सरकार को हुई वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण की चिंता, मांगा ब्यौरा, राज्य में हैं 769 कब्रिस्तान और 725 मस्जिदें
शासन में हुई एक बैठक में पूछा गया है कि वक्फ की कितनी संपत्तियों पर अतिक्रमण है?

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : September 26, 2025 at 7:09 PM IST
देहरादून: उत्तराखंड सरकार लगातार अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने को लेकर चर्चा में है. कभी अवैध मस्जिद, मजार तो कहीं अवैध मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों को गिराने के मामले में धामी सरकार पर खूब बहस भी हुई है. लेकिन अब उत्तराखंड सरकार ने वक्फ की उन सम्पत्तियों की जानकारी मांगी है जिन पर अतिक्रमण हुआ है और उन्हें अतिक्रमण मुक्त किया जाना जरूरी है.
धामी सरकार को हुई वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण की चिंता: राज्य सरकार का आंकड़ा कहता है कि उत्तराखंड में पंजीकृत कुल 5,388 वक़्फ़ सम्पत्तियां हैं. अब शासन में हुई एक बैठक में पूछा गया है कि इन संपत्तियों में से कितनी संपत्तियों पर अतिक्रमण है? हालांकि इसका जवाबा शासन को फ़िलहाल नहीं मिल पाया है. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में ये सभी जानकारी साझा की गई है. कहा जा रहा है कि सीएम धामी ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को निर्देश दिए हैं कि वक़्फ़ संपत्तियों का संपूर्ण ब्यौरा जल्द उपलब्ध कराया जाए.
वक़्फ़ संपत्तियों का रिकॉर्ड उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य: बैठक में कहा गया है कि सभी वक़्फ़ संपत्तियों का रिकॉर्ड भारत सरकार के उम्मीद पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए. साथ ही जिन मामलों से संबंधित प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं, उनकी प्रभावी पैरवी जल्द की जाए. ताकि अतिक्रमण पर रोक लगाई जा सके और संपत्तियों की सुरक्षा हो. उत्तराखंड में भी वक्फ की अच्छी खासी सम्पति हैं जिसमें सबसे अधिक वक़्फ़ संपत्तियां
उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियां
- देहरादून जिले में 1,930 हैं
- हरिद्वार में 1,721 वक्फ संपत्तियां
- उधमसिंह नगर में 949
- नैनीताल में 457 वक्फ संपत्तियां हैं
अगर बात पर्वतीय जिलों में की जाए तो-
अल्मोड़ा में 94 वक्फ संपत्तियां
पौड़ी गढ़वाल में 60
टिहरी गढ़वाल में 128 वक्फ संपत्तियां
चंपावत में 13
बागेश्वर में 2
रुद्रप्रयाग जिले में 2 वक्फ संपत्तियां शामिल हैं
इन वक्फ संपत्तियों में
1,799 बिल्डिंग्स
1,074 दुकानें
725 मस्जिदें
712 मकान
769 कब्रिस्तान
203 मदरसे/मकतब दर्ज हैं
इसके अलावा कृषि भूमि, प्लॉट, स्कूल, इमामबाड़ा, ह़ुजरा, दरगाह-मजार और अन्य श्रेणियों की संपत्तियां भी सूचीबद्ध हैं. डॉ. धकाते ने कहा कि-
मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट निर्देश है कि वक़्फ़ बोर्ड पारदर्शी तरीके से अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करे और विभाग को नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे. ताकि राज्य की सभी वक़्फ़ संपत्तियों का संरक्षण और बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके. गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार अब तक सरकारी संपत्तियों पर हुए अवैध कब्ज़ों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए 9,000 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा चुकी है.
-डॉ. पराग मधुकर धकाते, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव-
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