बच्चों संग गायब हुईं दो महिलाएं, प्रेमी संग दिल्ली में मिलीं, घर जाने से किया इनकार
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से शादीशुदा महिलाओं का प्रेमी के साथ भागने का मामला सामने आया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 7, 2025 at 7:42 PM IST
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में दो शादीशुदा महिलाओं का प्रेमियों के साथ भगाने का मामला इन दिनों सुर्खियों हैं. बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं अपने बच्चों को साथ लेकर गई है. हालांकि पुलिस ने दोनों महिलाओं को ढूढ़ लिया है, लेकिन दोनों महिलाएं अपने-अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी हुई थी.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला हरिद्वार के ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र का है. दोनों महिलाएं एक ही मोहल्ले में रहती है. बीते हफ्ते दोनों महिलाएं अपने बच्चों के साथ अचानक से लापता हो गई थी. परिजनों ने दोनों को काफी तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला. वहीं संदिग्ध परिस्थितियों में दोनों महिलाओं के बच्चों समेत लापता होने की खबर से इलाके में भी तरह की चर्चाएं हो रही थी. आखिर में दोनों महिलाओं के परिजन थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी.
पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर दोनों महिलाओं की गुमशुदगी दर्ज की. दोनों महिलाओं की तलाश में पुलिस ने इलाके के लोगों से पूछताछ की तो चौंकने वाली बात पता चली. पुलिस को पता चला कि दोनों महिलाओं के पड़ोस में ही दो युवक रहते है, वो ही दोनों महिलाओं को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गए हैं. दोनों महिलाएं अपनी तीन छोटे-छोटे बच्चों को भी साथ ले गई थीं.
वहीं सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब पता चला कि एक विवाहिता का प्रेमी दिव्यांग है. युवक के दोनों पैर खराब हैं और वह चल-फिर भी नहीं सकता. युवक के परिजनों ने विवाहिता पर आरोप लगाया कि वह दिव्यांग को जबरन अपने साथ ले गई है.
इसके बाद पुलिस की एक टीम को दिल्ली भेजा गया. पुलिस ने दोनों महिलाओं को दिल्ली में ढूंढा और उन्हें अपने प्रेमियों के साथ हरिद्वार लेकर आई. हरिद्वार की ज्वालापुर कोतवाली में दोनों महिलाओं ने पुलिस को साफ-साफ कहा कि वो अपने पतियों से साथ नहीं जाना चाहती है. दोनों अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है. साथ ही दोनों महिलाएं अपने बच्चों को भी साथ रखने की जिद पर अड़ी हुई थी.
इस मामले पर ज्यादा जानकारी देते हुए ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान महिलाओं को समझाया गया कि जिन युवकों के साथ वे रहना चाहती हैं, उनमें से एक पूरी तरह दिव्यांग है और खुद अपने परिजनों पर निर्भर है. दूसरा युवक भी बेरोजगार है. ऐसे में उनके और बच्चों के भविष्य का क्या होगा, इसका जवाब किसी के पास नहीं था.
काफी देर तक चली बातचीत और काउंसलिंग के बाद आखिरकार दोनों महिलाएं मान गईं और अपने-अपने पतियों के साथ लौट गईं. दोनों ने अभी तक अपने पतियों से तलाक नहीं लिया था, इसलिए पुलिस ने उन्हें कानूनी तौर पर पतियों के हवाले किया.
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