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बिहार के बेगूसराय में बना 'हीराबेन मंदिर', PM मोदी की मां को समर्पित

बेगूसराय के सूजा गांव में सामुदायिक भवन सह कामा माई मंदिर का नाम पीएम मोदी की मां हीराबेन के नाम पर रखा गया. पढ़ें खबर

बिहार में पीएम मोदी की मां के लिए बना मंदिर
बिहार में पीएम मोदी की मां के लिए बना मंदिर (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : September 8, 2025 at 6:42 PM IST

4 Min Read
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बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले के सूजा गांव में मुसहर समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र बन रहा है एक ऐसा मंदिर, जो सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव का संदेश भी देता है. इस मंदिर की खास बात यह है कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय मां हीराबेन के नाम पर समर्पित किया गया है.

मुसहर समाज की आराध्य देवी 'कामा माई' : गांववासियों ने सामूहिक चंदा और श्रमदान से इस मंदिर और सामुदायिक भवन का निर्माण किया है, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनता जा रहा है. सूजा गांव में मुसहर समाज की बहुलता है, जो 'कामा माई' को अपनी कुलदेवी मानते हैं. लंबे समय से यहां 'कामा माई. का कोई मंदिर नहीं था.

डॉ. सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद (ETV Bharat)

'हीराबेन मंदिर' के रूप में होगी पहचान: जमीन की अनुपलब्धता के कारण मंदिर निर्माण संभव नहीं हो पा रहा था. ऐसे में गांववासियों ने निर्णय लिया कि हाल ही में निर्मित सामुदायिक भवन की छत पर ही कामा माई का मंदिर बनाया जाएगा. इस निर्णय के साथ गांव में 'कामा माई' की प्रतिमा स्थापित कर इसे 'हीराबेन मंदिर' के रूप में पहचान दी गई.

बेगूसराय में मंदिर बनकर तैयार
बेगूसराय में मंदिर बनकर तैयार (ETV Bharat)

राजनीतिक विवाद: अगस्त 2023 में दरभंगा की एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन के लिए अपशब्द कहे गए थे. इससे आहत होकर गांववासियों ने यह निर्णय लिया कि वे मंदिर का नाम हीराबेन के नाम पर रखकर इस व्यवहार का प्रतीकात्मक विरोध करेंगे. इस भावनात्मक फैसले में भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. राकेश सिन्हा की भी अहम भूमिका रही.

ETV Bharat GFX
ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

"मां-बहन को गाली देने की प्रवृत्ति भारतीय संस्कृति के विरुद्ध है. यह मंदिर उस मानसिकता के खिलाफ एक सांस्कृतिक जवाब है. हीराबेन एक साधारण महिला थीं, जिनके संस्कारों ने एक महान प्रधानमंत्री को जन्म दिया. यह पूरे देश की माताओं का सम्मान है." - डॉ. सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद

डॉ. सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद
डॉ. सिन्हा, पूर्व राज्यसभा सांसद (ETV Bharat)

सामुदायिक भवन बना हीराबेन मंदिर: हीराबेन मंदिर के नीचे तीन मंजिला सामुदायिक भवन का निर्माण 'सांसद आदर्श ग्राम योजना' के अंतर्गत किया गया है. इसकी लागत लगभग 16 लाख रुपये है, जिसमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और स्थानीय लोगों ने सहयोग किया.

पीएम मोदी और उनकी मां
पीएम मोदी और उनकी मां (ETV Bharat)

200 लोगों के ठहरने की व्यवस्था: आपको बता दें कि भवन में दो बड़े कमरे हैं, जिसमें 200 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है. साथ ही सामुदायिक शौचालय और पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है. इस भवन का उद्देश्य गांव के महादलित समुदाय को सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है. यहां शादियों, आयोजनों और अन्य सामाजिक कार्यों के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा.

24 लाख की लागत से तैयार हुआ मंदिर: सामुदायिक भवन की छत पर बने 'कामा माई' मंदिर के निर्माण में 24 लाख रुपए खर्च हुए हैं. यह पूरी तरह से जन सहयोग और स्थानीय लोगों के श्रमदान का परिणाम है. मंदिर में 'कामा माई' की प्रतिमा स्थापित की गई है, और इसे अब 'हीराबेन मंदिर' कहा जाएगा.

बेगूसराय में पीएम मोदी की मां के नाम मंदिर
बेगूसराय में पीएम मोदी की मां के नाम मंदिर (ETV Bharat)

"यह सिर्फ एक मंदिर नहीं है, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने वाली कड़ी है. मुसहर समाज और दूसरे समुदायों के लोगों ने मिलकर इसे बनाया है. यह देश को यह दिखाने का प्रयास है कि सामाजिक एकता और श्रद्धा से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है."- डॉ. संजय कुमार, मंदिर निर्माण से जुड़े

'हर मां का सम्मान जरूरी': हीराबेन मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा है. यह संदेश देता है कि एक साधारण मां का बेटा देश का प्रधानमंत्री बन सकता है और उसकी मां पूरे देश की मां बन जाती है.

मां से बात करते पीएम मोदी
मां से बात करते पीएम मोदी (ETV Bharat)

जल्द होगा मंदिर का विधिवत उद्घाटन: मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब इसके विधिवत उद्घाटन की तैयारी की जा रही है. गांव में उत्सव जैसा माहौल है. हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनना चाहता है. ग्रामीणों को इस बात का गर्व है कि उनके छोटे से गांव ने देश को एक बड़ा सामाजिक संदेश दिया है.

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