बस्तर का स्वर्ग 'तीरथगढ़ जलप्रपात': बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर ताला क्यों
बस्तर के मिनी स्वर्ग का दीदार नहीं कर पाने के चलते लोग नाराज भी हैं और निराश भी, जानिए क्यों ?

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 21, 2025 at 4:51 PM IST
|Updated : August 21, 2025 at 7:48 PM IST
बस्तर: छत्तीसगढ़ के बस्तर में बीते सप्ताहभर से लगातार बारिश जारी है. बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं. इसके साथ ही बस्तर के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती भी चरम पर है. जिसका दीदार करने लोग बस्तर के पर्यटन स्थल में पहुंच रहे हैं. लेकिन बस्तर का मिनी स्वर्ग कहे जाने वाले तीरथगढ़ जलप्रपात को इन दिनों पर्यटको के लिए बंद कर दिया गया है. तीरथगढ़ पर्यटन प्रबंधन ने गेट पर ताला जड़ दिया है.
तीरथगढ़ को कहते हैं धरती का स्वर्ग: पर्यटन स्थल को बंद किए जाने से पर्यटक नाराज हैं. उनका कहना है कि वो बड़ी हसरतों के साथ यहां घूमने आए थे लेकिन उनका सपना अधूरा रह गया. निराश पर्यटक अब यहां से दूसरे पर्यटन स्थलों को एक्सप्लोर करने के लिए चित्रकोट और दूसरी जगहों का रुख कर रहे हैं. बड़ी संख्या में पर्यटक यहां इसलिए आते हैं क्योंकि तीरथगढ़ जलप्रपात में पानी तीन स्टेपों में होकर नीचे आता है. आखिरी के स्टेप में पानी करीब 100 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है.
100 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी: दरअसल बारिश के चलते मुनगा बहार नाले में जलस्तर बढ़ गया है. नाले का पानी दहाड़ते हुए 3 स्टेप में करीब 100 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर रहा है. जिसके कारण पर्यटन प्रबंधन ने पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए इसे बंद कर दिया है. साथ ही पर्यटन स्थल पर स्थानीय पुलिस विभाग की टीम और SDRF की टीमों को तैनात किया गया है.
दूसरे राज्यों से आते हैं यहां पर्यटक: यहां आए पर्यटकों ने बताया कि तीरथगढ़ देखने के लिए वो दूसरे राज्यों से यहां पहुंचे हैं. कई पर्यटक तो छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी जिले के साथ ही कोलकाता और आंध्र प्रदेश से आए हैं. पर्यटकों ने बताया कि बारिश में तीरथगढ़ की खूबसूरती और बढ़ जाती है. इसी सुंदरता को देखने के लिए यहां आए लेकिन यहां पर पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है. अब वो निराश होकर यहां से वापस लौट रहे हैं.


पर्यटकों की मांग: पर्यटकों ने कहा कि जिम्मेदारों को चाहिए कि तीरथगढ़ में जो सुरक्षा की उचित व्यवस्था होनी चाहिए वो करें और पर्यटकों को आने दें. करीब से न सही लेकिन दूर से ही उसका दीदार करने की इजाजत उनको मिले. लोगों ने कहा कि उनको भी अपनी जान की फिक्र है. लोगों ने पर्यटन विभाग से ये भी कहा कि यहां एक रेलिंग डालकर सुरक्षा घेरा तैयार किया जाना चाहिए ताकि खतरे वाली जगह पर कोई नहीं जा सके.
बस्तर का मिनी नियाग्रा: पर्यटकों ने यह भी बताया कि बारिश में बस्तर घूमने का प्लान सभी बनाते हैं. उसके आधार पर आने जाने का टिकट भी कराते हैं. ऐसी स्थिति में उनको घूमने की इजाजत नहीं मिलती तो वो निराश हो जाते हैं. पर्यटकों ने शिकायत करते हुए कहा कि जिस तरह मिनी नियाग्रा चित्रकोट जलप्रपात को बारिश के दिनों में दूर से पर्यटकों दिखाया जाता है उसी तरह से तीरथगढ़ में भी व्यवस्था करनी चाहिए.
सूचना देने की मांग: पर्यटकों ने कहा कि समिति के कुछ लोग ऐसे चिन्हित जगह पर जहां से पर्यटन स्थल को देखा जा सके, वहां टोली के अनुसार ले जाएं. उनकी निगरानी में पर्यटन स्थल को देखने की इजाजत मिले. लोगों ने कहा कि अगर ऐसी व्यवस्था नहीं होती तो इस बात का प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए कि कब से कब तक अमुक पर्यटन स्थल इस वजह से बंद रहेगा. लोगों ने कहा कि अगर जानकारी बंद होने की रहेगी तो उनका समय और पैसा दोनों ही बचेगा.

