पंचकल्याणक महोत्सव : 35 फीट ऊंची और 24 फुट चौड़ी पुस्तक, 108 फीट ऊंचा ध्वज, बने ये दो कीर्तिमान
अजमेर में पंचकल्याणक महोत्सव में दो विश्व कीर्तिमान बने. आचार्य विद्यानंद के जीवन आधारित 35 फीट ऊंची और 24 फुट चौड़ी किताब का विमोचन किया.

Published : April 25, 2025 at 11:13 AM IST
अजमेर: शहर के नाका मदार रोड क्षेत्र में श्रीजिन शासन तीर्थ में पंचकल्याणक महोत्सव के पांचवे दिन ज्ञान कल्याणक श्रद्धा के साथ मनाया गया. गुरुवार को पंचकल्याणक परिसर स्थित भगवान शांतिनाथ की 54 फुट ऊंची प्रतिमा और सवा 11 फुट 24 तीर्थंकर की प्रतिमाओं के दर्शन पाने और महोत्सव में भागीदारी निभाने बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे. पांचवें दिन दो बड़े विश्व कीर्तिमान बने. इनमें 35 फीट ऊंची और 24 फुट चौड़ी किताब का विमोचन शामिल है. वहीं 108 फीट ऊंची जैन ध्वज भी फहराई गई. इससे पहले सुबह-सुबह मंत्र उच्चारण और भक्ति की रसदार के साथ भगवान का अभिषेक हुआ. उसके बाद श्रद्धालुओं ने पूजा की. जैन संत वसुंन्दी महाराज ने मंगल प्रवचन किए. ज्ञान कल्याणक के महत्व को विस्तार से समझाया.
पंचकल्याणक महोत्सव समिति के पदाधिकारी नितिन जैन ने बताया कि महोत्सव के पांचवें दिन तीर्थ क्षेत्र में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की मौजूदगी में खवगराय शिरोमणि नामक विशाल ग्रंथ का विमोचन किया गया. यह ग्रंथ 36 फीट लंबा और 24 फुट चौड़ा है. जैन संत आचार्य विद्यानंद महाराज के जीवन, दर्शन और समाज सेवा पर आधारित है. इस विशाल ग्रंथ के निर्माण में 500 वर्ग फीट फ्लेक्स, 1000 किलो ग्राम लोहा, 50 लीटर पेंट का उपयोग किया गया. विश्व की सबसे बड़ी पुस्तक में कुल 18 प्रश्न है, जिन्हें 15 से 20 समर्पित कलाकारों और सेवकों ने केवल पांच दिन में तैयार किया. महोत्सव में विशाल पुस्तक का विमोचन कर आचार्य विद्यानंद महाराज के 101वें जयंती पर उन्हें समर्पित की गई. महोत्सव में पुस्तक विमोचन के साथ ही तीर्थ क्षेत्र में 108 फीट ऊंचा जैन ध्वज फहराया गया. यह ध्वज जैन धर्म के सिद्धांतों, आत्म बल और अहिंसा का प्रतीक है. महोत्सव में गुरुवार को सहकारिता मंत्री गौतम दक व अजमेर सरस डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी भी आए.
जैन संत ने उठाई मांग: जैन संत वसुंन्दी महाराज ने सहकारिता मंत्री गौतम दक के समक्ष तीर्थ क्षेत्र को जैन नगर नाम देने और अजमेर विकास प्राधिकरण की ओर से क्षेत्र में जैन नगर के बोर्ड लगाने की मांग की. उन्होंने मांग की कि तीर्थ क्षेत्र के एक किमी दायरे में शराब और मांस की दुकानें संचालित नहीं हो. मंत्री दक ने आश्वासन दिया कि मुनिराज की मांग सरकार तक पहुंचाएंगे.

समापन पर शोभायात्रा : नितिन जैन ने बताया कि पंचकल्याणक के छठे दिन शुक्रवार को महोत्सव का अंतिम दिन है. इस दिन मोक्ष कल्याणक को और दिव्य बनाया जाएगा. पांच घोड़े बग्गी बंद के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी. तीर्थ क्षेत्र की परिक्रमा भी होगी. इसके बाद हवन और पूजा के साथ भगवान के प्रथम महामस्तकाभिषेक किया जाएगा.
मार्गदर्शक बनेगी पुस्तक: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र में इस पुस्तक में अहिंसा के प्रचारक और जैन धर्म के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले जैन आचार्य विद्यानंद महाराज के जीवन का उल्लेख है. पुस्तक का लेखन जैन आचार्य वसुंन्दी महाराज ने किया. केवल भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए पुस्तक मार्गदर्शक है. इस पुस्तक से मार्गदर्शन लेकर विश्व में व्याप्त समस्याओं का हल निकाला जा सकता है. इससे विश्व शांति स्थापित होगी. भारत विश्व के नेतृत्व के लिए आगे बढ़ेगा.

