उत्तराखंड में राजनीतिक उठापटक के बीच PM मोदी से मिले राज्यपाल गुरमीत सिंह, जानिए किस मुद्दे पर हुई चर्चा
उत्तराखंड की राजनीति इन दिनों चर्चाओं में हैं. कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच कई नेता दिल्ली पहुंचे हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 19, 2025 at 3:35 PM IST
|Updated : March 19, 2025 at 4:12 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अलावा पार्टी के कई विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाला हुआ है. वैसे बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शादी विवाह समारोह के साथ-साथ अन्य कार्यक्रमों में शिरकत करने दिल्ली गए हैं. इसी दौरान उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने भी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है.
उत्तराखंड राजभवन से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार 19 मार्च को करीब एक बजे राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की. इस मुलाकात में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजभवन उत्तराखंड के डिजिटल और टेक्नोलॉजी पर आधारित नवाचारों का संस्करण गवर्नर डिजिटल हब भेंट किया.
Governor of Uttarakhand, @LtGenGurmit, met Prime Minister @narendramodi. pic.twitter.com/Msyk4fLIAC
— PMO India (@PMOIndia) March 19, 2025
इसके साथ ही उनके द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब के आध्यात्मिक मार्गदर्शन पर आधारित आई संचालित चैट बोर्ड इंटरनल गुरु की ब्रोशर्स भी भेट की गई. अपनी इस मुलाकात में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि जिस तरह से उन्होंने (पीएम मोदी) उत्तराखंड में आकर पर्यटन और धार्मिक संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश दिया है, उसका असर अगले ही दिन से दिखाई देने लगा. पीएम के उत्तराखंड दौरों का असर भविष्य में प्रदेश की आर्थिक मजबूती पर दिखाई देगा.

बता दें कि उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह दो दिन से दिल्ली प्रवास पर हैं. इस दौरान वह कई कार्यक्रमों में भी शिरकत कर रहे हैं. दूसरी तरफ उत्तराखंड के विधायकों का दिल्ली का दौर लगातार जारी है. विधायकों के साथ-साथ कई मंत्री भी दिल्ली में संगठन के नेता और मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं. उम्मीद यही जताई जा रही है कि बहुत जल्दी उत्तराखंड में कुछ नेताओं की बल्ले बल्ले तो कुछ नेताओं को निराशा हाथ लग सकती है. क्योंकि उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है.
पढ़ें---

