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उदयपुर में बांध सुरक्षा पर सम्मेलन में बोले जल संसाधन मंत्री, हमारी सरकार पुरानी नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्पित

बांधों की सुरक्षा को लेकर उदयपुर में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया. इसमें जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत मुख्य अतिथि थे.

Conference On Dams Safety
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत (ETV Bharat Udaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 17, 2025 at 9:47 PM IST

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उदयपुर: बांध सुरक्षा व पुनर्वास पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम उदयपुर के एक रिसॉर्ट में हुआ. इसमें राजस्थान सरकार में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि भाजपा सरकार पुरानी नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए संकल्पित है. मंत्री रावत ने कहा कि वैदिक काल से ही भारत में वर्षा जल को बांध और एनीकट में रोककर जल भंडारण की परंपरा रही है. अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार भी 'विकास भी और विरासत भी' ध्येय अनुरूप जल प्रबंधन के लिए तेजी से कार्य कर रही हैं.

रावत सोमवार को 'बांध सुरक्षा, पुनर्वास एवं बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 पर राज्य स्तरीय सम्मेलन' के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि राजस्थान जैसे जल न्यूनता वाले राज्य में बांधों में सहेजी गई जल की एक-एक बूंद अमृत के समान है. इसी दृष्टि से राज्य सरकार बांधों को राज्य की आर्थिक समृद्धि का सूचक और मानवीय महत्ती आवश्यकता मानते हुए उनके बेहतर प्रबंधन की दिशा में कार्य कर रही है.

पढ़ें: केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह बोले, बांध सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है

जल संसाधन मंत्री ने कहा कि बांधों के निर्माण और रोके गए जल के बेहतर उपयोग के लिए तंत्र विकसित करना और जल ढांचों की सुरक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में है. उन्होंने कहा कि जल संचयन, सिंचाई, बिजली उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण और पीने के पानी में बांधों की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसके लिए हमारी सरकार ने पहले ही बजट में वाटरग्रिड की सोच को दर्शाया और अब उस दिशा में आगे बढ़ रही हैं. रावत ने कहा कि बांधों के जरिए डाउन स्ट्रीम में जल की निरंतरता बनी रहे और स्थानीय नदियां पुनर्जीवित हों, ऐसे सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अभियंता निरंतर निगरानी, संभावित दुष्परिणामों की समय पर सही और सटीक जानकारी और उसके निराकरण की एडवांस तैयारी के लिए प्रोफेशनल एप्रोच अपनाएं. सत्र में केंद्रीय जल आयोग के मुख्य अभियंता राकेश कश्यप ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा बांधों को अधिक सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसमें राजस्थान की भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण है. राजस्थान के जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता रवि सोलंकी ने भी अपने विचार रखे.