यूपी में नकली मोबिल ऑयल बनाने की दो फैक्ट्रियों का भंडाफोड़, ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बेच रहे थे, स्कूल में बनाया था गोदाम
संभल में दो थानों की पुलिस ने छापा मारकर नकली मोबिल ऑयल की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : April 18, 2025 at 7:38 PM IST
संभल : पुलिस ने नकली मोबिल ऑयल बनाने की दो फैक्ट्री पकड़ी है. शुक्रवार को छापेमारी में मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही करोड़ों रुपए का नकली मोबिल ऑयल बरामद किया है. आरोपी 50 रुपये की लागत से 500 रुपये के हिसाब से मोबिल ऑयल बेच रहे थे. पुलिस ने गोदामों को सील कर दिया है.
गिरफ्तार आरोपियों ने अलग-अलग थाना क्षेत्र में नकली मोबिल बनाने और पैकिंग करने की फैक्ट्रियां लगा रखी थीं. आरोपी हाई क्वालिटी की ब्रांडेड कंपनियों के पैक में नकली मोबिल पैक करते थे. ब्रांडेड कंपनियों के खाली डिब्बे भारी मात्रा में मिले हैं.
एक साथ फैक्ट्रियों पर मारा छापा : संभल के SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि थाना बहजोई और थाना बनियाठेर क्षेत्र में अवैध रूप से मोबिल ऑयल की फैक्ट्री चल रही थी. पुलिस ने दो फैक्ट्रियों पर एक साथ छापा मारा, जहां नकली मोबिल ऑयल, ग्रीस व लुब्रिकेंट बन रहा था.
पुराने ऑयल को खरीदकर बॉयलर में गर्म करके रंग मिलाकर असली जैसा नकली तेल बनाकर ये गिरोह नामचीन कंपनियों की बोतल, पाउच, बाल्टी, रैपर में भरकर बाजार में सस्ते रेट पर बेच देता था ओर काफी मुनाफा कमाते थे.
पुराने स्कूल में चल रहा था गोदाम : SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया, एक गोदाम पुराने स्कूल में था. ताकि किसी को भनक न लगे. गोदाम में हीरो, कैस्ट्रॉल, एक्टिव जैसी नामचीन कंपनियों के बॉक्स मिले. पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया, वह पुराना यूज तेल को प्रोक्योर करने के बाद ब्लू और रेड कलर मिलाकर उसको गाढ़ा करते थे. असली दाम पर नकील मोबिल ऑयल बेचते थे.
पुलिस ने मौके पर ब्रांडेड कंपनियों के एजेंट भी बुलाए और जांच कराया. पड़ताल में पता चला कि आरोपियों के पास फैक्ट्री का लाइसेंस तक नहीं है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान बहजोई के रहने वाले आशीष वार्ष्णेय और चंदौसी के रहने वाले प्रतीक गुप्ता के रूप में हुई है.
दिल्ली से मंगाते थे सामान : SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया, आरोपी दिल्ली से स्टीकर और पैकिंग मटेरियल मंगवाते थे. इन नकली प्रोडक्ट्स को असली दाम पर बेचकर बड़ा मुनाफा कमा रहे थे. प्रतीक गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसके पास किसी भी तरह का लाइसेंस नहीं था. वह सीधे तौर पर अवैध धंधा कर रहा था.
दिल्ली में जहां से ये माल मंगा रहे थे, उसे भी नामजद किया गया है. दोनों आरोपी बिलारी के रहने वाले शाहनवाज, शकील, मोहम्मद हिलाल, फिरोज पुत्र मुन्ने खान और आरिफ इन लोगों के साथ मिलकर नकली प्रोडक्ट्स को विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे.

