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'अधिकारियों ने कैसे किया ये दुस्साहस?' हरिद्वार भूमि घोटाले पर त्रिवेंद्र का बयान, धामी को दी बधाई

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार भूमि घोटाला मामले में दोषी अधिकारियों की विस्तृत जांच की मांग की.

HARIDWAR LAND SCAM
हरिद्वार भूमि घोटाला मामले में दोषी अधिकारियों की विस्तृत जांच होनी चाहिए- त्रिवेंद्र सिंह रावत (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 3, 2025 at 5:15 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: हरिद्वार के चर्चित जमीन घोटाले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो आईएएस और एक पीसीएस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. उत्तराखंड के इतिहास में ये दूसरी बार हुआ है, जब किसी जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है. हरिद्वार डीएम कर्मेंद्र सिंह और आईएएस वरुण चौधरी को निलंबित कर दिया गया है. इसके साथ ही पीसीएस अधिकारी अजयवीर पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है. इन अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में विजिलेंस जांच के आदेश भी दिए हैं. इस पूरे मामले पर हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अधिकारियों ने ये दुस्साहस कैसे किया? इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए.

ये है मामला: दरअसल, साल 2024 में हरिद्वार नगर निगम ने ग्राम सराय में 54 करोड़ रुपए में 2.3070 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी. ये जमीन नगर निकाय चुनाव के दौरान खरीदी गई थी. उस वक्त हरिद्वार नगर निगम की पूरी जिम्मेदारी यानी पूरा सिस्टम तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी के हाथों में था. आरोप है कि नगर निगम ने जो जमीन खरीदी थी, उसकी कीमत 13 करोड़ रुपए थी. लेकिन उसे 54 करोड़ रुपए में खरीदा गया. साथ ही आज तक ये भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि ये जमीन किस उद्देश्य के लिए खरीदी गई थी.

हरिद्वार भूमि घोटाले पर त्रिवेंद्र का बयान (ETV Bharat)

कुल 12 अधिकारियों पर कार्रवाई: मामला सामने आने के बाद शासन ने आईएएस रणवीर सिंह चौहान को जांच की जिम्मेदारी दी. रणवीर सिंह चौहान की जांच में जमीन खरीद में घोटाले की बात सामने आई. जिसके बाद रणवीर सिंह चौहान की रिपोर्ट के आधार पर तीन मई को हरिद्वार डीएम कर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन हरिद्वार नगर आयुक्त आईएएस वरुण चौधरी और पीसीएस अजयवीर समेत कुल 12 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है.

वहीं, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जो लोग राज्य के साथ इस तरह से धोखा कर रहे हैं. उन लोगों पर कार्रवाई होनी ही चाहिए. इस पूरे मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए. जांच होनी चाहिए कि कैसे इन लोगों ने इस तरह का साहस किया ? साथ ही कहा कि इसे साहस कहा जाए या दुस्साहस कहा जाए? इन लोगों ने ये दुस्साहस किया कैसे कि सरकार का 50 करोड़ रुपए को ठिकाने लगा दिया. ये बड़ा चिंता का विषय है. लेकिन जो कार्रवाई हुई है, उसके लिए वो सीएम को बधाई देते हैं.

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