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Delhi: वकीलों के साथ मारपीट के विरोध में साकेत कोर्ट में आज हड़ताल, जानें पूरा मामला

-नर्सरी में वकीलों के साथ मारपीट -वकील आज काम का बहिष्कार करेंगे - एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग

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साकेत कोर्ट के वकील (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : October 22, 2024 at 10:32 AM IST

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Updated : October 22, 2024 at 12:43 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली के महरौली इलाके में एक नर्सरी में वकीलों पर कथित हमले के विरोध में यहां साकेत जिला अदालत के वकील आज काम का बहिष्कार करेंगे. साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन’ के वकीलों को कहा गया है कि सम्माननीय सदस्य महरौली थाना क्षेत्र में वकीलों पर स्थानीय गुंडों के क्रूर हमले के कारण 22 अक्टूबर को काम पूरी तरह बंद रखें. बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने इस बात की पुष्टि की कि अदालत में काम के बहिष्कार का आह्वान किया गया है.

एसोसिएशन के पूर्व सचिव धीर सिंह कसाना ने बताया कि सोमवार को कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन के पास एक नर्सरी में वकीलों पर हुए हमले के विरोध में हड़ताल की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में सोमवार रात को प्राथमिकी दर्ज की. हमें उम्मीद है कि आरोपी को आज (मंगलवार को) गिरफ्तार कर लिया जाएगा. कसाना ने कहा कि घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है और इसे लेकर कानून बिरादरी से जुड़े लोगों में रोष है.

वकीलों के साथ मारपीट (ETV Bharat)

सोशल मीडिया पर सोमवार को वकील के साथ मारपीट का एक वीडियो सामने आया था. वीडियो कुतुब मेट्रो स्टेशन के पास एक नर्सरी का है. जहां वीडियो में कुछ लोग डंडों से वकीलों पर वार करते हुए नजर आ रहे हैं. मारपीट की इस घटना के वीडियो पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे वकील राम बाबू सिसोदिया अपने परिवार के साथ तुगलकाबाद एक्सटेंशन में रहते हैं. राम बाबू साकेत कोर्ट में अधिवक्ता है. उनका दावा है कि उनकी जमीन पर कुतुब मेट्रो के पास नर्सरी है. यह जमीन उन्होंने किराए पर दे रखी है.

रामबाबू का आरोप है कि वह सोमवार को अपने एसोसिएट के साथ नर्सरी पर पहुंचे थे. यहां पर कुछ युवकों ने लाठी डंडों से उन पर हमला कर दिया. आरोपियों ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ वार कर दिए. आरोपियों ने राम बाबू को भी घायल कर दिया. देर रात तक मामले में किसी भी पक्ष की तरफ से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई. इस मामले में साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव अधिवक्ता धीर सिंह कसाना का कहना है कि वकीलों के साथ हो रही ऐसी वारदातों को रोकने के लिए ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाना होगा.

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Last Updated : October 22, 2024 at 12:43 PM IST