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शिक्षक भर्ती में भी धांधली, 2018 और 2022 की भर्ती में एसओजी ने 121 शिक्षकों पर दर्ज किया मुकदमा

एसओजी की एसआईटी ने रीट में गड़बड़ी कर नौकरी हासिल करने के आरोप में 121 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

SOG action against Teachers
एसओजी जयपुर (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 11, 2025 at 5:27 PM IST

2 Min Read
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जयपुर: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच के लिए बनी एसओजी की एसआईटी ने अब साल 2018 और 2022 की शिक्षक भर्ती को लेकर शिकंजा कस दिया है. रीट-2018 और रीट-2022 में गड़बड़ी कर नौकरी हासिल करने के आरोप में 121 शिक्षकों के खिलाफ एसओजी ने मुकदमा दर्ज किया है. राज्य सरकार ने पांच साल में हुई भर्तियों की जांच रिपोर्ट एसओजी को देने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए थे. विभाग की आतंरिक जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर अब एसओजी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

एसओजी के डीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि एसआईटी के गठन के बाद हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे. इस हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा पास करने और फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी हासिल करने की शिकायत मिली थी.

डीआईजी परिस देशमुख (ETV Bharat Jaipur)

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शिकायतों की व्यापकता को ध्यान में रखते हुए एसओजी ने मुख्य सचिव से विभागवार टीम बनाकर जांच करवाने का आग्रह किया था. इसके बाद कार्मिक विभाग ने पांच साल की सभी भर्तियों में फर्जी डिग्री और डमी अभ्यर्थी की जांच करने के निर्देश दिए थे. इसी कड़ी में प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने विभागीय जांच कर एसओजी को एक रिपोर्ट भेजी है. इस रिपोर्ट के आधार पर दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं.

जांच में जुटी एसओजी: उन्होंने बताया कि एक मुकदमा रीट-2018 से जुड़ा है, जबकि दूसरा मुकदमा रीट-2022 से जुड़ा है. विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों मुकदमों में 121 शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है. अब एसओजी जांच में जुटी है. विभाग के आरोपों की पुष्टि होने पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

हर संभाग पर बनाई कमेटी: दरअसल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने हर संभाग पर चार सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया था. विभागीय जांच में सामने आया है कि परीक्षा देने वाले और नौकरी करने वाले शख्स के दस्तखत और फोटो अलग-अलग हैं. इसके अलावा कुछ शिक्षकों के डिग्री और रीट के प्रमाण पत्र भी संदिग्ध पाए गए हैं. पहली रिपोर्ट में 49 और दूसरी रिपोर्ट में 72 शिक्षकों के नाम है.