ETV Bharat / state

यहां भालू का रहे हैं फ्रूट आइसक्रीम , हिरण उड़ा रहे हैं तरबूज की दावत

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में वन्यजीवों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर, फव्वारे, खास डाइट और हेल्थ ड्रिंक की विशेष व्यवस्था की गई है.

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (ETV Bharat Jaipur)
author img

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : April 7, 2025 at 8:34 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

जयपुर: राजधानी में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है. दिन में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने लगा है, जिससे आमजन के साथ-साथ वन्यजीव भी प्रभावित हो रहे हैं. चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं से जानवरों को राहत देने के लिए नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में वन विभाग की ओर से कई प्रभावी और वैज्ञानिक इंतजाम किए गए हैं.

वन्यजीवों के लिए इस बार गर्मी में विशेष डाइट प्लान तैयार किया गया है. भालुओं को गर्मी से राहत देने के लिए उन्हें ठंडी और पौष्टिक चीजें जैसे फ्रूट आइसक्रीम और सत्तू खिलाया जा रहा है. वहीं, हिरण, नीलगाय, चिंकारा जैसे शाकाहारी वन्यजीवों को तरबूज, खीरा, और ककड़ी दी जा रही है, ताकि शरीर में पानी की मात्रा बनी रहे और गर्मी का असर कम हो. वन्यजीवों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पानी में ग्लूकोज और हेल्थ ड्रिंक मिलाकर पिलाई जा रही है. मांसाहारी जानवरों जैसे शेर, बाघ, तेंदुए के बाड़ों में बड़े इंडस्ट्रियल कूलर लगाए गए हैं, जो दिनभर ठंडी हवा प्रदान करते हैं. इसके अलावा, एंक्लोजर्स के अंदर और बाहर फव्वारे और वाटर स्प्रिंकलर्स लगाए गए हैं, जो वातावरण में नमी बनाए रखते हैं और तापमान को नियंत्रित करते हैं.

सहायक वन संरक्षक (ACF) देवेंद्र सिंह राठौड़ (ETV Bharat Jaipur)

इसे भी पढ़ें- नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क: वन्यजीवों को सर्दी से बचाने के किए विशेष इंतजाम, एंक्लोजर्स में लगाए हीटर

डक्टिंग सिस्टम लगाया गया: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के सहायक वन संरक्षक (ACF) देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि गर्मी के मौसम में जानवरों को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए वन्यजीवों की डाइट से लेकर उनके रहने के माहौल तक सब कुछ बदला गया है. उन्होंने बताया कि पार्क में मौजूद सभी एंक्लोजर्स में डक्टिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे समय-समय पर ठंडा पानी टपकाया जाता है. इससे जमीन में नमी बनी रहती है और जानवरों को ठंडक का अनुभव होता है. उन्होंने यह भी बताया कि ओपन एरिया में सेल्टर पर डक्टिंग सिस्टम लगाया गया है, जिससे छाया और पानी की बूंदों का संयोजन बनता है और जानवरों को राहत मिलती है. भालू के लिए सत्तू का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह शरीर की गर्मी को संतुलित करता है. इसी तरह से फलों से बनी आइसक्रीम भी उन्हें खिलाई जा रही है, जो स्वाद के साथ-साथ शरीर में ठंडक भी देती है.

गर्मी से बेहाल वन्यजीव
गर्मी से बेहाल वन्यजीव (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)
ठंडी और पौष्टिक चीजों का इंतजाम
ठंडी और पौष्टिक चीजों का इंतजाम (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)

वन्यजीवों की सेहत की मॉनिटरिंग भी लगातार की जा रही है. हर जानवर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए केयरटेकर और डॉक्टर तैनात हैं. यदि किसी जानवर में गर्मी की वजह से कमजोरी या अन्य कोई स्वास्थ्य समस्या देखी जाती है, तो तुरंत दवा दी जाती है. सभी जानवरों को समय पर डाइट दी जा रही है और विशेष रूप से सुबह और शाम के समय उनकी देखभाल और ज्यादा बढ़ा दी गई है. डीएफओ विजयपाल सिंह ने बताया कि जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क और चिड़ियाघर दोनों जगहों पर गर्मी से निपटने के लिए संपूर्ण इंतजाम किए गए हैं. सभी एंक्लोजर्स में कूलर, डक्टिंग और फव्वारे लगाए गए हैं. इससे न केवल तापमान नियंत्रित रहेगा, बल्कि जानवरों को गर्मी से राहत भी मिलेगी.

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में खास इंतजाम
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में खास इंतजाम (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)