हर्षिल में बनी अस्थाई झील ने बढ़ाई टेंशन, टेक्निकल टीम पानी निकालने में लगी, डीएम खुद मौके पर पहुंचे
हर्षिल हेलीपैड के पास करीब चार किमी लंबी झील बनी हुई है, जिसको लेकर सभी टेंशन में हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 12, 2025 at 3:09 PM IST
उत्तरकाशी: उत्तराखंड सरकार और उत्तरकाशी जिला प्रशासन की इस वक्त सबसे बड़ी टेंशन हर्षिल हेलीपैड के पास भागीरथी नदी पर बनी अस्थाई झील है. करीब चार किमी लंबी अस्थाई झील में न सिर्फ गंगोत्री हाईवे डूबा हुआ है, बल्कि पूरे इलाके में खतरा भी बना हुआ है. यही कारण कि खुद उत्तरकाशी जिला प्रशासन प्रशांत आर्या ने इस झील का निरीक्षण किया. उत्तराखंड जल विद्युत निगम और सिंचाई विभाग की टीमें भी लगातार झील को पंचर करने का प्रयास कर रही है. ताकि झील से धीरे-धीरे पानी निकले.
खीरगंगा में पांच अगस्त को आया था सैलाब: बता दें कि बीती पांच अगस्त को खीरगंगा नदी में पानी का सैलाब आया था. इस सैलाब में धराली बाजार पूरी तरह से बर्बाद हो गया था. धराली के अलावा हर्षिल में इस दौरान काफी नुकसान हुआ था. हर्षिल में हेलीपैड के पास ही तेलगाड़ के उफान पर आने के कारण उसमें आए मलबे और पेड़ों ने भागीरथी नदी का प्रवाह रोक दिया था. तभी से लगातार झील का जल स्तर कभी बढ़ और घट रहा है.
हर्षिल-धराली आपदा स्थल पर रेस्क्यू कार्य तेजी से चल रहा है।आपदा के दौरान हर्षिल क्षेत्र मे बनी अस्थायी झील से पानी की निकासी का कार्य भी किया जा रहा है, निचले इलाकों में भागीरथी नदी का जलस्तर बढने की सम्भावना है।
— Uttarkashi Police Uttarakhand (@UttarkashiPol) August 11, 2025
कृपया सावधानी बरतें,नदी के आस-पास न जाएं, सुरक्षित स्थानों पर रहें। pic.twitter.com/FgeRwHXVyn
अस्थाई झील ने बढ़ाई टेंशन: रविवार रात को भी अस्थाई झील का जलस्तर अचानक से बढ़ गया था, जिससे इलाके के लोग काफी डर गए थे. उसके बाद सोमवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने अधिकारियों के साथ झील का निरीक्षण किया. वहीं सेना को जेसीबी की मदद से झील के मुहाने को खोलने के निर्देश दिए. साथ ही वन विभाग और एसडीआरएफ को मुहाने के पेड़ काटने को कहा था. उसके बाद सेना ने वहां पर जेसीबी की मदद से प्रयास शुरू किए, लेकिन वह पहले ही प्रयास में असफल हो गए. वहां पर झील के मुहाने को खोलने वाली जेसीबी झील में डूब गई. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.

जिला अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे: उसके साथ ही मानवीय तौर पर वन विभाग और एसडीआरएफ की ओर से झील के मुहाने पर अटके पेड़ों को काटकर उसे खोलने का प्रयास किया जा रहा है. मंगलवार 12 अगस्त को हर्षिल हेलीपैड पर भागीरथी नदी पर बनी झील को मैनुअल तरीके से खोले जाने वाले स्थान पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने निरीक्षण किया. हेलीपैड पर बनी झील को मैनुअली पंचर करने का प्रयास कर रहे कार्मिकों के साथ हाथ बंटाने में आज खुद जिलाधिकारी पहुंचे और कार्मिकों का हौसला बढ़ाते हुए दिखाई दिए.

बता दें कि धराली बाजार आपदा में 5 अगस्त को आई आपदा में 66 लोग लापता है. सरकार की तरफ से लापता लोगों की लिस्ट भी जारी कर दी गई है. बीते आठ दिनों से धराली बाजार में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है.
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