सचिव रणवीर की जांच रिपोर्ट पर ही 3 जून को सरकार दो आईएएस और पीसीएस समेत सात अधिकारियों और कर्मचारियों पर एक्शन लिया था. इससे पहले ही पांच अधिकारियों पर सरकार एक्शन ले चुकी है. वहीं अब विजिलेंस मामले की विस्तृत जांच करेंगी.
आज 3 जून को कुल सात अफसरों को निलंबित किया गया है:
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पूर्व में इन अफसरों पर हुई कार्रवाई:
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