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धामी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाए तेज, करन माहरा ने दिया ये बड़ा बयान

उत्तराखंड में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं. प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद इस चर्चा ने जोर पकड़ा है.

State Congress President Karan Mahara
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : March 19, 2025 at 8:47 AM IST

3 Min Read
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देहरादून: उत्तराखंड में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा जोरों पर चल रही है. ऐसे में कांग्रेस लगातार धामी सरकार पर हमलावर है. जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास पहले से ही भारी भरकम विभाग हैं. ऐसे में प्रेमचंद अग्रवाल के मंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद उनके सभी विभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विभागों में निहित हो गए हैं. वहीं विपक्ष जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की मांग कर रहा है, जिससे प्रदेश में अवरुद्ध विकास कार्य को गति मिल सके.

इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास विभागों की संख्या और अधिक बढ़ गई है. बड़ी चुनौती सरकार के लिए यही है कि किस तरह से इन विभागों को और उन विभागों की योजनाओं को बेहतर ढंग से धरातल पर उतारा जाए. वहीं अब विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है कि विधानसभा सदन की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कोई भी प्रश्न हल नहीं होता है. जबकि मुख्यमंत्री के अधीन सबसे अधिक और भारी भरकम विभाग हैं.

धामी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाए तेज (Video-ETV Bharat)

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि अच्छे और समझदार लोगों को मंत्रिमंडल में आना चाहिए.मगर कैबिनेट में मंत्रियों की कमी होने से सरकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक तरह से नहीं कर पा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द कैबिनेट विस्तार करना चाहिए. वैसे भी कई विभाग मुख्यमंत्री के पास निहित हो गए हैं. मुख्यमंत्री के विभागों से संबंधित कोई प्रश्न बीते चार-पांच सालों में विधानसभा सदन में हल नहीं हो पाए हैं. इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि विभागीय मंत्री बनाए जाएं और उन्हें विभाग वितरित किए जाए.

दरअसल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रहे प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद पुष्कर धामी मंत्रिमंडल का जल्द विस्तार हो सकता है. अग्रवाल के इस्तीफे के बाद अब कैबिनेट में कुल पांच पद रिक्त हो गए हैं. ऐसे में अब विपक्ष ने भी जल्द मंत्रिमंडल विस्तार किए जाने की मांग की है. ताकि प्रदेश में अवरुद्ध विकास कार्य को गति मिल सके.

धामी कैबिनेट में 5 पद खाली: कैबिनेट मंत्री रहे प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद पांच मंत्री पद खाली हो गए. उत्तराखंड कैबिनेट में करीब 12 कैबिनेट मंत्री हो सकते हैं. वर्तमान नें सीएम धामी अकेले 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं. उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं इन दिनों तेज है. अन्य कुछ मंत्रियों के हटने की भी संभावनाएं जताई जा रही थी और कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है.
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