बालाघाट में बुजुर्ग को खा गया टाइगर, जंगल के अंदर मिला आधा शरीर
जंगल में साथियों के साथ बांस कांटने गए बुजुर्ग पर बाघ का हमला, बाकी साथी जान बचाकर भागे.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 30, 2025 at 10:01 AM IST
बालाघाट : दक्षिण वन मंडल बालाघाट से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां 65 साल के एक बुजुर्ग पर बाघ ने हमल कर उसे मौत के घाट उतार दिया. बुजुर्ग तकरीबन 6 लोगों के साथ जंगल की ओर निकले थे तभी टाइगर ने अटैक किया. इस ह्रदय विदारक घटना में टाइगर ने बुजुर्ग का आधा शरीर खा लिया. घटना वन परिक्षेत्र कटंगी और वारासिवनी की सीमा से लगे नगझर सिरपुर के जंगल की है.
गांव वालों ने बताया कि कुल 7 लोग जंगल में गए थे तभी बाघ ने बुजुर्ग पर हमला किया, जबकि अन्य लोगों ने जैसे तैसे मौके से भागकर अपनी जान बचाई और गांव में पहुंचकर वन विभाग और मृतक के परिजनों को सूचना दी.
बाघ की आवाज से थर्राए ग्रामीण
वन परिक्षेत्र अधिकारी बाबूला चढ़ार के मुताबिक, '' यह घटना दक्षिण वनमंडल के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिरपुर की है, जहां सिरपुर नगझर निवासी मंगरूलाल सर्राटे (उम्र 65 वर्ष) पर गुरुवार को बाघ ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था. कुछ ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी अपने निजी उपयोग के लिए बांस काटने जंगल के अंदरूनी इलाकों में गए हुए थे. वे सभी अलग-अलग होकर अपने लिए बांस काट रहे थे, तभी बाघ ने मंगरूलाल पर अटैक कर दिया. टाइगर की आवाज सुनकर बाकी लोग अपनी जान बचाकर भाग निकले, लेकिन बुजुर्ग मंगरुलाल हमले का शिकार ही गया.''
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जंगल में मिला बुजुर्ग का आधा शरीर
घटना के तुरंत बाद बाकी लोग जैसे-तैसे गांव की ओर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी. जानकारी लगते ही कटंगी और वारासिवनी वनपरिक्षेत्र की टीमें मौके पर पहुंची. जहां जंगल के अंदर मृतक का आधा शव पाया गया. कमर से नीचे का हिस्सा बाघ ने खा लिया था, वहीं एक पैर का हिस्सा भी शव से कुछ दूर पड़ा मिला. वन विभाग ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया.
पहले भी चार बार हमले कर चुका बाघ
टाइगर द्वारा इस तरह हमल की ये पहली घटना नई है. पहले भी हो चुकी हैं, बीते तकरीबन छः महीनों में दक्षिण वनमण्डल अंतर्गत चार लोग बाघ का शिकार हुए हैं. इसके बावजूद ग्रामीण जंगल की ओर चले जाते हैं और हादसों को निमंत्रण देते हैं. वन विभाग के एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रामीणों का जंगल में बहुत अंदर तक चले जाना और जंगलों में बढ़ती मानव गतिविधियों से इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं.
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बफर जोन के पास रहने वाले ग्रामीणों को भी सलाह दी जाती है कि वे कभी अकेले या पैदल जंगल के करीब से न गुजरें पर लोग इन बातों को नजर अंदाज कर देते हैं.

