शहीद की बहन की शादी में भाई बनकर पहुंचे सैन्य जवान, पूरी की आशीष की कमी, खुशी से दुल्हन की आंखें हुई नम
सिरमौर जिले के शहीद आशीष कुमार की बहन की शादी में उनके रेजिमेंट से आए जवानों ने भाई की भूमिका निभाई.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : October 3, 2025 at 3:04 PM IST
|Updated : October 3, 2025 at 4:35 PM IST
पांवटा साहिब: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, सिरमौर जिले के आंजभोज के भरली गांव के शहीद आशीष कुमार की बहन आराधना (पूजा) के विवाह में सेना के जवानों ने भाई की कमी महसूस नहीं होने दी. आराधना के शादी में पूर्व सैनिक और रेजिमेंट ने शादी में भाई द्वारा की जाने वाली सभी रस्मों को पूरी निष्ठा से निभाया. इस दौरान शादी में मौजूद परिवार के सदस्य और मेहमान सैनिकों की भावना और सौहार्द देखकर भाव विभोर हो गए. शादी में शहीद आशीष की रेजिमेंट के सैनिक और भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र के पूर्व सैनिक शामिल हुए.
आशीष कुमार ने दिया सर्वोच्च बलिदान
बता दें कि सिरमौर जिले के आशीष कुमार 19 ग्रेनेडियर बटालियन के तहत अरुणाचल प्रदेश में सेवारत थे. 27 अगस्त 2024 को 'ऑपरेशन अलर्ट' के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए और वीरता का परिचय देते हुए देश को अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. इसलिए शहीद आशीष की बहन की शादी के मौके पर इन सैनिकों और पूर्व सैनिकों की उपस्थिति न केवल उनके सम्मान का प्रतीक थे, बल्कि यह आश्वासन भी था कि सेना का बंधन सेवा से परे अपने शहीदों के परिवारों तक भी फैला हुआ है.

क्या बोली शहीद की बहन?
ETV भारत ने फोन पर शहीद आशीष कुमार की बहन आराधना से बात की. इस दौरान वह भावुक हो गई. आराधना ने कहा, "आज भले ही मेरा भाई इस दुनिया में नहीं है, लेकिन सेना के जवानों ने मुझे भाई की कमी महसूस नहीं होने दी. मेरे भाई का साथ और आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है. मेरे भाई ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है. उनका सपना था कि जब मेरी शादी होगी, तब वे और उनके दोस्त हमारे गांव में आएंगे और मेरी शादी को यादगार बना देंगे".
शगुन में दी 3 लाख की एफडी
वहीं, इस शादी में रेजिमेंट से आए सैनिकों और भूतपूर्व सैनिक संगठन ने आराधना को बैंक में 3 लाख की एफडी के रूप में शगुन और स्मृति चिन्ह भेंट किया, जो सेना, रेजिमेंट और सैन्य संगठन का परिवार के साथ खड़े रहने की स्थायी प्रतिबद्धता का प्रतीक है. सेना के इस भाव ने उपस्थित सभी मेहमानों के दिलों को छू लिया और सभी को याद दिलाया कि भारतीय सेना अपने नायकों और उनके परिजनों को कभी नहीं भूलती.

दुल्हन आराधना ने जवानों से लिया आशीर्वाद
इस अप्रत्याशित सम्मान से अभिभूत दुल्हन ने नम आंखों से सभी का आशीर्वाद प्राप्त किया. बाद में सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों ने बहन को उनके ससुराल तक छोड़कर भाई की पूरी जिम्मेदारी का निर्वहन किया. ग्रेनेडियर रेजिमेंट के जवानों और भूतपूर्व सैनिक संगठन ने यह साबित किया कि उनका भाईचारा शाश्वत है.

शादी में पहुंचे भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ के पदाधिकारी नरेंद्र चौहान ने कहा, "शहीद आशीष हमेशा अमर रहेंगे. शादी में जिस तरीके से भूतपूर्व सैनिक और यूनिट के सैनिकों ने शहीद की बहन को डोली में विदाई दी, वो पल बेहद भावुकता से भरा हुआ था. लेकिन खुशी इस बात की थी कि बहन पूजा को भाई की कमी का एहसास नहीं होने दिया. हम से जितना हो पाया हमने शहीद की बहन की मदद की. शहीद आशीष कुमार हमेशा देश के लोगों के दिलों में राज करेंगे. भूतपूर्व सैनिक संगठन शहीद के परिवार वालों के साथ हर वक्त खड़ा रहेगा".
शादी में पहुंचे सैन्य अधिकारी और जवान
इस शादी समारोह में शहीद आशीष की रेजिमेंट से कमान अधिकारी एवं साथियों का संदेश और सम्मान लेकर हवलदार राकेश कुमार और नायक रामपाल सिंह पहुंचे. इस दौरान उनके साथ नायक मनीष कुमार, ग्रेनेडियर अभिषेक, ग्रेनेडियर आयुष कुमार और सेना में सेवारत मेजर अनूप तोमर और पैराट्रूपर नदिश कुमार सहित अन्य साथी मौजूद रहे.

वहीं, इसके अलावा भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष सूबेदार मेजर करनैल सिंह, उपाध्यक्ष हरिंदर सिंह, सचिव ओमप्रकाश चौहान, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, सलाहकार हाकम सिंह व सुरेश कुमार देवा और नेत्र सिंह, मामराज सिंह पृथ्वी सिंह, दिनेश कुमार, नेत्र सिंह, नरेंद्र ठुंडू, देवेंद्र नेगी, सोहन सिंह उपस्थित रहे.

