अच्छी पहल : बच्चों और युवाओं को सिखा रहे हुनर, निशुल्क दे रहे स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग
अलवर में बच्चों और युवाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए कंप्यूटर और इंग्लिश सिखाई जा रही है.

Published : July 27, 2025 at 5:15 PM IST
|Updated : July 27, 2025 at 5:24 PM IST
अलवर : आज के दौर में बच्चों में स्किल डेवलपमेंट जरूरी है. यही कारण है कि सरकारी एवं गैर सरकारी स्तर पर युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के प्रयास किए जा रहे हैं. उच्च एवं मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे स्किल डेवलपमेंट का अवसर हासिल कर लाखों रुपए के पैकेज पाने में सफल हो रहे हैं, लेकिन गरीब व निम्न वर्ग के ज्यादातर युवा अभी स्किल डवलपमेंट से दूर हैं. गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चे भी स्किल डेवलपमेंट का लाभ उठा लाखों रुपए के पैकेज पा सकें, इसके लिए अलवर की गुरु मिलाप ऑर्गेनाइजेशन यूएसए, गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा साकेत दिल्ली, सहायता आईएनसी यूएसए संस्थाएं मिलकर स्कूली शिक्षा के बाद स्किल डेवलपमेंट से वंचित रहे बच्चों को रोजगार से जोड़ने के प्रयास में जुटी है.
यह संस्थाएं एक सेंटर के माध्यम से बच्चों को कंप्यूटर और इंग्लिश की स्किल डेवलपमेंट कर रोजगार के योग्य बनाने के प्रयास में लगी हैं. अलवर के लिवारी गांव में छोटे बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा दिलाने की व्यवस्था भी की गई है. इसमें करीब 350 बच्चे शिक्षा का लाभ ले रहे हैं. प्रबंधन समिति के सदस्य तारिफ सिंह ने बताया कि उनकी संस्था की ओर से लिवारी में छोटे बच्चों की शिक्षा मुहैया कराने के साथ ही बड़े बच्चों को भी रोजगार से जोड़ने के लिए स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्था करने का विचार मन में आया. इसी विचार से प्रेरित होकर अलवर शहर में 12वीं कक्षा तक पढ़ाई कर चुके एवं किसी कारणवश स्किल डेवलपमेंट से वंचित रहे जरूरतमंद बच्चों के लिए उनकी संस्था मुफ्त में स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करवा रही है. इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में जरूरतमंद बच्चों को कंप्यूटर में बेसिक से एडवांस तक और इंग्लिश के विभिन्न कोर्सेज करवाए जाते हैं.
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ट्रेनिंग प्रोग्राम में 180 बच्चे ले रहे नि:शुल्क प्रशिक्षण : तारिफ सिंह ने बताया कि इन संस्थाओं की ओर से चलाए जा रहे ट्रेनिंग प्रोग्राम में अलवर जिले के झाहरखेड़ा, दादर, नौगांवा, रामगढ़, मालाखेड़ा, चिकानी सहित अलवर शहर से 25 से 30 किलोमीटर परिधि के गांवों से करीब 180 बच्चे प्रशिक्षण का लाभ ले रहे हैं. यह प्रशिक्षण 4 से लेकर 12 महीने तक चलते हैं. इनके अंतर्गत से बेसिक से लेकर एडवांस लेवल तक कंप्यूटर के कोर्स सिखाए जाते हैं. कंप्यूटर कोर्स के अंतर्गत एडओब व माइक्रो सॉफ्ट की ओर से आयोजित परीक्षा के सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे. उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से ट्रेनिंग प्रोग्राम में बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त प्रशिक्षक ट्रेनिंग दे रहे हैं. इन प्रशिक्षकों का तीन स्तर की परीक्षा के बाद चयन किया जाता है.
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ऐसे होता है प्रशिक्षण के लिए बच्चों का चयन : तारिफ सिंह ने बताया कि संस्थान में प्रशिक्षण के लिए बच्चों का चयन दो तरीके से किया जाता है. इसमें पहले जरूरतमंद बच्चों को चिन्हित किया जाता है. इसके बाद उनके परिवार के बारे में जानकारी ली जाती है. जरूरतमंद बच्चों के सत्यापन के बाद उनकी अंकतालिका की जांच की जाती है. अंकतालिका में 50 प्रतिशत से ज्यादा अंक मिलने पर उस बच्चे का प्रशिक्षण के लिए चयन किया जाता है. सेंटर पर प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों में कुछ कॉलेज स्तर के हैं और कुछ स्कूलों से ड्रॉप आउट भी शामिल हैं.

प्रशिक्षण के बाद जॉब दिलाने में करेंगे मदद : तारिफ सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों को ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जॉब दिलाने में मदद की जाएगी. इसके लिए कंपनियों से सम्पर्क किया जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी जरूरतमंद बच्चों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे. अलवर में इस संस्थान को शुरू हुए करीब तीन महीने हो चुके हैं. अलवर शहर में इस संस्थान को शुरू करने के पीछे मुख्य कारण रहा कि यहां सेंटर खुलने से अलवर शहर के आसपास के 30 किलोमीटर की परिधि के गांवों से ज्यादा से ज्यादा जरुरतमंद युवा भाग ले सकेंगे. आगामी समय में खैरथल में इसी तरह संस्थान का ट्रेनिंग सेंटर शुरू करने की योजना है.
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युवाओं का कहना, सेंटर में बेहतर सुविधाएं : ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे युवा रविन्द्र सिंह, प्रिंस सिंह एवं युवती ख्वाहिश ने बताया कि अलवर में संचालित यह संस्थान जरूरतमंद युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो रहा है. इस सेंटर में युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के साथ इंग्लिश स्पीकिंग में काफी सहायता मिल रही है. इस सेंटर में युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण मुहैया कराया जा रहा है. सेंटर पर उच्च शिक्षा प्राप्त फैकल्टी प्रशिक्षण दे रही हैं, जिससे जरूरतमंद युवा लाभान्वित हो रहे हैं. इन युवाओं को इस सेंटर पर मिला प्रशिक्षण रोजगार दिलाने में सहायक होगा.
इस तरह संस्थाएं कर रहीं मदद : तारिफ सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग प्रोग्राम को संचालित करने के लिए सहायता यूएसए संस्था की ओर से प्रशिक्षकों को वेतन की व्यवस्था की जा रही है. गुरु मिलाप संस्था यूएसए की ओर से भवन निर्माण की मदद की जा रही है. साथ ही गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा साकेत दिल्ली की ओर से संस्थान में कंप्यूटर, चेयर, सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं.


