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अभी RGPV घोटाले की सारी परतें खुलना बाकी, अब ED की भी एंट्री, तत्कालीन रजिस्ट्रार के घर दबिश - RGPV Scam ED RAID

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हुए घोटाले में अब नया मोड़ आ गया है. अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई है. सोमवार को ईडी की टीम ने तत्कालीन रजिस्ट्रार के घर पर छापेमारी. बता दें कि ये मामला पहले से ही भोपाल जिला अदालत में चल रहा है.

RGPV Scam ED RAID
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय घोटाला (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : September 2, 2024 at 4:48 PM IST

2 Min Read
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भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में हुए करीब 19.48 करोड़ रुपये के घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तत्कालीन रजिस्ट्रार आरएस राजपूत के निवास पर दबिश दी है. इस मामले की जहां एक ओर जांच चल रही है तो ईडी को इसमें बड़े घोटाले की आशंका है. प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने आरएस राजपूत के एयरपोर्ट रोड स्थिति घर पर छापा मारकर दस्तावेज और साक्ष्य एकत्रित किए हैं.

कुलपति से लेकर रजिस्ट्रार हैं आरोपी

बता दें कि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 19.48 करोड़ रुपये के घोटाले में कुलपति से लेकर रजिस्ट्रार तक कई अफसरों पर आरोप हैं. कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार, पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, तत्कालीन फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा, बैंक मैनेजर मयंक सहित 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. मामले की सुनवाई भोपाल जिला अदालत में चल रही है. ईडी ये जानने की कोशिश में है कि इस घोटालें में कितनी राशि का हेरफेर किया गया है और कौन-कौन और लोग शामिल हैं.

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ये है पूरा मामला, किस पर क्या आरोप

गौरतलब है कि राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने छात्रों के पैसों से एफडी कराई थी और उन पैसों का दुरुपयोग किया गया था. बताया गया कि करीब 20 करोड़ रुपये निजी अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे. इस मामले में यूनिवर्सिटी के तत्कालीन रजिस्ट्रार आर एस राजपूत, रिटायर्ड फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा, तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार का नाम सामने आया था. जिसके बाद उन पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की गई. वहीं, आरबीएल बैंक के कर्मचारी कुमार मयंक, दलित संघ सोहागपुर पर भी गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद सभी पर धोखाधड़ी के मामले गांधीनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी.