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भारतमाला प्रोजेक्ट जमीन घोटाले पर सदन में सवाल, धरमलाल कौशिक ने की सीबीआई जांच की मांग

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भारतमाला प्रोजेक्ट में घोटाले का मुद्दा उठा.

BHARATMALA PROJECT
भारतमाला प्रोजेक्ट जमीन घोटाले का मुद्दा सुलगा (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : July 17, 2025 at 7:20 PM IST

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना में घोटाले पर सियासी घमासान का दौर जारी है. विधानसभा के मानसून सत्र में इस घोटाले को लेकर बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने तीखे सवाल सदन में किए. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की. इस पर वह अडिग दिखे. इस मुद्दे पर सरकार का कहना है कि राज्य की जांच एजेंसियां ही पर्याप्त और सक्षम हैं. आने वाले समय में इस प्रकरण में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है.

धरमलाल कौशिक ने की सीबीआई जांच की मांग: मानसून सत्र में गुरुवार को भारतमाला परियोजना को लेकर बड़ा राजनीतिक आरोप सामने आया. भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने इस महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की. उन्होंने विधानसभा में कहा कि बिलासपुर संभाग समेत कई जिलों में मुआवजा वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है.

भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में सीबीआई जांच की मांग (ETV BHARAT)

मुआवजा निर्धारण में नियमों को ताक पर रखकर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाया गया. 500 वर्गमीटर से कम भूमि पर अधिक मुआवजा और उससे अधिक पर कम मुआवजा देकर टुकड़ों में भूमि दिखाकर 1 करोड़ तक का भुगतान किया गया. साथ ही अभिलेखों में फर्जीवाड़ा, अवैध नामांतरण, बंटवारा और फर्जी मालिक बनाकर योजनागत लूट की गई है.-धरमलाल कौशिक, बीजेपी विधायक

भारतमाला प्रोजेक्ट के मुख्य साजिशकर्ता पर हो कार्रवाई: धरमलाल कौशिक ने आगे कहा कि इस पूरे मामले में उच्च पदस्थ अधिकारियों की संलिप्तता रही है, जिन्होंने अपने मातहतों पर दबाव बनाकर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया. इसलिए मेरी सरकार से मांग है कि इस पूरे प्रकरण की सिर्फ जिला या संभाग स्तर पर नहीं, बल्कि एक उच्चस्तरीय व्यापक जांच कराई जाए.अब तक सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अब भी बाहर हैं.

राजस्व मंत्री ने दिया जवाब: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने जवाब में कहा कि भूमि अर्जन में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं और इस पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. जांच के लिए संभागायुक्तों के माध्यम से विशेष टीमें बनाई गई हैं और ईओडब्ल्यू को भी जांच सौंपी गई है. अब तक की जांच में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 8 निजी और 2 सरकारी अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा 8 आरोपियों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया है.

सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. चाहे छोटा अधिकारी हो या बड़ा, किसी को बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू पूरी तरह सक्षम है और इसलिए सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है.- टंकराम वर्मा, राजस्व मंत्री

भारतमाला प्रोजेक्ट में संगठित साजिश का आरोप: विधानसभा से चर्चा करते हुए धरमलाल कौशिक ने कहा कि यह केवल मामूली अनियमितता नहीं बल्कि एक संगठित साजिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों ने प्राइवेट लोगों के साथ मिलकर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है. इसमें अगर सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी जांच करती है तो असली साजिशकर्ता सामने आते और ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लग पाती.

EOW जांच करने में सक्षम: इन सवालों पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह बहुत बड़ी परियोजना है, इसमें हजारों करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और जांच में अब तक कई गड़बड़ियां सामने आई हैं. ईओडब्ल्यू पूरी गंभीरता से जांच कर रही है और हर 4-6 दिन में नए खुलासे हो रहे हैं. हम किसी भी दोषी को बख्शने नहीं जा रहे, चाहे वह छोटा अधिकारी हो या कोई बड़ा नाम है. CBI जांच की मांग पर मंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक अपराध शाखा एक स्वतंत्र और मजबूत संस्था है, जिसे पूरी जिम्मेदारी के साथ यह जांच सौंपी गई है

मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि CBI जांच की जरूरत नहीं, क्योंकि राज्य की एजेंसी ही दोषियों को न्याय के कठघरे तक पहुंचाने में सक्षम है.

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